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Shahjahanpur News: राजकीय मेडिकल कॉलेज में बवाल, छात्रा और कर्मियों को पीटा, आरोपियों ने की तोड़फोड़

Sat, 18 Jul 2026 01:57 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहांपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहांपुर Published by: बरेली ब्यूरो Updated Sat, 18 Jul 2026 01:57 AM IST
सार

शाहजहांपुर के राजकीय मेडिकल कॉलेज की डायलिसिस यूनिट में शुक्रवार को मरीज के तीमारदारों ने जमकर बवाल किया। उन्होंने टेक्नीशियन छात्रा अलका वर्मा और अन्य कर्मचारियों को पीटा। हमले के विरोध में छात्राओं ने ओपीडी बंद करा दी, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुईं। 

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Uproar at medical college female student and staff beaten up vandalism
डायलिसिस यूनिट के बाहर जुटी भीड़ - फोटो : संवाद

विस्तार

शाहजहांपुर के राजकीय मेडिकल कॉलेज की डायलिसिस यूनिट में खुद को विधायक का रिश्तेदार बता रहे मरीज के तीमारदारों ने शुक्रवार दोपहर जमकर बवाल किया। टेक्नीशियन डिप्लोमा की ट्रेनिंग कर रही छात्रा अलका वर्मा को मरीज के पिता ने थप्पड़ मारा तो मामला बढ़ गया। फिर तीन वाहनों से आए लोगों ने छात्रा व कर्मचारियों को घसीटकर पीटा।

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हमले से नाराज छात्राओं ने ओपीडी बंद करा दी। इससे करीब एक घंटे स्वास्थ्य सेवा प्रभावित हुई। मेडिकल कॉलेज प्राचार्य राजेश कुमार की ओर से दी गई तहरीर पर पुलिस ने जांच शुरू करते हुए दो लोगों को हिरासत में लिया है। सीसीटीवी में घटना के वीडियो फुटेज भी सामने आए हैं, जिनमें आरोपी मारपीट और तोड़फोड़ करते हुए दिख रहे हैं। वहीं मामले में अपना नाम शामिल होने पर ददरौल के भाजपा विधायक अरविंद सिंह ने किसी हमलावर से किसी तरह का संबंध न होने की बात कहकर पुलिस को अपने हिसाब से कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र बताया। 
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शुक्रवार सुबह 10 बजे मदनापुर क्षेत्र के महियाबाद गांव निवासी विजय प्रताप की सीकेडी (क्रोनिक किडनी डिजीज) से ग्रसित 19 वर्षीय बेटी लता सिंह डायलिसिस यूनिट के बेड नंबर एक पर भर्ती हुई थी। मनमाफिक बेड न मिलने से नाराज परिजन ने करीब साढ़े बारह बजे गुस्सा जाहिर किया। इस बातचीत की रिकार्डिंग करने की गलतफहमी पर छात्रा अलका और अन्य स्टाफ से उनकी कहासुनी हो गई। इस बीच अजीजगंज निवासी अलका को तीमारदार ने थप्पड़ जड़ दिया।
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तीन गाड़ियों से आए लोग 
विरोध करने पर छात्रा से अभद्रता करते हुए मरीज के परिजनों ने फोन कर अपने साथियों को बुला लिया। तीन गाड़ियों से आए लोगों ने यूनिट में हंगामा करते हुए गमले आदि तोड़ना शुरू कर दिया। लोगों को दौड़ा-दौड़कर पीटा। इस पर छात्राएं व कुछ कर्मचारी केबिन में छुप गए तो उन लोगों ने दरवाजे के शीशे तोड़कर बाहर निकालकर पीटा। स्टाफ ने इधर-उधर भागकर अपनी जान बचाई। 

साथ ही डायलिसिस कराने आए तीमारदार भी अपने मरीजों को लेकर वहां से चले गए। फिर आरोपी धमकाते हुए वहां से चले गए। इसके बाद गुंडागर्दी से नाराज कर्मचारियों ने मेडिकल कॉलेज के अंदर पहुंचकर ओपीडी में पर्चे बनाना काम रुकवाकर विरोध करना शुरू कर दिया।  साथ ही डायलिसिस यूनिट में ताला लगा दिया। फिर ओपीडी को पूर्ण रूप से बंद कराकर छात्राओं ने धरना दिया।

'विधायक दादा को फोन करो, सभी को पीटना है' 
डायलिसिस डिप्लोमा की छात्रा अनुष्का वर्मा ने बताया कि उनकी बहन अलका वर्मा डायलिसिस टेक्नीशियन कोर्स की 2024 बैच की छात्रा है। मरीज के तीमारदारों ने अभद्रता करते हुए अलका को थप्पड़ मारा। जान बचाने के लिए वह केबिन में छुपी तो दरवाजे के शीशे तोड़कर बुरी तरह पीटा, बाल पकड़कर घसीटा और गला दबाया। अनुष्का ने बताया कि हमलावर खुद को भाजपा विधायक अरविंद सिंह का रिश्तेदार बता रहे थे। अलका का कहना है कि मोबाइल फोन से रिकार्डिंग की गलतफहमी पर उनके साथ मारपीट की गई। 

