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Shahjahanpur News: फर्टिलाइजर कंपनी में कार्यरत होना बताता था फर्जी दरोगा
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खुटार (शाहजहांपुर)। खुटार में पकड़े गए मथुरा निवासी फर्जी दरोगा गौरव शर्मा ने पिता और परिजनों काे बता रखा था कि वह खुटार में रहकर एक फर्टिलाइजर कंपनी के लिए काम करता है। परिजनों को उसके दरोगा बनकर रहने की जानकारी नहीं थी।
मथुरा के थाना कृष्णानगर के जनकपुरी निवासी गौरव शर्मा दो साल से खुटार में खुद को दरोगा बताकर घूम रहा था। वह बावर्दी घूमता था और लोगों को बताता था कि उसकी तैनाती एडीजी स्तर के अधिकारी से सीधे हुई है। 17 नवंबर की रात वाहन चेकिंग के दौरान उसे वर्दी में देखकर खुटार थाने के एसएसआई सुभाषचंद्र ने पूछताछ की तो गौरव सही जवाब नहीं दे सका और उसकी पोल खुल गई।
गौरव को थाने लाकर रिपोर्ट दर्ज करने के बाद पूछताछ की गई, लेकिन उसने पुलिस को खास जानकारी नहीं दी। बाद में उसका चालान कर दिया गया।
थाना प्रभारी राजेंद्र कुमार रावत ने बताया कि गौरव के दरोगा पिता को जानकारी दी गई तो उन्होंने उसे गलत आचरण वाला बता दिया। पिता ने पुलिस को बताया कि गौरव खुटार में रहकर एक फर्टिलाइजर कंपनी के लिए काम करना बताता था। थाना प्रभारी ने बताया कि जिस मकान में गौरव किराये पर रहता था, वहां तलाशी में कुछ खास नहीं मिलने के कारण मकान सील नहीं किया गया है। जांच चल रही है, अभी कोई नया तथ्य नहीं मिला है।
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ज्यादा दहेज की शादी के लिए बना फर्जी दरोगा
पुलिस के अनुसार गौरव शर्मा ने पूछताछ में बताया है कि वह चाहता था कि उसकी शादी उच्च शिक्षित युवती से हो और दहेज भी ज्यादा मिल सके, लेकिन बेरोजगारी के कारण उसकी मंशा पूरी नहीं हो रही थी। इस कारण उसने दरोगा की वर्दी पहननी शुरू कर दी और खुद को दरोगा बताने लगा। गौरव का गृह जनपद काफी दूर होने के कारण उसको लगा था कि खुटार क्षेत्र के लोगों को उसकी असलियत पता नहीं लग सकेगी। पुलिस के अनुसार गौरव ने बीए तक पढ़ाई की है।
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मथुरा के थाना कृष्णानगर के जनकपुरी निवासी गौरव शर्मा दो साल से खुटार में खुद को दरोगा बताकर घूम रहा था। वह बावर्दी घूमता था और लोगों को बताता था कि उसकी तैनाती एडीजी स्तर के अधिकारी से सीधे हुई है। 17 नवंबर की रात वाहन चेकिंग के दौरान उसे वर्दी में देखकर खुटार थाने के एसएसआई सुभाषचंद्र ने पूछताछ की तो गौरव सही जवाब नहीं दे सका और उसकी पोल खुल गई।
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गौरव को थाने लाकर रिपोर्ट दर्ज करने के बाद पूछताछ की गई, लेकिन उसने पुलिस को खास जानकारी नहीं दी। बाद में उसका चालान कर दिया गया।
थाना प्रभारी राजेंद्र कुमार रावत ने बताया कि गौरव के दरोगा पिता को जानकारी दी गई तो उन्होंने उसे गलत आचरण वाला बता दिया। पिता ने पुलिस को बताया कि गौरव खुटार में रहकर एक फर्टिलाइजर कंपनी के लिए काम करना बताता था। थाना प्रभारी ने बताया कि जिस मकान में गौरव किराये पर रहता था, वहां तलाशी में कुछ खास नहीं मिलने के कारण मकान सील नहीं किया गया है। जांच चल रही है, अभी कोई नया तथ्य नहीं मिला है।
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ज्यादा दहेज की शादी के लिए बना फर्जी दरोगा
पुलिस के अनुसार गौरव शर्मा ने पूछताछ में बताया है कि वह चाहता था कि उसकी शादी उच्च शिक्षित युवती से हो और दहेज भी ज्यादा मिल सके, लेकिन बेरोजगारी के कारण उसकी मंशा पूरी नहीं हो रही थी। इस कारण उसने दरोगा की वर्दी पहननी शुरू कर दी और खुद को दरोगा बताने लगा। गौरव का गृह जनपद काफी दूर होने के कारण उसको लगा था कि खुटार क्षेत्र के लोगों को उसकी असलियत पता नहीं लग सकेगी। पुलिस के अनुसार गौरव ने बीए तक पढ़ाई की है।