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आपात कटौती और ओवरलोडिंग से जिले में बढ़ रहा बिजली का संकट
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विमलेश चंद्र
- फोटो : SHAHJAHANPUR
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शाहजहांपुर। प्रदेश में एक के बाद एक बंद हो रहीं तापीय विद्युत इकाइयों का असर जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली संकट के तौर पर दिखने लगा है। विद्युत निगम के अभियंताओं के अनुसार हरदुआगंज और पारीछा बिजलीघरों की कुछ इकाइयां पहले से बंद थीं और बीते दिन से अनपारा बिजलीघर की तीन इकाइयां बन्द हो जाने से ग्रामीण क्षेत्र की बिजली आपूर्ति के समय में आपात कटौती की अवधि बढ़ रही है। यही नहीं, तहसील स्तर के शहरी क्षेत्रों में भी कटौती के अलावा ओवरलोडिंग से बिजली संकट बढ़ रहा है।
ग्रामीण क्षेत्र में तीन से चार घंटे हो रही कटौती
शासन के निर्देशानुसार जिला मुख्यालयों को 24 घंटे, तहसीलों के नगरीय क्षेत्रों (कस्बों) को 21.30 घंटे और ग्रामीण क्षेत्रों को 18 घंटे बिजली आपूर्ति के निर्देश हैं। निगम के पारेषण खंड का दावा है कि तीन दिन पहले तक लखनऊ सिस्टम कंट्रोल के निर्देश पर ग्रामीण क्षेत्रों में तीन से चार घंटे कटौती करनी पड़ी, लेकिन अब आपूर्ति के लिहाज से स्थिति सुधरी है, लेकिन वितरण खंड के अभियंता इससे सहमत नहीं हैं। उनका कहना है कि नार्थ ग्रिड को ओवरलोडिंग से फेल होने से बचाने को ग्रामीण फीडरों पर रोजाना औसतन तीन से चार घंटे कटौती हो रही है।
ओवरलोडिंग से हाईटेंशन लाइनें हो रहीं खराब
बिजली आपूर्ति के दौरान 33 केवी और 11 केवी क्षमता की हाईटेंशन लाइनों पर हो रही ओवरलोडिंग से भी बत्ती गुल हो रही है। दो दिन पहले बहादुरगंज और गोविंदगंज उपकेंद्र की 33 केवी लाइन खराब हो जाने से शहरी क्षेत्र के तमाम मोहल्लों और कॉलोनियों में करीब दो घंटे तक बत्ती गुल रही। ग्रामीण क्षेत्रों में गेहूं की फसल को आग से बचाने के बहाने दिन में अघोषित कटौती हो रही है और रात में 11 बजे से आपात कटौती हो रही है।
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पुवायां क्षेत्र में रात में घंटों गुल रही बिजली
पुवायां। नगर और देहात सभी जगह बिजली कटौती की जा रही है। गर्मी में बिजली की मांग भी बढ़ गई है, इससे भी बिजली उत्पादन इकाइयों पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। गांवों में दिन में कटौती के अलावा रात में भी कई घंटे तक बिजली काटी जा रही है। नगर क्षेत्र में भी रात में तीन से चार घंटे की कटौती हो रही है। संवाद
जलालाबाद में पांच घंटे कम मिल रही सप्लाई
जलालाबाद। कटौती का कोई शेड्यूल न होने से उपभोक्ता का काफी परेशान है। ग्रामीण क्षेत्र का काफी बुरा हाल है। मौजूदा समय में यहां छह से सात घंटे तक कटौती की जा रही है, जबकि नगर में भी पहले की अपेक्षा चार से पांच घंटे कम बिजली मिल रही है। संवाद
सिंधौली मेंआठ घंटे मिल रही आपूर्ति
सिंधौली। उपभोक्ताओं को बमुश्किल सात-आठ घंटे बिजली नसीब हो रही है। पूछने पर आपात कटौती बता दी जाती है। बृहस्पतिवार को दिन में तीन बजे बंद की गई बिजली आपूर्ति रात आठ बजे शुरू हुई और आधा घंटे बाद फिर बिजली काट दी गई। मुड़िया पवार, चंदपई, महमूदापुर, मूड़ा हारिस, मैनी, जमुनिया आदि गांव बिजली संकट से जूझ रहे हैं।
