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Shahjahanpur News: पांच भौतिक तत्वों से बना शरीर पंचवटी के समान
Mon, 21 Apr 2025 01:35 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Mon, 21 Apr 2025 01:35 AM IST
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रौसरकोठी स्थित श्री नारायण ठाकुर द्वारा मंदिर में रामकथा सुनाते आचार्य योगेश दीक्षित। संवाद
- फोटो : kathua
रोजा। रौसर कोठी के श्री नारायण ठाकुरद्वारा मंदिर में आयोजित श्री नवचंडी महायज्ञ, श्रीराम कथा व श्रीमद् भागवत कथा छठे दिन भी जारी रही। कथा व्यास पंडित योगेश दीक्षित महाराज ने चित्रकूट व पंचवटी की महिमा और सुंदर कांड का मनोहारी वर्णन किया।
उन्होंने कहा कि लौकिक दृष्टि में चित्रकूट भले ही एक स्थान है, किंतु आध्यात्मिक दृष्टि से हमारा चित्त ही चित्रकूट के समान है। ठीक इसी प्रकार पांच भौतिक तत्वों से बना हमारा शरीर पंचवटी जैसा है और इसे पावन बनाए रखना हम सभी का कर्तव्य है। महर्षि वाल्मीकि भी कहते हैं कि भक्ति, ज्ञान और वैराग्य चित्त रूपी चित्रकूट में वास करें। ऋषि और मनीषी कहते हैं कि शरीर रूपी पंचवटी में प्रभु श्रीराम, भ्राता लक्ष्मण और माता सीता के गुणों का वास हो। इससे पूर्व आचार्य शांतनु शुक्ला ने भगवान श्रीकृष्ण जी की बाल लीलाओं का वर्णन किया। प्रारंभ में नैमिषारण्य से आए आचार्य स्वतंत्र कुमार मिश्रा, रत्नेश मिश्रा, मधुर मिश्रा व पुलकित शुक्ला ने यज्ञ कराया। परी किशोरी ने भजनों से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कथा श्रवण में स्वामी रामेश्वराश्रम जी महाराज, संजीव मिश्रा, बीनू सिंह, आनंद दीक्षित, अखिलेश तिवारी आदि श्रद्धालु शामिल रहे।
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उन्होंने कहा कि लौकिक दृष्टि में चित्रकूट भले ही एक स्थान है, किंतु आध्यात्मिक दृष्टि से हमारा चित्त ही चित्रकूट के समान है। ठीक इसी प्रकार पांच भौतिक तत्वों से बना हमारा शरीर पंचवटी जैसा है और इसे पावन बनाए रखना हम सभी का कर्तव्य है। महर्षि वाल्मीकि भी कहते हैं कि भक्ति, ज्ञान और वैराग्य चित्त रूपी चित्रकूट में वास करें। ऋषि और मनीषी कहते हैं कि शरीर रूपी पंचवटी में प्रभु श्रीराम, भ्राता लक्ष्मण और माता सीता के गुणों का वास हो। इससे पूर्व आचार्य शांतनु शुक्ला ने भगवान श्रीकृष्ण जी की बाल लीलाओं का वर्णन किया। प्रारंभ में नैमिषारण्य से आए आचार्य स्वतंत्र कुमार मिश्रा, रत्नेश मिश्रा, मधुर मिश्रा व पुलकित शुक्ला ने यज्ञ कराया। परी किशोरी ने भजनों से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कथा श्रवण में स्वामी रामेश्वराश्रम जी महाराज, संजीव मिश्रा, बीनू सिंह, आनंद दीक्षित, अखिलेश तिवारी आदि श्रद्धालु शामिल रहे।
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