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Shahjahanpur News: गैरइरादतन हत्या में दो सगे भाइयों को दस-दस वर्ष कारावास की सजा
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शाहजहांपुर। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश आशीष वर्मा ने गैरइरादतन हत्या के एक मुकदमे में दो सगे भाइयों को दस-दस वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार सदर बाजार थाना क्षेत्र के मोहल्ला तारों वाला बाग निवासी अंजू यादव ने 24 मार्च 2013 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके भाई श्रीकृष्ण यादव की पक्का तालाब निवासी मुख्तार के साथ जान-पहचान थी। वह रोजाना मुख्तार की देखरेख के लिए उसके पास जाता था। इस बात को लेकर मुख्तार के परिवार के गुड्डू, उसके भाई अनवर, अकरम और गुड्डू की पत्नी सायबा रंजिश मानते थे।
24 मार्च 2013 को उसका भाई श्रीकृष्ण मुख्तार के पास गया था। इस दौरान उसकी सायबा के बेटे से किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। इस पर मुख्तार और श्रीकृष्ण को गुड्डू, अकरम, अनवर और सायबा ने लाठी-डंडों से जमकर मारा। इलाज के दौरान श्रीकृष्ण की मौत हो गई। अंजू की तहरीर के आधार पर पुलिस ने चारों लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली। गुड्डू उर्फ अकरम के विरुद्ध आरोप पत्र अदालत भेजा। अदालत में मुकदमा चलने के दौरान अपर जिला शासकीय अधिवक्ता के तर्कों को सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश ने गुड्डू उर्फ असलम और अकरम को दोषी पाया। दोनों को दस-दस वर्ष के कारावास और 20-20 हजार रुपये जुर्माने की सजा से दंडित किया।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार सदर बाजार थाना क्षेत्र के मोहल्ला तारों वाला बाग निवासी अंजू यादव ने 24 मार्च 2013 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके भाई श्रीकृष्ण यादव की पक्का तालाब निवासी मुख्तार के साथ जान-पहचान थी। वह रोजाना मुख्तार की देखरेख के लिए उसके पास जाता था। इस बात को लेकर मुख्तार के परिवार के गुड्डू, उसके भाई अनवर, अकरम और गुड्डू की पत्नी सायबा रंजिश मानते थे।
24 मार्च 2013 को उसका भाई श्रीकृष्ण मुख्तार के पास गया था। इस दौरान उसकी सायबा के बेटे से किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। इस पर मुख्तार और श्रीकृष्ण को गुड्डू, अकरम, अनवर और सायबा ने लाठी-डंडों से जमकर मारा। इलाज के दौरान श्रीकृष्ण की मौत हो गई। अंजू की तहरीर के आधार पर पुलिस ने चारों लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली। गुड्डू उर्फ अकरम के विरुद्ध आरोप पत्र अदालत भेजा। अदालत में मुकदमा चलने के दौरान अपर जिला शासकीय अधिवक्ता के तर्कों को सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश ने गुड्डू उर्फ असलम और अकरम को दोषी पाया। दोनों को दस-दस वर्ष के कारावास और 20-20 हजार रुपये जुर्माने की सजा से दंडित किया।
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