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लोक अदालत में बैंकों के 1289 वादों का हुआ निस्तारण
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दीवानी न्यायालय परिसर में आयोजित लोक अदालत में मौजूद न्यायिक अधिकारी
- फोटो : SHAHJAHANPUR
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शाहजहांपुर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से शनिवार को दीवानी न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया। बैंकों से संबधित मामलों में 10 करोड़ रुपये की रिकवरी तथा अन्य वादों का निस्तारण कराकर करीब चार करोड़ रुपये जुर्माना वसूला गया।
शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्घाटन जिला जज सुशील कुमार रस्तोगी ने दीप जलाकर किया। वादों की सुनवाई का दौर शुरू हुआ। जिला न्यायालय में कुल 3790 वादों का निस्तारण किया। बैंकों के प्री-लिटिगेशन के 1289 वादों का निस्तारण करके लगभग साढ़े नौ करोड़ रुपये में समझौता कराया। राजस्व विभाग के 1722 वादों का निस्तारण हुआ।
मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के पीठासीन अधिकारी मनोज कुमार राय ने 38 एमएसीटी मुकदमों का निस्तारण कर अंकन 14,83,4000 रुपये तथा अन्य प्रकीर्ण 63 वादों में 17,22,8650 रुपये प्रतिकर दिलाने का आदेश दिया। परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश नरेंद्र बहादुर प्रसाद ने 27 वैवाहिक वादों का निस्तारण करवाया। अन्य जजों ने अपनी अदालतों से संबंधित वादों को सुना और उनका निस्तारण कराया।
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इससे पूर्व एडीजे प्रथम किरन पाल सिंह, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट आभा पाल, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव आशुतोश तिवारी ने राष्ट्रीय लोक अदालत में लगे स्टालों का निरीक्षण किया। विधिक सहायता केंद्र का उद्घाटन किया। इससे वादकारियों को संबंधित अदालत या बैंकों के स्टालों तक सुगमता से पहुंचाया जा सकें।
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शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्घाटन जिला जज सुशील कुमार रस्तोगी ने दीप जलाकर किया। वादों की सुनवाई का दौर शुरू हुआ। जिला न्यायालय में कुल 3790 वादों का निस्तारण किया। बैंकों के प्री-लिटिगेशन के 1289 वादों का निस्तारण करके लगभग साढ़े नौ करोड़ रुपये में समझौता कराया। राजस्व विभाग के 1722 वादों का निस्तारण हुआ।
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मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के पीठासीन अधिकारी मनोज कुमार राय ने 38 एमएसीटी मुकदमों का निस्तारण कर अंकन 14,83,4000 रुपये तथा अन्य प्रकीर्ण 63 वादों में 17,22,8650 रुपये प्रतिकर दिलाने का आदेश दिया। परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश नरेंद्र बहादुर प्रसाद ने 27 वैवाहिक वादों का निस्तारण करवाया। अन्य जजों ने अपनी अदालतों से संबंधित वादों को सुना और उनका निस्तारण कराया।
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इससे पूर्व एडीजे प्रथम किरन पाल सिंह, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट आभा पाल, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव आशुतोश तिवारी ने राष्ट्रीय लोक अदालत में लगे स्टालों का निरीक्षण किया। विधिक सहायता केंद्र का उद्घाटन किया। इससे वादकारियों को संबंधित अदालत या बैंकों के स्टालों तक सुगमता से पहुंचाया जा सकें।