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पीईटी : पहले दिन 9350 अभ्यर्थियों ने छोड़ी परीक्षा
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शाहजहांपुर। परीक्षा सेंटर पहुंचने के लिए अभ्यर्थियों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। रेलवे स्टेशन से लेकर बस अड्डे अभ्यर्थियों से खचाखच भरे रहे। ट्रेन और बसों में सीट को जूझते हुए वह शहर पहुंचे तो कई अभ्यर्थियों को पैदल ही सेंटर तक जाना पड़ा।
पीईटी में पहले दिन 20 हजार अभ्यर्थी दूसरे जिलों से यहां परीक्षा देने आए। दो दिनों में 40 हजार अभ्यर्थी शामिल होंगे। अभ्यर्थियों को सेंटर तक पहुंचने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। रेलवे स्टेशन और बस अड्डे पर इतने अभ्यर्थी पहुंच गए कि शुक्रवार रात से ही स्टेशन पर पैर रखने की जगह नहीं बची। अभ्यर्थी अव्यवस्थाओं से जूझते हुए परीक्षा देने पहुंचे। कई अभ्यर्थियों को ट्रेन और बसों में खड़े होने की जगह बनाने में पसीना छूट गया। वाहनों में लटककर भी अभ्यर्थी परीक्षा देने पहुंचे। वहीं, रेलवे स्टेशन पर भी अव्यवस्थाएं हावी दिखीं। प्लेटफार्म नंबर एक पर बैठने के लिए कुर्सियां न होने की वजह से परीक्षार्थियों को जमीन पर बैठना पड़ा। पूरे प्लेटफार्म पर टीनशेड न होने से धूप में खड़े होकर ट्रेन के आने का इंतजार किया। एक नंबर पर आने वाली गाड़ियों को दूसरे और तीसरे प्लेटफार्म पर रोके जाने से अभ्यर्थी ट्रैक पार करते देखे गए। सुरक्षा के नाम पर सिर्फ एक जीआरपी जवान एनाउंसमेंट करता दिखा।
पहले दिन 9350 अभ्यर्थियों ने छोड़ी परीक्षा
शाहजहांपुर। प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (पीईटी) शनिवार को 20 केंद्रों पर दो पालियों में हुई। दोनों पालियों में कुल 9350 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे, जबकि हर पाली में 10032 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। करीब 47 फीसदी अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे।
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पीईटी प्रथम पाली सुबह 10 बजे से शुरू हुई। दो घंटा पहले परीक्षार्थी परीक्षा केंद्र पहुंचने लगे थे। परीक्षार्थियों को परीक्षा शुरू होने से एक घंटा पहले केंद्र में प्रवेश दिया गया। दोपहर 12 बजे तक प्रथम पाली की परीक्षा हुई। दूसरी पाली दोपहर तीन से शाम पांच बजे तक चली। परीक्षा को शांतिपूर्वक कराने के लिए सभी केंद्रों पर मजिस्ट्रेट व पुलिस बल की तैनाती रही। मोबाइल, आईटी गजेट्स आदि केंद्र के बाहर जमा करा लिए गए। केंद्रों के आसपास फोटोकॉपी की दुकान, साइबर कैफे बंद रहे।
नोडल अधिकारी रामसेवक द्विवेदी ने बताया कि पहले दिन कहीं से भी कोई गड़बड़ी की सूचना नहीं है। डीआईओएस शौकीन सिंह ने बताया कि प्रथम पाली में 5375 तथा द्वितीय पाली में 5539 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी।
केंद्र पर पहुंचने के बाद भी नहीं दे सके परीक्षा
लखनऊ से परीक्षा देने आए प्रशांत सिंह ने बताया कि परीक्षा का समय सुबह 10 बजे था। वह साढ़े नौ बजे केंद्र पहुंच गए लेकिन देर से आने का हवाला देते हुए रोक दिया गया। एक अभ्यर्थी ने बताया कि उनके प्रवेशपत्र में कहीं इस बात का जिक्र नहीं था कि अभ्यर्थियों को कितने बजे परीक्षा केंद्र पहुंचना है। कई लोग साढ़े नौ से पौने दस बजे तक केंद्र पर पहुंच गए लेकिन उन्हें अंदर नहीं घुसने दिया गया।
