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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shahjahanpur News ›   Only three fire extinguishers were found in the three-story coaching center, and even those were defective.

Shahjahanpur News: तीन मंजिला कोचिंग सेंटर में मिले मात्र तीन अग्निशमन यंत्र, वे भी थे खराब

Wed, 24 Jun 2026 01:12 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 24 Jun 2026 01:12 AM IST
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Only three fire extinguishers were found in the three-story coaching center, and even those were defective.
काेचिंग सेंटर में अ​ग्निशमन यंत्र की जानकारी देती दमकल यूनिट के सदस्य। स्रोत: स्वयं - फोटो : samvad
शाहजहांपुर। लखनऊ में कोचिंग में अग्निकांड के बाद जिलास्तरीय अफसरों को कोचिंग सेंटरों के मानक चेक करने की तरफ ध्यान गया है। मंगलवार को कोचिंग सेंटरों के मानक चेक किए गए। दमकल यूनिट की टीम को अधिकांश कोचिंग सेंटर में आग से बचाव के इंतजाम नहीं मिले। चमकनी करबला स्थित एसएसबी कोचिंग सेटर के तीन मंजिला भवन में मात्र तीन अग्निशमन यंत्र मिले जो खराब थे।
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मंगलवार को दो टीमों ने कोचिंग सेंटरों की जांच की। टीम ने बीआरके कंप्यूटर सेंटर, गुरुकुल लाइब्रेरी व उत्तर प्रदेश कौशल विकास केंद्र, टारगेट कंप्यूटर ट्रेनिंग सेंटर व गुरुकुल लाइब्रेरी, बीबाईडी लाइब्रेरी व इनफिनिटी लर्निंग क्लासेज आदि में सुरक्षा उपकरणों की गहनता से जांच की। एफएसओ डॉ.बीएन पटेल ने बताया कि किसी भी कोचिंग में आग से बचाव के संसाधन नहीं मिले हैं।
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सभी कोचिंग किराये के भवन में संचालित होती मिलीं। अधिकतर में अग्निशमन यंत्र नहीं मिले। कुछ में यंत्र मिले तो वे चलने के लायक नहीं थे। संबंधित कोचिंग संचालकों को नोटिस जारी करेंगे, साथ ही डीआईओएस से व्यवस्थाएं पूरी कराने के लिए पत्राचार करेंगे।
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अफसरों को ठीक नहीं मिले दरवाजे, भगदड़ मचने पर निकलना होगा मुश्किल
नगर मजिस्ट्रेट रजनीकांत, सीओ सिटी देवव्रत वाजपेयी, डीआईओएस हरिवंश कुमार और सीएफओ ने विभिन्न कोचिंग सेंटरों का निरीक्षण किया। टीम ने आकाश इंस्टीट्यूट, एसएसवी स्टडी सर्किल, पीडब्लयू विद्यापीठ, इनोवेटिव क्लास, पाल मैथ क्लासेस व एटीएनएस कोचिंग सेंटर को देखा। आपदा के दृष्टिगत सेफ्टी ऑडिट में निकास का जायजा लिया। एक सेंटर में दरवाजे सही नहीं मिले। भगदड़ मचने पर बाहर निकलना मुश्किल हो जाएगा। अफसरों ने सेंटर के कर्मियों से अग्निशमन यंत्र चलवाकर देखा। निर्देश दिए कि आपदा होने की स्थिति में रास्ता अवरुद्ध न रहे। विद्युत वायरिंग को मजबूत कराने, ओवरलोड की स्थिति से बचने, एसी इत्यादि लगातार प्रयोग नहीं करने के लिए कहा।

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यह व्यवस्था होनी चाहिए
-ग्राउंड फ्लोर पर कोचिंग होने पर अग्निशमन यंत्र होना जरूरी है।
-दो मंजिला भवन में पांच हजार लीटर की टंकी और पंप होना जरूरी है।
-तीन मंजिला भवन पर दस हजार लीटर की पानी की टंकी, हौजरील व पंप लगा होना आवश्यक है।

काेचिंग सेंटर में अग्निशमन यंत्र की जानकारी देती दमकल यूनिट के सदस्य। स्रोत: स्वयं

काेचिंग सेंटर में अग्निशमन यंत्र की जानकारी देती दमकल यूनिट के सदस्य। स्रोत: स्वयं- फोटो : samvad

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