गर्मी में हाल बेहाल
गर्मी में बिजली कटौती ने हाल बेहाल कर रखा है। दिन भर काम के बाद आदमी रात में सुकून से सोना चाहता है, लेकिन भीषण गर्मी में बिजली नहीं मिलने से यह संभव नहीं हो रहा। -गोपाल त्रिवेदी, जुझारपुर, पुवायां
अब भी कम आपूर्ति
अभी तक यह कह कर गांवों की बिजली काट दी जाती थी कि गेहूं की फसल को बिजली के तार आदि टूटने से खतरा हो सकता है, लेकिन अब गेहूं कटने के बाद भी बिजली कम मिल रही है। -रामशंकर मिश्रा, सिल्हुआ, खुटार
छत पर सोने को मजबूर
बिजली की कटौती और ट्रिपिंग सभी को परेशान कर रही है। भीषण गर्मी में रात में जमकर कटौती हो रही है। इस कारण रात में खुले में छत पर सोने को मजबूर होना पड़ रहा है। -कमल पांडेय, अंबेडकरनगर, जलालाबाद
गांव में कटौती ज्यादा
गांव में कई-कई घंटे बिजली गुल रहती है। बिजली अभियंता ऊपर से कटौती होने की बात कहते हैं। बमुश्किल छह-सात घंटे आपूर्ति हो रही है, लेकिन उसमें भी तमाम बाधाएं हैं। -विमलेश चंद्र, नौगवां, जलालाबाद
उत्पादन में आई गिरावट
ताप बिजलीघरों की कई इकाइयों में खराबी आने से विद्युत उत्पादन में गिरावट आ गई है। इसलिए ग्रामीण क्षेत्रों में आपात कटौती लागू होने से 18 घंटे के बजाय 14-15 घंटे बिजली दी जा रही है। गर्मियों में बिजली की मांग बढ़ने से लाइनें ओवरलोड हो रही हैं। लाइनों में कहीं कोई खराबी आने उसमें सुधार के लिए फीडर बंद करने पड़ जाते हैं। -रंजीत कुमार, अधिशासी अभियंता (वितरण खंड प्रथम ग्रामीण)
अब हो रहा है सुधार
तीन दिन पहले बिजली उत्पादन घटने पर सिस्टम कंट्रोल के आदेश पर ग्रामीण क्षेत्र में कटौती कर 18 के बजाय 14 घंटे बिजली दी जा सकी। तहसीलों के नगरीय इलाकों में भी बमुश्किल 18-19 घंटे बिजली मिल सकी, लेकिन अब सुधार हुआ है। मुख्यालय को आज भेजी गई रिपोर्ट के अनुसार बीते दिन तहसील मुख्यालयों पर 21 घंटे और गांवों में 17.20 घंटे बिजली दी गई। -आरके उपाध्याय, अधिशासी अभियंता, पारेषण खंड
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ग्रामीण क्षेत्र में तीन से चार घंटे हो रही कटौती
शासन के निर्देशानुसार जिला मुख्यालयों को 24 घंटे, तहसीलों के नगरीय क्षेत्रों (कस्बों) को 21.30 घंटे और ग्रामीण क्षेत्रों को 18 घंटे बिजली आपूर्ति के निर्देश हैं। निगम के पारेषण खंड का दावा है कि तीन दिन पहले तक लखनऊ सिस्टम कंट्रोल के निर्देश पर ग्रामीण क्षेत्रों में तीन से चार घंटे कटौती करनी पड़ी, लेकिन अब आपूर्ति के लिहाज से स्थिति सुधरी है, लेकिन वितरण खंड के अभियंता इससे सहमत नहीं हैं। उनका कहना है कि नार्थ ग्रिड को ओवरलोडिंग से फेल होने से बचाने को ग्रामीण फीडरों पर रोजाना औसतन तीन से चार घंटे कटौती हो रही है।
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ओवरलोडिंग से हाईटेंशन लाइनें हो रहीं खराब
बिजली आपूर्ति के दौरान 33 केवी और 11 केवी क्षमता की हाईटेंशन लाइनों पर हो रही ओवरलोडिंग से भी बत्ती गुल हो रही है। दो दिन पहले बहादुरगंज और गोविंदगंज उपकेंद्र की 33 केवी लाइन खराब हो जाने से शहरी क्षेत्र के तमाम मोहल्लों और कॉलोनियों में करीब दो घंटे तक बत्ती गुल रही। ग्रामीण क्षेत्रों में गेहूं की फसल को आग से बचाने के बहाने दिन में अघोषित कटौती हो रही है और रात में 11 बजे से आपात कटौती हो रही है।