डीएम ने किया केंद्रों का निरीक्षण
डीएम ने जीएफ कॉलेज तथा फूल सिंह शिक्षा निकेतन समेत कई परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने कक्षों में देखा। साथ ही सीसीटीवी कैमरों से कक्षों की निगरानी की गई।
कलक्ट्रेट में स्थापित कंट्रोल रूम के नंबरों पर दिन भर कॉल आती रहीं। अधिकांश लोग केंद्रों की जानकारी लेते रहे।
परीक्षार्थी बोले ठीक रहा पेपर, लेकिन आने जाने में हुई परेशानी
शाहजहांपुर। प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (पीईटी) देने के बाद अधिकांश परीक्षार्थी संतुष्ट नजर आए। उनका कहना था कि परीक्षा की तैयारी पहले से कर रहे थे। परीक्षा के दौरान किसी तरह की परेशानी नहीं हुई। दूसरे जिलों में परीक्षा केंद्र बनाए जाने से आने-जाने में परेशानी हुई।
अदिति ने बताया कि उनका पेपर अच्छा हुआ। पढ़ने वाले अभ्यर्थियों को परीक्षा देने में किसी तरह की परेशानी नहीं हुई होगी। उन्होंने भी पहले से तैयारी कर रखी थी।
हर्ष मिश्रा ने बताया कि पीईटी देने के लिए लखनऊ से यहां आए। आने जाने में सबसे ज्यादा परेशानी हुई। सीतापुर से यहां तक आने के लिए पांच घंटे तक बस में खड़े रखना पड़ा।
अभिषेक का कहना था कि पेपर सामान्य था। आवागमन में ही समस्या हुई है। परीक्षा केंद्र तक पहुंचने के लिए ऑटो नहीं मिल पाया तो पैदल ही केंद्र तक जाना पड़ गया।
सुभाष ने बताया कि पेपर पिछली बार की अपेक्षा कठिन रहा। वहीं, पेपर देने के लिए लखनऊ से यहां को ट्रेन में रिजर्वेशन नहीं मिल पाने से जनरल डिब्बे में आना पड़ा।
आरती पाल ने बताया कि हरकुमार पाठक कन्या इंटर कॉलेज परीक्षा केंद्र था। केंद्र पर कोई सुविधा ही नहीं थी। कमरे में घड़ी तक नहीं थी। शौचालय में सफाई नहीं थी।
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पीईटी में पहले दिन 20 हजार अभ्यर्थी दूसरे जिलों से यहां परीक्षा देने आए। दो दिनों में 40 हजार अभ्यर्थी शामिल होंगे। अभ्यर्थियों को सेंटर तक पहुंचने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। रेलवे स्टेशन और बस अड्डे पर इतने अभ्यर्थी पहुंच गए कि शुक्रवार रात से ही स्टेशन पर पैर रखने की जगह नहीं बची। अभ्यर्थी अव्यवस्थाओं से जूझते हुए परीक्षा देने पहुंचे। कई अभ्यर्थियों को ट्रेन और बसों में खड़े होने की जगह बनाने में पसीना छूट गया। वाहनों में लटककर भी अभ्यर्थी परीक्षा देने पहुंचे। वहीं, रेलवे स्टेशन पर भी अव्यवस्थाएं हावी दिखीं। प्लेटफार्म नंबर एक पर बैठने के लिए कुर्सियां न होने की वजह से परीक्षार्थियों को जमीन पर बैठना पड़ा। पूरे प्लेटफार्म पर टीनशेड न होने से धूप में खड़े होकर ट्रेन के आने का इंतजार किया। एक नंबर पर आने वाली गाड़ियों को दूसरे और तीसरे प्लेटफार्म पर रोके जाने से अभ्यर्थी ट्रैक पार करते देखे गए। सुरक्षा के नाम पर सिर्फ एक जीआरपी जवान एनाउंसमेंट करता दिखा।
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पहले दिन 9350 अभ्यर्थियों ने छोड़ी परीक्षा
शाहजहांपुर। प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (पीईटी) शनिवार को 20 केंद्रों पर दो पालियों में हुई। दोनों पालियों में कुल 9350 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे, जबकि हर पाली में 10032 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। करीब 47 फीसदी अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे।
