{"_id":"6b6a8b31f4b3eeea4d1e87915087a315","slug":"god-came-are-erased-evil-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"‘परमात्मा के आते ही मिट जाती हैं बुराइयां’","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
‘परमात्मा के आते ही मिट जाती हैं बुराइयां’
शाहजहांपुर।
Updated Sat, 14 Mar 2015 08:25 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
घूरनतलैया स्थित खत्री धर्मशाला में तल रही श्रीमद्भागवत कथा में कथा व्यास डॉ. दामोदर दीक्षित ने कहा कि जिसके जीवन में परमात्मा आ जाता है, उसकी काम, क्रोध, लोभ और मोह नामक बेड़ियां स्वत: ही कट जाती हैं, जिस प्रकार श्रीकृष्ण का जन्म होते ही वासुदेव और देवकी की बेड़ियां कट गईं।
कथा व्यास ने कहा कि जीवन में परमात्मा का आना ही आनंदमय माना जाता है। वासुदेव-देवकी के सारे कष्ट उनके पुत्र जन्म से ही कट गए। जीवन में जब परमात्मा आ जाता है, तो पूतना, तृणावर्त जैसी बुराई वाले राक्षसों का अंत भी होने लगता है। जब लोभ-लालचवश परमात्मा से हमारी दृष्टि हट जाती है, तभी अविद्या रूपी पूतना का जन्म होता है। इसी अविद्या को नष्ट करने के लिए प्रभु का स्मरण बहुत आवश्यक है।
इससे पूर्व आचार्य रामानंद दीक्षित ने श्रीरामचरित मानस के विभिन्न प्रसंगों पर चर्चा की। राम दुलारे त्रिगुणायत ने भजन प्रस्तुत किए। इस अवसर पर नगर विधायक सुरेश खन्ना ने भी कथा का आनंद लिया। इससे पूर्व आयोजक कमलेश खन्ना और पुराहित अनंतराम ने कथा व्यास समेत अन्य संतों का पूजन कर आशीर्वाद लिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
कथा व्यास ने कहा कि जीवन में परमात्मा का आना ही आनंदमय माना जाता है। वासुदेव-देवकी के सारे कष्ट उनके पुत्र जन्म से ही कट गए। जीवन में जब परमात्मा आ जाता है, तो पूतना, तृणावर्त जैसी बुराई वाले राक्षसों का अंत भी होने लगता है। जब लोभ-लालचवश परमात्मा से हमारी दृष्टि हट जाती है, तभी अविद्या रूपी पूतना का जन्म होता है। इसी अविद्या को नष्ट करने के लिए प्रभु का स्मरण बहुत आवश्यक है।
विज्ञापन
इससे पूर्व आचार्य रामानंद दीक्षित ने श्रीरामचरित मानस के विभिन्न प्रसंगों पर चर्चा की। राम दुलारे त्रिगुणायत ने भजन प्रस्तुत किए। इस अवसर पर नगर विधायक सुरेश खन्ना ने भी कथा का आनंद लिया। इससे पूर्व आयोजक कमलेश खन्ना और पुराहित अनंतराम ने कथा व्यास समेत अन्य संतों का पूजन कर आशीर्वाद लिया।
विज्ञापन