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भारी वाहनों के बोझ से कोलाघाट पैंटून पुल के फिर टूटे नट-बोल्ट, आवागमन बंद
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क्षतिग्रस्त कोलाघाट पैंटून पुल के टूटे नट बोल्ट
- फोटो : SHAHJAHANPUR
शाहजहांपुर। कोलाघाट पर पैंटून पुल बनने के बाद भी कलान-मिर्जापुर क्षेत्र के लोगों की दुश्वारियां कम नहीं हो रही हैं। भारी वाहनों के बोझ से एक बार पहले भी क्षतिग्रस्त हो चुके पैंटून पुल के सोमवार दोपहर नट-बोल्ट टूटने से आवागमन बंद हो गया। लोक निर्माण विभाग के अभियंता और कर्मचारी पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत में जुटे हुए हैं, लेकिन पैंटून ऊपर उठाने के लिए क्रेन नहीं मिलने से उन्हें काम करने मेे दिक्कत हो रही है।
गत वर्ष 29 नवंबर को कोलाघाट के पक्के पुल का एक पिलर जमीन में अचानक धंसने से पुल तीन भागों में बटने के साथ उसका बड़ा हिस्सा जमीन पर आ गया था। इससे कलान-मिर्जापुर क्षेत्र का जिला मुख्यालय से सीधा संपर्क टूट गया था। क्षेत्रवासियों की समस्या को देखते हुए लोक निर्माण मंत्री जितिन प्रसाद ने क्षतिग्रस्त पक्के पुल के समीप पैंटून पुल और कच्चे रास्ते पर खड़ंजा निर्माण करवाने और सेतु निगम के अधिकारियों को आगामी सितंबर तक पक्के पुल के टूटे हिस्से का निर्माण कराकर पुल को आवागमन योग्य बनाने के निर्देश दिए थे।
लोनिवि मंत्री के निर्देश पर पैंटून पुल और कच्चे रास्ते पर खड़ंजा निर्माण करा दिया गया, लेकिन पैंटून पुल आए दिन वाहनों के भारी दबाव में क्षतिग्रस्त होता रहा। 18 मई को भी पैंटून पुल क्षतिग्रस्त होने पर कई घंटे की मरम्मत के बाद उसे हल्के वाहनों यातायात लायक बनाया गया, लेकिन रात में पैंटून पुल से सामान ढोने वाले भारी वाहन भी निकलते रहे। इस वजह से सोमवार को दोपहर करीब एक बजे पुल दोबारा क्षतिग्रस्त हो गया। पुल पर आवागमन रोक दिए जाने से नदी के दोनों किनारों पर शाम तक वाहनों की कतारें लगी रहीं।
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पैंटून पुल से रात में भारी वाहनों के निकलने से पुल के गर्डर और स्लीपर को जोड़ने वाले नट-बोल्ट टूट गए हैं। नट-बोल्ट कसने के लिए क्रेन मंगाई गई है। क्रेन के आने पर ही गर्डर और स्लीपर को सीधा कर नए नट-बोल्ट लगाए जा सकेंगे और तभी पुल पर दोबारा यातायात चालू कराना संभव हो पाएगा। -ज्ञानेंद्र शर्मा, अवर अभियंता, लोक निर्माण विभाग (निर्माण खंड-1)
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गत वर्ष 29 नवंबर को कोलाघाट के पक्के पुल का एक पिलर जमीन में अचानक धंसने से पुल तीन भागों में बटने के साथ उसका बड़ा हिस्सा जमीन पर आ गया था। इससे कलान-मिर्जापुर क्षेत्र का जिला मुख्यालय से सीधा संपर्क टूट गया था। क्षेत्रवासियों की समस्या को देखते हुए लोक निर्माण मंत्री जितिन प्रसाद ने क्षतिग्रस्त पक्के पुल के समीप पैंटून पुल और कच्चे रास्ते पर खड़ंजा निर्माण करवाने और सेतु निगम के अधिकारियों को आगामी सितंबर तक पक्के पुल के टूटे हिस्से का निर्माण कराकर पुल को आवागमन योग्य बनाने के निर्देश दिए थे।
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लोनिवि मंत्री के निर्देश पर पैंटून पुल और कच्चे रास्ते पर खड़ंजा निर्माण करा दिया गया, लेकिन पैंटून पुल आए दिन वाहनों के भारी दबाव में क्षतिग्रस्त होता रहा। 18 मई को भी पैंटून पुल क्षतिग्रस्त होने पर कई घंटे की मरम्मत के बाद उसे हल्के वाहनों यातायात लायक बनाया गया, लेकिन रात में पैंटून पुल से सामान ढोने वाले भारी वाहन भी निकलते रहे। इस वजह से सोमवार को दोपहर करीब एक बजे पुल दोबारा क्षतिग्रस्त हो गया। पुल पर आवागमन रोक दिए जाने से नदी के दोनों किनारों पर शाम तक वाहनों की कतारें लगी रहीं।
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पैंटून पुल से रात में भारी वाहनों के निकलने से पुल के गर्डर और स्लीपर को जोड़ने वाले नट-बोल्ट टूट गए हैं। नट-बोल्ट कसने के लिए क्रेन मंगाई गई है। क्रेन के आने पर ही गर्डर और स्लीपर को सीधा कर नए नट-बोल्ट लगाए जा सकेंगे और तभी पुल पर दोबारा यातायात चालू कराना संभव हो पाएगा। -ज्ञानेंद्र शर्मा, अवर अभियंता, लोक निर्माण विभाग (निर्माण खंड-1)