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Shahjahanpur News: नहरें सूखी होने से मुरझाने लगीं धान और गन्ने की फसलें
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चौहानापुर में जाने वाली नहर सूखी हुई। संवाद
- फोटो : mathura
शाहजहांपुर। जुलाई माह में औसत से बहुत कम बारिश हुई। धान की रोपाई के बाद इस माह में फसल के लिए पानी की अधिक जरूरत होती है। नहरों में पानी नहीं छोड़ा जा रहा है। इससे किसानों को इंजन से सिंचाई करनी पड़ रही है। किसानों की लागत अधिक लग रही है। नहर विभाग के अधिकारियों का दावा है कि अधिकतर नहरों में पानी चल रहा है, जबकि किसान पानी नहीं आने से परेशान हैं।
नहर विभाग के अधिकारियों के मुताबिक जिले में निगोही, हरदोई और शाहजहांपुर ब्रांच की 121 नहरे हैं। बारिश कम होने की वजह से पानी की अधिक जरूरत है। सिंचाई विभाग की ओर से निगोही ब्रांच से शारदा नहर और कोरोकुइयां नहर में पानी चलाया जा रहा है। जल्द ही दूसरी नहरों में भी पानी छोड़ जाएगा। दूसरे खंड राष्ट्रीय जल प्रबंध के अधिकारियों का दावा है कि सभी नहरों में पानी चल रहा है, जबकि इनके क्षेत्र में आने वाली गर्रा नदी डाम से निकलकर चौहनापुर तक जाने वाली नहर सूखी पड़ी हुईं हैं।
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नहर में पानी नहीं आने से सिंचाई के लिए तरस रहे
कुर्रियाकलां। बारिश कम होने से खेतों में तैयार हो रही धान, गन्ने, सब्जियों आदि की फसलें मुरझाने लगी हैं। ऐसे में क्षेत्र की शारदा नहर और उसकी माइनरों में पानी नहीं होने से क्षेत्र के किसान सिंचाई के लिए परेशान हैं। नहर के विकल्प के तौर पर तमाम किसान सिंचाई के लिए नलकूप और सबमर्सिबल पंप पर निर्भर हैं, लेकिन चौहनापुर उपकेंद्र से निकले कुर्रिया फीडर की लाइन पर लो वोल्टेज और अघोषित कटौती होने से किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली नहीं मिल रही है। आपूर्ति के समय वोल्टेज कम हो जाने से नलकूप और सबमर्सिबल पंप की मोटरें नहीं चल पाती हैं। शारदा नहर से कांट ब्लॉक के गंगानगर, हठीपुर कुर्रिया, बाबरपुर, कौढ़ा, बिरुआमई, सरथौली व बहरी कुर्रिया, इसी नहर से निकले जसनपुर से नगलाजाजू तक गई माइनर से बरेंडा, कटैया, बहादुरापुर, रसेम व नगला, गुरथना माइनर से उमराह, भानपुर व रावतपुर, इमलिया, रत्नापुर आदि तीन दर्जन गांवों की हजारों हेक्टेयर जमीन सिंचित होती है। नहर सूखी होने से इन सभी गांवों में सिंचाई प्रभावित हो रही है। जिला पंचायत सदस्य कुसुम मिश्रा के पति पूर्व जिला पंचायत सदस्य नीरज मिश्रा पिछले दिनों जिला पंचायत की बैठक में क्षेत्र की नहरें सूखी होने का मुद्दा उठा चुके हैं। उस समय अधिशासी अभियंता ने नहरों में तत्काल पानी छोड़े जाने की बात कही, लेकिन अब तक क्षेत्र की नहरों में पानी नहीं आने से किसान परेशान हैं। संवाद
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निगोही ब्रांच से दो नहरों में पानी छोड़ा जा रहा है। किसान सिंचाई के लिए नहरों को काट देते हैं। इससे फसलों को काफी नुकसान होता है। जिन नहरों में पानी छोड़ा जा रहा है, उनकी निगरानी विभाग के कर्मचारियों से कराई जा रही है।
