शाहजहांपुर में फिर बाढ़ का खतरा: गर्रा और खन्नौत नदी में बढ़ा जलस्तर, सुभाषनगर कॉलोनी में भरा पानी
शाहजहांपुर में गर्रा नदी उफान पर है, जिससे सुभाषनगर कॉलोनी में पानी भर गया है। तिलहर, जलालाबाद और कलान में भी नदियां उफान पर हैं। खन्नौत नदी का जलस्तर भी बढ़ रहा है। खुदागंज में गर्रा नदी के कटान से खिरिया-गौहनिया मार्ग जलमग्न है।
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शाहजहांपुर में गर्रा नदी उफनाने लगी है। खन्नौत नदी का भी जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। शनिवार को गर्रा नदी का जलस्तर बढ़ने से बरुआ नाला से होते हुए पानी सुभाषनगर कॉलोनी में प्रवेश कर गया। इससे सड़कों और गलियों में पानी भर गया। जलस्तर को बढ़ते देखकर क्षेत्र के लोगों की धड़कनें बढ़ने लगी हैं। प्रशासन की ओर से अभी कोई बचाव के इंतजाम नहीं दिखाई दिए हैं। वहीं, तिलहर, जलालाबाद और कलान तहसील में नदियां उफान पर हैं। शमसाबाद-फर्रुखाबाद स्टेट हाईवे पर पानी फिर से बहने लगा है।
गर्रा और खन्नौत नदी में जलस्तर बढ़ने से बीते वर्षों में बाढ़ आ चुकी है। दोनों बार प्रशासन की ओर बाढ़ से बचाव के लिए कार्ययोजना तैयार की गई, लेकिन उन पर अमल नहीं हो सका। राहत के नाम पर ककरा स्थित गर्रा नदी का पुल एक मीटर ऊंचा किया गया। जहां से पुल उठाया गया था, वहां तक जलस्तर पहुंच गया है। अगर जलस्तर और बढ़ेगा तो पानी पुल से फिर टकरा सकता है। आसपास कि कॉलोनियों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। घर के सामान को दूसरी मंजिल ले जाने की तैयारी शुरू कर दी है।
नगर निगम के नए भवन की चहारदीवारी से टकरा रहा पानी
पुरुष कामकाज पर निकल जाते हैं। महिलाओं को खासकर परेशानी बढ़ गई है। मनफूल कॉलोनी, कांशीराम कॉलोनी, आवास विकास कॉलोनी, अब्दुल्लागंज, अजीजगंज आदि मोहल्लों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। नगर निगम के नए भवन की चहारदीवारी से गर्रा नदी का पानी टकराने लगा है। जलस्तर बढ़ने पर चहारदीवारी के लिए खतरा पैदा हो सकता है। अजीजगंज में बने एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर में गर्रा नदी की बाढ़ का पानी पहुंच गया है। यहां पर कुत्तों की नसबंदी का कार्य बंद हो गया है। स्टाफ भी अपनी बचाकर निकालकर निकल गया है।
खुदागंज क्षेत्र में गर्रा नदी के कटान से खिरिया-गौहनिया मार्ग पर जलमग्न
गर्रा (देवहा) नदी में उफान बढ़ने से तहसील के कई तटीय गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। खुदागंज ब्लॉक में गर्रा की बाढ़ अब रौद्र रूप लेने पर आमादा है। वहां नदी खिरिया और गौहनियां गांव के पास तेजी से भूमि कटान कर रही है। इससे खिरिया-गौहनिया के बीच करीब एक किमी लंबे संपर्क मार्ग के कई हिस्से जलमग्न हो गए हैं। बाढ़ की आपदा बढ़ती देख दोनों गांवों के लोग अपनी जान-माल की सुरक्षा को लेकर बेहद चिंतित हैं और प्रशासन से राहत और बचाव कार्य तत्काल शुरू कराए जाने की मांग की है।
रामगंगा नदी के निशाने पर कई गांव
जलालाबाद क्षेत्र में रामगंगा और बहगुल नदियों के बहाव के बदले रुख से तटवर्ती गांवों में उपजाऊ जमीनों का तेजी से कटान हो रहा है जिससे ग्रामीणों की नींद उड़ी हुई है। उफनाई नदियों का रुख इस बार उत्तर पूर्व में मुड़ जाने से क्षेत्र के करीब एक दर्जन गांवों में तेजी से कटान जारी है। करीब दस दिनों में यह नदियां प्रभावित गांवों की सैकड़ों बीघा फसल खड़े खेत, बोरिंग व पेड़ आदि लील चुकी है। प्रशासन अभी तक इस समस्या से बचाव का कोई प्रयास शुरू नहीं कर सका है।
एडीएम वित्त एवं राजस्व अरविंद कुमार ने बताया कि प्रशासन लगातार नदियों के जलस्तर पर नजर रख रहा है। जहां पर पानी बढ़ गया है, वहां पर बचाव और राहत कार्य शुरू कर दिए गए हैं।