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पीईटी प्रथम पाली सुबह 10 बजे से शुरू हुई। दो घंटा पहले परीक्षार्थी परीक्षा केंद्र पहुंचने लगे थे। परीक्षार्थियों को परीक्षा शुरू होने से एक घंटा पहले केंद्र में प्रवेश दिया गया। दोपहर 12 बजे तक प्रथम पाली की परीक्षा हुई। दूसरी पाली दोपहर तीन से शाम पांच बजे तक चली। परीक्षा को शांतिपूर्वक कराने के लिए सभी केंद्रों पर मजिस्ट्रेट व पुलिस बल की तैनाती रही। मोबाइल, आईटी गजेट्स आदि केंद्र के बाहर जमा करा लिए गए। केंद्रों के आसपास फोटोकॉपी की दुकान, साइबर कैफे बंद रहे।
नोडल अधिकारी रामसेवक द्विवेदी ने बताया कि पहले दिन कहीं से भी कोई गड़बड़ी की सूचना नहीं है। डीआईओएस शौकीन सिंह ने बताया कि प्रथम पाली में 5375 तथा द्वितीय पाली में 5539 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी।
केंद्र पर पहुंचने के बाद भी नहीं दे सके परीक्षा
लखनऊ से परीक्षा देने आए प्रशांत सिंह ने बताया कि परीक्षा का समय सुबह 10 बजे था। वह साढ़े नौ बजे केंद्र पहुंच गए लेकिन देर से आने का हवाला देते हुए रोक दिया गया। एक अभ्यर्थी ने बताया कि उनके प्रवेशपत्र में कहीं इस बात का जिक्र नहीं था कि अभ्यर्थियों को कितने बजे परीक्षा केंद्र पहुंचना है। कई लोग साढ़े नौ से पौने दस बजे तक केंद्र पर पहुंच गए लेकिन उन्हें अंदर नहीं घुसने दिया गया।
डीएम ने किया केंद्रों का निरीक्षण
डीएम ने जीएफ कॉलेज तथा फूल सिंह शिक्षा निकेतन समेत कई परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने कक्षों में देखा। साथ ही सीसीटीवी कैमरों से कक्षों की निगरानी की गई।
कलक्ट्रेट में स्थापित कंट्रोल रूम के नंबरों पर दिन भर कॉल आती रहीं। अधिकांश लोग केंद्रों की जानकारी लेते रहे।
परीक्षार्थी बोले ठीक रहा पेपर, लेकिन आने जाने में हुई परेशानी
शाहजहांपुर। प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (पीईटी) देने के बाद अधिकांश परीक्षार्थी संतुष्ट नजर आए। उनका कहना था कि परीक्षा की तैयारी पहले से कर रहे थे। परीक्षा के दौरान किसी तरह की परेशानी नहीं हुई। दूसरे जिलों में परीक्षा केंद्र बनाए जाने से आने-जाने में परेशानी हुई।
अदिति ने बताया कि उनका पेपर अच्छा हुआ। पढ़ने वाले अभ्यर्थियों को परीक्षा देने में किसी तरह की परेशानी नहीं हुई होगी। उन्होंने भी पहले से तैयारी कर रखी थी।
हर्ष मिश्रा ने बताया कि पीईटी देने के लिए लखनऊ से यहां आए। आने जाने में सबसे ज्यादा परेशानी हुई। सीतापुर से यहां तक आने के लिए पांच घंटे तक बस में खड़े रखना पड़ा।
अभिषेक का कहना था कि पेपर सामान्य था। आवागमन में ही समस्या हुई है। परीक्षा केंद्र तक पहुंचने के लिए ऑटो नहीं मिल पाया तो पैदल ही केंद्र तक जाना पड़ गया।
सुभाष ने बताया कि पेपर पिछली बार की अपेक्षा कठिन रहा। वहीं, पेपर देने के लिए लखनऊ से यहां को ट्रेन में रिजर्वेशन नहीं मिल पाने से जनरल डिब्बे में आना पड़ा।
आरती पाल ने बताया कि हरकुमार पाठक कन्या इंटर कॉलेज परीक्षा केंद्र था। केंद्र पर कोई सुविधा ही नहीं थी। कमरे में घड़ी तक नहीं थी। शौचालय में सफाई नहीं थी।