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Shahjahanpur News: रोडवेज की बसें खटारा, कौन करे यात्रा
Sat, 13 Jan 2024 02:18 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Sat, 13 Jan 2024 02:18 AM IST
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शाहजहांपुर। लगातार गिर रहे तापमान की वजह से रोडवेज की बसों से यात्रियाें ने सफर करना कम कर दिया है। यात्रियों की संख्या लगातार गिरने से परिवहन निगम को करीब दस लाख रुपये की रोज चपत लग रही है। लोकल मार्ग समेत कई मुख्य मार्गों पर दौड़ने वाली खटारा बसाें के चलते लोग सर्दी में सफर करने से बच रहे हैं।
शाहजहांपुर डिपो के बेड़े में सरकारी 110 और अनुबंधित 84 बसों का संचालन किया जाता है। बसों में सामान्य दिनों में 30 से 32 लाख रुपये का राजस्व रोजाना मिलता था लेकिन बसों की मरम्मत नहीं कराइ गई। कई खटारा बसों की खिड़की, फर्श और अन्य जगहों से हवा आती है। इससे यात्री बस के अंदर बैठकर ठिठुरने को मजबूर होते हैं। इसके चलते वे रोडवेज बस में जाने के बजाय सफर टाल रहे हैं। इस वक्त निगम को मात्र 22 लाख रुपये का राजस्व ही प्राप्त हो रहा है।
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खिड़की के हैंडल गायब, खिड़कियों से आती है हवा
-रोडवेज की तमाम बसों में खिड़की के हैंडल गायब हैं। शीशों को बंद करने के लिए यात्रियाें को दुश्वारियों से जूझना पड़ता है। खिड़की के छेद से आने वाली ठंडी हवा से यात्री बेहाल हो जाते हैं। ऐसे में ठंड के बीच लंबा सफर करना मुसीबत साबित होता है।
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-सर्दी में यात्रियाें की संख्या में कमी आई है। बृहस्पतिवार को करीब 22 लाख रुपये का राजस्व निगम को प्राप्त हुआ है। धूप खिलने पर यात्रियों के बढ़ने की उम्मीद है।
विनोद मिश्रा, डिपो प्रभारी
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शाहजहांपुर डिपो के बेड़े में सरकारी 110 और अनुबंधित 84 बसों का संचालन किया जाता है। बसों में सामान्य दिनों में 30 से 32 लाख रुपये का राजस्व रोजाना मिलता था लेकिन बसों की मरम्मत नहीं कराइ गई। कई खटारा बसों की खिड़की, फर्श और अन्य जगहों से हवा आती है। इससे यात्री बस के अंदर बैठकर ठिठुरने को मजबूर होते हैं। इसके चलते वे रोडवेज बस में जाने के बजाय सफर टाल रहे हैं। इस वक्त निगम को मात्र 22 लाख रुपये का राजस्व ही प्राप्त हो रहा है।
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खिड़की के हैंडल गायब, खिड़कियों से आती है हवा
-रोडवेज की तमाम बसों में खिड़की के हैंडल गायब हैं। शीशों को बंद करने के लिए यात्रियाें को दुश्वारियों से जूझना पड़ता है। खिड़की के छेद से आने वाली ठंडी हवा से यात्री बेहाल हो जाते हैं। ऐसे में ठंड के बीच लंबा सफर करना मुसीबत साबित होता है।
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-सर्दी में यात्रियाें की संख्या में कमी आई है। बृहस्पतिवार को करीब 22 लाख रुपये का राजस्व निगम को प्राप्त हुआ है। धूप खिलने पर यात्रियों के बढ़ने की उम्मीद है।
विनोद मिश्रा, डिपो प्रभारी