Shahjahanpur: लोगों की आस्था का प्रमुख केंद्र है दुर्गा माता मंदिर, यहां खोदाई करते समय मिली थी मूर्ति
वर्ष 1950 में मंडी मैदान को गांधी पार्क में विकसित करने के लिए खोदाई कराई गई थी। उसी समय यहां आदि शक्ति मां दुर्गा की मूर्ति मिली थी। 60 के दशक में यहां भव्य मंदिर का निर्माण हुआ।
विस्तार
शाहजहांपुर के चौक मंडी स्थित दुर्गा माता मंदिर लोगों की आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है। मान्यता है कि मंदिर में सच्चे मन से माता के दर्शन करने पर उसकी मनोकामना जरूर पूरी होती है। मंदिर के पुजारी अरुण कुमार शुक्ल के अनुसार स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद सन 1950 में मंडी मैदान को गांधी पार्क में विकसित करने के लिए खोदाई कराते समय आदि शक्ति मां दुर्गा देवी की प्रतिमा निकली थी। तब से ही यहां पर पूजा अर्चना शुरू हो गई।
60 के दशक में भाटनटोला निवासी मटरू लाल और जगन्नाथ प्रसाद ने देवी मां की मूर्ति को स्थापित करवाया। पूर्व सांसद विशन चंद्र सेठ द्वारा जन सहयेाग से भव्य मंदिर का निर्माण कराया गया। मंदिर परिसर में दुर्गा माता की मूर्ति के अलावा संतोषी माता, शिव परिवार, विष्णु भगवान माता लक्ष्मी, राम भक्त हनुमान, सूर्य देव, शिवलिंग आदि की प्राण प्रतिष्ठा है।
नवरात्र में उमड़ती है भक्तों की भीड़
जनवरी माह में रामदरबार की प्राण प्रतिष्ठा भी कराई गई थी। नवरात्र में यहां पूजा पाठ के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ती है। इस मंदिर पर कमेटी की ओर से नवरात्र पर आठ दिन पहले ही व्यवस्थाएं शुरू करा दी जाती हैं। जिससे यहां आने वाले श्रद्धालुओं को देवी मां के दर्शन और पूजन में किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
पंडित अरुण शुक्ल ने कहा कि शुद्ध अंर्तमन से माता के दरबार में दर्शन करने वाले व्यक्ति को शीघ्र लाभ होता है। दर्शन की भावना होनी चाहिए, प्रदर्शन नहीं होना चाहिए। उन्होंने बताया कि नवरात्र में सुबह से शाम तक पांच हजार श्रद्धालुओं का आना-जाना हो जाता है। इस तरह से मंदिर में खूब भीड़ होती है। यह भी इसलिए क्योंकि मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।