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Shamli News: पशु चिकित्सालय बदहाल, घास-फूस में दबा इलाज
Fri, 04 Sep 2026 01:13 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Fri, 04 Sep 2026 01:13 AM IST
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राजकीय पशु चिकित्सालय ऊन के परिसर में उगी घास। संवाद
ऊन। तहसील मुख्यालय होने के बावजूद ऊन का राजकीय पशु चिकित्सालय बदहाली का शिकार है। चिकित्सालय के गेट से लेकर परिसर के अंदर तक बड़ी-बड़ी घास उगी हुई है। यहां कई वर्षों से चिकित्सक और फार्मासिस्ट की स्थायी तैनाती नहीं हो सकी है। इसके चलते पशुपालकों को पशुओं का उपचार कराने के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है।
वर्तमान में गढ़ीपुख्ता में तैनात डॉ. इमरान अंसारी को ऊन राजकीय पशु चिकित्सालय का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। पहले से ही जिले के सात अस्पतालों का अतिरिक्त कार्यभार संभाल रहे डॉ. अंसारी के लिए सभी केंद्रों पर पर्याप्त समय देना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में ऊन पशु चिकित्सालय की व्यवस्थाएं भी प्रभावित हो रही हैं।
तहसील स्तर के पशु चिकित्सालय में डिप्टी सीवीओ समेत पर्याप्त चिकित्सकीय एवं अन्य स्टाफ की व्यवस्था होनी चाहिए, लेकिन यहां लंबे समय से स्थायी चिकित्सक और फार्मासिस्ट तक की तैनाती नहीं है। कस्बावासी राहुल और सतबीर ने बताया कि चिकित्सालय की बदहाली और स्थायी स्टाफ की नियुक्ति को लेकर कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं हुआ। उन्होंने चिकित्सालय में नियमित चिकित्सक, फार्मासिस्ट और अन्य आवश्यक स्टाफ की तैनाती के साथ परिसर की साफ-सफाई कराने की मांग की है।
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चिकित्सकों की कमी बनी समस्या
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी चंद्रभानू कश्यप ने बताया कि जिले में चिकित्सकों की कमी है। चिकित्सकों की नियुक्ति के लिए शासन को कई बार पत्र भेजकर मांग की जा चुकी है। चिकित्सकों की उपलब्धता होने पर ऊन पशु चिकित्सालय में भी स्थायी तैनाती की व्यवस्था की जाएगी।
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वर्तमान में गढ़ीपुख्ता में तैनात डॉ. इमरान अंसारी को ऊन राजकीय पशु चिकित्सालय का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। पहले से ही जिले के सात अस्पतालों का अतिरिक्त कार्यभार संभाल रहे डॉ. अंसारी के लिए सभी केंद्रों पर पर्याप्त समय देना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में ऊन पशु चिकित्सालय की व्यवस्थाएं भी प्रभावित हो रही हैं।
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तहसील स्तर के पशु चिकित्सालय में डिप्टी सीवीओ समेत पर्याप्त चिकित्सकीय एवं अन्य स्टाफ की व्यवस्था होनी चाहिए, लेकिन यहां लंबे समय से स्थायी चिकित्सक और फार्मासिस्ट तक की तैनाती नहीं है। कस्बावासी राहुल और सतबीर ने बताया कि चिकित्सालय की बदहाली और स्थायी स्टाफ की नियुक्ति को लेकर कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं हुआ। उन्होंने चिकित्सालय में नियमित चिकित्सक, फार्मासिस्ट और अन्य आवश्यक स्टाफ की तैनाती के साथ परिसर की साफ-सफाई कराने की मांग की है।
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चिकित्सकों की कमी बनी समस्या
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी चंद्रभानू कश्यप ने बताया कि जिले में चिकित्सकों की कमी है। चिकित्सकों की नियुक्ति के लिए शासन को कई बार पत्र भेजकर मांग की जा चुकी है। चिकित्सकों की उपलब्धता होने पर ऊन पशु चिकित्सालय में भी स्थायी तैनाती की व्यवस्था की जाएगी।