- सुशील भास्कर, एक्सईएन, सिंचाई विभाग
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चौहानापुर जाने वाली नहर में पानी चल रहा है। अन्य नहरों में भी पानी चल रहा है। अगर कहीं से मांग आती है तो उन नहरों में भी पानी छोड़ जाएगा।
- देवेंद्र सहाय, एक्सईएन राष्ट्रीय जल प्रबंधन, सिंचाई विभाग
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नहर विभाग के अधिकारियों के मुताबिक जिले में निगोही, हरदोई और शाहजहांपुर ब्रांच की 121 नहरे हैं। बारिश कम होने की वजह से पानी की अधिक जरूरत है। सिंचाई विभाग की ओर से निगोही ब्रांच से शारदा नहर और कोरोकुइयां नहर में पानी चलाया जा रहा है। जल्द ही दूसरी नहरों में भी पानी छोड़ जाएगा। दूसरे खंड राष्ट्रीय जल प्रबंध के अधिकारियों का दावा है कि सभी नहरों में पानी चल रहा है, जबकि इनके क्षेत्र में आने वाली गर्रा नदी डाम से निकलकर चौहनापुर तक जाने वाली नहर सूखी पड़ी हुईं हैं।
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नहर में पानी नहीं आने से सिंचाई के लिए तरस रहे
कुर्रियाकलां। बारिश कम होने से खेतों में तैयार हो रही धान, गन्ने, सब्जियों आदि की फसलें मुरझाने लगी हैं। ऐसे में क्षेत्र की शारदा नहर और उसकी माइनरों में पानी नहीं होने से क्षेत्र के किसान सिंचाई के लिए परेशान हैं। नहर के विकल्प के तौर पर तमाम किसान सिंचाई के लिए नलकूप और सबमर्सिबल पंप पर निर्भर हैं, लेकिन चौहनापुर उपकेंद्र से निकले कुर्रिया फीडर की लाइन पर लो वोल्टेज और अघोषित कटौती होने से किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली नहीं मिल रही है। आपूर्ति के समय वोल्टेज कम हो जाने से नलकूप और सबमर्सिबल पंप की मोटरें नहीं चल पाती हैं। शारदा नहर से कांट ब्लॉक के गंगानगर, हठीपुर कुर्रिया, बाबरपुर, कौढ़ा, बिरुआमई, सरथौली व बहरी कुर्रिया, इसी नहर से निकले जसनपुर से नगलाजाजू तक गई माइनर से बरेंडा, कटैया, बहादुरापुर, रसेम व नगला, गुरथना माइनर से उमराह, भानपुर व रावतपुर, इमलिया, रत्नापुर आदि तीन दर्जन गांवों की हजारों हेक्टेयर जमीन सिंचित होती है। नहर सूखी होने से इन सभी गांवों में सिंचाई प्रभावित हो रही है। जिला पंचायत सदस्य कुसुम मिश्रा के पति पूर्व जिला पंचायत सदस्य नीरज मिश्रा पिछले दिनों जिला पंचायत की बैठक में क्षेत्र की नहरें सूखी होने का मुद्दा उठा चुके हैं। उस समय अधिशासी अभियंता ने नहरों में तत्काल पानी छोड़े जाने की बात कही, लेकिन अब तक क्षेत्र की नहरों में पानी नहीं आने से किसान परेशान हैं। संवाद
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निगोही ब्रांच से दो नहरों में पानी छोड़ा जा रहा है। किसान सिंचाई के लिए नहरों को काट देते हैं। इससे फसलों को काफी नुकसान होता है। जिन नहरों में पानी छोड़ा जा रहा है, उनकी निगरानी विभाग के कर्मचारियों से कराई जा रही है।
- सुशील भास्कर, एक्सईएन, सिंचाई विभाग
चौहानापुर जाने वाली नहर में पानी चल रहा है। अन्य नहरों में भी पानी चल रहा है। अगर कहीं से मांग आती है तो उन नहरों में भी पानी छोड़ जाएगा।
- देवेंद्र सहाय, एक्सईएन राष्ट्रीय जल प्रबंधन, सिंचाई विभाग