Shahjahanpur News: खुटार के कैमहरिया में पीएचसी तो है... पर डॉक्टर और स्टाफ नदारद, नहीं मिल रहा इलाज
ग्रामीणों ने बताया कि पीएचसी पर तीन दिन फार्मासिस्ट और तीन दिन वार्ड बॉय बैठते हैं। डॉक्टर नहीं आते हैं। ऐसे में मरीज भी इलाज के लिए खुटार और पुवायां की दौड़ लगा रहे हैं।
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गांव के रमजान ने बताया कि पीएचसी पर तीन दिन फार्मासिस्ट और तीन दिन वार्ड बॉय बैठते हैं। डॉक्टर नहीं आते हैं। ऐसे में मरीज भी इलाज के लिए खुटार और पुवायां की दौड़ लगा रहे हैं। ग्रामीणों ने शिकायत भी की, लेकिन पीएचसी पर तैनात डॉक्टर और कर्मचारियों पर इसका कोई फर्क नहीं पड़ा। तसलीम ने बताया कि फार्मासिस्ट और वार्ड बॉय खांसी, जुकाम, बुखार की कुछ दवाएं दे देते हैं। कोई अधिकारी पीएचसी की व्यवस्थाओं को देखने के लिए नहीं आता है। इस कारण स्वास्थ्यकर्मी मनमानी से काम करते हैं।
सीएचसी प्रभारी डॉ. संजीव कुमार ने बताया कि कैमहरिया में डॉ. अंकित वर्मा की तैनाती है, लेकिन शुक्रवार को वह खुटार सीएचसी में ड्यूटी कर रहे थे। फार्मासिस्ट और वार्ड बॉय क्यों नदारद थे, इसकी जांच कराई जाएगी। उन्हें नोटिस जारी किया जाएगा।

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की ओपीडी में लगा ताला
दस हजार की आबादी को नहीं मिल रहीं स्वास्थ्य सुविधाएं
लखीमपुर बार्डर पर बसा यह गांव खुटार ब्लॉक मुख्यालय से 11 किलोमीटर दूर है। आसपास के नवाजपुर, महमूदपुर सैंजनिया, रघुनाथपुर, दिलीपपुर, लक्ष्मीपुर सहित 10-12 गांवों की 10 हजार की आबादी को स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए कैमहरिया में पीएचसी का निर्माण कराया गया था। उम्मीद थी कि अब किसी के बीमार होने पर खुटार की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी, लेकिन यह दिखावा ही साबित होकर रह गया है। पीएचसी पर डॉ. अंकित वर्मा, फार्मासिस्ट विजयपाल वर्मा, वार्ड ब्वॉय मुखत्यार अली और एक एएनएम की तैनाती है।
अस्पताल के अन्य कमरों के हालात और भी चौंकाने वाले हैं। यहां के पंजीकरण कक्ष में एक झाड़ू और एक बाल्टी रखी थी। पैथालॉजी कक्ष में जांच के लिए कोई उपकरण मौजूद नहीं था।
कैमहरिया पीएचसी बंद होने की जांच कराई जाएगी। डॉक्टर और कर्मचारी क्यों नहीं पहुंचे, इसका जवाब तलब होगा। जल्द ही व्यवस्थाएं सही कराईं जाएंगी।- डॉ. अंसार अली, कार्यवाहक सीएमओ शाहजहांपुर