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पुवायां क्षेत्र में रात में घंटों गुल रही बिजली
पुवायां। नगर और देहात सभी जगह बिजली कटौती की जा रही है। गर्मी में बिजली की मांग भी बढ़ गई है, इससे भी बिजली उत्पादन इकाइयों पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। गांवों में दिन में कटौती के अलावा रात में भी कई घंटे तक बिजली काटी जा रही है। नगर क्षेत्र में भी रात में तीन से चार घंटे की कटौती हो रही है। संवाद
जलालाबाद में पांच घंटे कम मिल रही सप्लाई
जलालाबाद। कटौती का कोई शेड्यूल न होने से उपभोक्ता का काफी परेशान है। ग्रामीण क्षेत्र का काफी बुरा हाल है। मौजूदा समय में यहां छह से सात घंटे तक कटौती की जा रही है, जबकि नगर में भी पहले की अपेक्षा चार से पांच घंटे कम बिजली मिल रही है। संवाद
सिंधौली मेंआठ घंटे मिल रही आपूर्ति
सिंधौली। उपभोक्ताओं को बमुश्किल सात-आठ घंटे बिजली नसीब हो रही है। पूछने पर आपात कटौती बता दी जाती है। बृहस्पतिवार को दिन में तीन बजे बंद की गई बिजली आपूर्ति रात आठ बजे शुरू हुई और आधा घंटे बाद फिर बिजली काट दी गई। मुड़िया पवार, चंदपई, महमूदापुर, मूड़ा हारिस, मैनी, जमुनिया आदि गांव बिजली संकट से जूझ रहे हैं।
गर्मी में हाल बेहाल
गर्मी में बिजली कटौती ने हाल बेहाल कर रखा है। दिन भर काम के बाद आदमी रात में सुकून से सोना चाहता है, लेकिन भीषण गर्मी में बिजली नहीं मिलने से यह संभव नहीं हो रहा। -गोपाल त्रिवेदी, जुझारपुर, पुवायां
अब भी कम आपूर्ति
अभी तक यह कह कर गांवों की बिजली काट दी जाती थी कि गेहूं की फसल को बिजली के तार आदि टूटने से खतरा हो सकता है, लेकिन अब गेहूं कटने के बाद भी बिजली कम मिल रही है। -रामशंकर मिश्रा, सिल्हुआ, खुटार
छत पर सोने को मजबूर
बिजली की कटौती और ट्रिपिंग सभी को परेशान कर रही है। भीषण गर्मी में रात में जमकर कटौती हो रही है। इस कारण रात में खुले में छत पर सोने को मजबूर होना पड़ रहा है। -कमल पांडेय, अंबेडकरनगर, जलालाबाद
गांव में कटौती ज्यादा
गांव में कई-कई घंटे बिजली गुल रहती है। बिजली अभियंता ऊपर से कटौती होने की बात कहते हैं। बमुश्किल छह-सात घंटे आपूर्ति हो रही है, लेकिन उसमें भी तमाम बाधाएं हैं। -विमलेश चंद्र, नौगवां, जलालाबाद
उत्पादन में आई गिरावट
ताप बिजलीघरों की कई इकाइयों में खराबी आने से विद्युत उत्पादन में गिरावट आ गई है। इसलिए ग्रामीण क्षेत्रों में आपात कटौती लागू होने से 18 घंटे के बजाय 14-15 घंटे बिजली दी जा रही है। गर्मियों में बिजली की मांग बढ़ने से लाइनें ओवरलोड हो रही हैं। लाइनों में कहीं कोई खराबी आने उसमें सुधार के लिए फीडर बंद करने पड़ जाते हैं। -रंजीत कुमार, अधिशासी अभियंता (वितरण खंड प्रथम ग्रामीण)
अब हो रहा है सुधार
तीन दिन पहले बिजली उत्पादन घटने पर सिस्टम कंट्रोल के आदेश पर ग्रामीण क्षेत्र में कटौती कर 18 के बजाय 14 घंटे बिजली दी जा सकी। तहसीलों के नगरीय इलाकों में भी बमुश्किल 18-19 घंटे बिजली मिल सकी, लेकिन अब सुधार हुआ है। मुख्यालय को आज भेजी गई रिपोर्ट के अनुसार बीते दिन तहसील मुख्यालयों पर 21 घंटे और गांवों में 17.20 घंटे बिजली दी गई। -आरके उपाध्याय, अधिशासी अभियंता, पारेषण खंड

गोपाल त्रिवेदी, जुझारपुर पुवायां- फोटो : POWAYAN

रामशंकर मिश्रा, सिल्हुआ खुटार- फोटो : POWAYAN

कमल पांडेय- फोटो : SHAHJAHANPUR