हमलावर कह रहे थे कि विधायक दादा को फोन करो, इन लोगों को पीटना है। इसके बाद आए लोगों ने मारपीट की। अलका ने कहा कि वे यहां सीखने और इलाज करने आई हैं, मार खाने के लिए नहीं। वहीं, छात्राओं ने घटना के सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध कराने की मांग की है। मूलरूप से गोरखपुर की रहने वाली और वर्तमान में आवास विकास कॉलोनी में रह रही छात्रा बेबी की गर्दन में चोट आई। अनुष्का ने बताया कि मेडिकल कॉलेज प्रशासन उन्हें ही निष्कासित करने की धमकी दे रहा है।

कार्य बहिष्कार से मरीज और तीमारदार हुए परेशान
छात्रा अलका व अन्य कर्मचारियों के साथ मारपीट के विरोध में कार्य बहिष्कार से मरीजों और तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ा। ओपीडी का पर्चा बनाने के एक बजे के निर्धारित समय से 40 मिनट पहले ही काउंटर बंद करा दिया गया। फिर करीब एक घंटा पूर्व ओपीडी बंद करा दी गई। इससे मरीजों को लौटना पड़ा। करीब 40 छात्राओं के कार्य बहिष्कार से वार्ड में बचे स्टाफ को परेशानी उठानी पड़ी। कार्य बहिष्कार की वजह से काफी कर्मचारी इधर-उधर चले गए। तीमारदार अपने मरीजों का स्ट्रेचर खुद ही खींचते नजर आए। ओपीडी के बाहर मिलीं सुनीता, ममता और नूरजहां का कहना था कि अब कल दोबारा आना पड़ेगा।

कार्रवाई के आश्वासन पर धरना खत्म  
धरने पर बैठीं छात्राओं को पुलिस ने शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं मानीं। प्राचार्य कक्ष के बाहर धरने पर बैठीं छात्राओं ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। बाद में कार्रवाई के आश्वासन पर धरना खत्म किया। वहीं पुलिस ने आरोपी विजय प्रताप समेत दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। 

हड़ताल की चेतावनी
डायलिसिस यूनिट इंचार्ज गिरा कौल राजपूत, स्टाफ नर्स प्रिया कश्यप, सीता देवी, साक्षी सिंह, डायलिसिस टेक्नीशियन बेबी गुप्ता, नवीन कुमार, सूरज, सुमित यादव ने प्राचार्य डॉ राजेश कुमार को ज्ञापन देकर सुरक्षा व आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। बताया, डायलिसिस यूनिट की नोडल एवं असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. सुप्रिया, नर्सिंग स्टाफ और डायलिसिस टेक्नीशियन की पूरी टीम मरीज लता की देखभाल कर रहे थे। तभी मरीज के पिता विजय प्रताप सिंह ने मोबाइल फोन से कॉल कर 20-25 लोगों को बुला लिया। इसके बाद भगदड़ मच गई। करीब डेढ़ घंटा चिकित्सालय से संबंधित मरीजों का कार्य बाधित रहा। यदि दो दिन में आरोपी गिरफ्तार नहीं हुए तो समस्त अधिकारी एवं कर्मचारी हड़ताल करने को बाध्य होंगे।

दो दिन पहले भी दो बार ट्रॉमा सेंटर में हुआ था हंगामा 
ट्रॉमा सेंटर के ईएमओ डॉ. वीके गंगवार, जेआर डॉ. देवेंद्र, डॉ. दिनेश, डॉ. राकेश, डॉ. अमन आदि स्टाफ ने प्राचार्य को प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की। पत्र में बताया कि 15 जुलाई को ट्रॉमा सेंटर में पीलीभीत के थाना कोतवाली क्षेत्र के गांव शिवदासपुर निवासी मरीज विशाल के इलाज के दौरान उसके परिजनों ने अनावश्यक विवाद किया। अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए हंगामा किया। वहीं, दूसरे मामले में ट्रॉमा सेंटर में घायल शानबी भर्ती हुई थी। आरोप है कि मरीज के पिता अनुपम सिंह ने झगड़ा शुरू कर दिया। कर्मियों को ड्यूटी काउंटर छोड़कर भागना पड़ा। 20 मिनट तक कार्य बाधित रहा। 

गार्ड और पुलिस चौकी सिर्फ दिखावा 
  राजकीय मेडिकल कॉलेज में करीब 50 गार्ड तैनात हैं और पुलिस चौकी बनी हुई है। इसके बावजूद मारपीट की वारदात अक्सर होती रहती है।  कुछ समय पहले प्राइवेट एंबुलेंसों के भी अंदर आने की शिकायत मिली थी। ऐसे में गार्ड और पुलिस चौकी की उपयोगिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। शुक्रवार को मारपीट-तोड़फोड़ होने के बाद ही पुलिस नजर आई। 

तीन सदस्यीय कमेटी गठित
राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि मैं घटना के वक्त प्रमुख सचिव की ऑनलाइन मीटिंग से जुड़ा हुआ था। तभी छात्रा को थप्पड़ मारे जाने और डायलिसिस यूनिट में मारपीट व तोड़फोड़ की जानकारी मिली। घटना से मरीज परेशान हुए हैं। जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। मामले में पुलिस अपनी कार्रवाई करेगी।

एसपी सौरभ दीक्षित ने कहा कि मामले में तहरीर पर जांच की जा रही है। फुटेज से पहचान कर सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।  

ददरौल विधायक अरविंद सिंह ने कहा कि मेडिकल कॉलेज में विवाद की जानकारी मिली है, लेकिन इसमें हमारा कोई रिश्तेदार शामिल नहीं था। मेरा विवाद से कोई मतलब नहीं है। पुलिस अपनी जांच करे और कार्रवाई करे। 
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