{"_id":"664695965e54a4a37d0df324","slug":"milky-way-stopped-visible-due-to-light-pollution-shishir-shahjahanpur-news-c-122-1-sbly1040-118785-2024-05-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रकाश प्रदूषण की वजह से दिखना बंद हुई आकाशगंगा : शिशिर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रकाश प्रदूषण की वजह से दिखना बंद हुई आकाशगंगा : शिशिर
Fri, 17 May 2024 04:54 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Fri, 17 May 2024 04:54 AM IST
विज्ञापन
एसएस कॉलेज के भौतिक विज्ञान विभाग की ओर से आयोजित परिचर्चा में स्लोगन के माध्यम से जागरुक करते
शाहजहांपुर। एसएस कॉलेज के भौतिक विज्ञान विभाग की ओर से अंतरराष्ट्रीय प्रकाश दिवस पर विभागीय परिचर्चा हुई। इसमें प्रकाश प्रदूषण की वजह से आकाशगंगा को होने वाले नुकसान से विद्यार्थियों को अवगत कराया गया।
विभागाध्यक्ष शिशिर शुक्ला ने कहा कि रात में अनावश्यक रूप से कृत्रिम प्रकाश की अधिकता के कारण बहुत से तारे एवं आकाशीय पिंड हमें नजर नहीं आते हैं। हमारी आकाशगंगा जिसे हम दुग्ध मेखला के नाम से जानते हैं और हम स्वयं इसका एक छोटा सा हिस्सा हैं, यह प्रकाश प्रदूषण की वजह से ही दिखाई देना बंद हो गई है। बोले कि अगर फिर रात में आकाश को प्राकृतिक सुंदरता प्रदान करनी है तो हमें हर हालत में प्रकाश के अनावश्यक प्रयोग को बंद करना पड़ेगा।
सहायक प्राध्यापक राजनंदन सिंह राजपूत ने विद्यार्थियों को बताया कि यूनेस्को के द्वारा 16 मई 2018 को पहला अंतरराष्ट्रीय प्रकाश दिवस समारोह आयोजित किया था। प्रकाश लगभग सभी प्रौद्योगिकी का अनिवार्य हिस्सा है। विभाग के प्राध्यापक सत्येंद्र कुमार सिंह के निर्देशन में प्रकाश प्रदूषण से संबंधित अनेक स्लोगनों के माध्यम से प्रकाश प्रदूषण के खिलाफ जागरूकता संदेश प्रसारित किया गया। इस मौके पर डॉ. संदीप दीक्षित, चंदन गिरी गोस्वामी, सुधाकर गुप्ता, रजनीश दीक्षित, प्रशांत शर्मा, देवेंद्र कुमार आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विभागाध्यक्ष शिशिर शुक्ला ने कहा कि रात में अनावश्यक रूप से कृत्रिम प्रकाश की अधिकता के कारण बहुत से तारे एवं आकाशीय पिंड हमें नजर नहीं आते हैं। हमारी आकाशगंगा जिसे हम दुग्ध मेखला के नाम से जानते हैं और हम स्वयं इसका एक छोटा सा हिस्सा हैं, यह प्रकाश प्रदूषण की वजह से ही दिखाई देना बंद हो गई है। बोले कि अगर फिर रात में आकाश को प्राकृतिक सुंदरता प्रदान करनी है तो हमें हर हालत में प्रकाश के अनावश्यक प्रयोग को बंद करना पड़ेगा।
विज्ञापन
सहायक प्राध्यापक राजनंदन सिंह राजपूत ने विद्यार्थियों को बताया कि यूनेस्को के द्वारा 16 मई 2018 को पहला अंतरराष्ट्रीय प्रकाश दिवस समारोह आयोजित किया था। प्रकाश लगभग सभी प्रौद्योगिकी का अनिवार्य हिस्सा है। विभाग के प्राध्यापक सत्येंद्र कुमार सिंह के निर्देशन में प्रकाश प्रदूषण से संबंधित अनेक स्लोगनों के माध्यम से प्रकाश प्रदूषण के खिलाफ जागरूकता संदेश प्रसारित किया गया। इस मौके पर डॉ. संदीप दीक्षित, चंदन गिरी गोस्वामी, सुधाकर गुप्ता, रजनीश दीक्षित, प्रशांत शर्मा, देवेंद्र कुमार आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन