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बुखार के मरीज बढ़े, मेडिकल कॉलेज के बेड फुल
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ट्रामा सेंटर से इमजेज्सीं वार्ड की तरफ जाने वाली गैलरी में स्ट्रेचर पर लेटे मरीजों के लगी बोतलों
- फोटो : SHAHJAHANPUR
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शाहजहांपुर। वायरल बुखार इन दिनों जोरों पर है। सीएचसी-पीएचसी से सामान्य बुखार के रोगी भी राजकीय मेडिकल कॉलेज रेफर करने से अब सभी बेड फुल हो गए हैं। ट्रॉमा सेंटर पर भी मरीजों की भीड़ नजर आ रही है, लेकिन संसाधनों की कमी से मेडिकल कॉलेज स्टाफ असहाय नजर आ रहा है।
मेडिकल कॉलेज के ट्रॉमा सेंटर में बुधवार दोपहर करीब एक बजे मरीजों की इतनी भीड़ थी कि मरीजों को स्ट्रेचर तक नहीं मिल रहा था। एक-एक स्ट्रेचर पर दो-दो मरीजों को लिटाया गया। ज्यादातर मरीजों को बेड और इलाज पाने के लिए भटकना पड़ा। इमरजेंसी वार्ड की तरफ जाने वाली गैलरी में कुछ मरीजों को स्ट्रेचर पर लिटाकर उन्हें लगाई जाने वाली बोतलों को लोहे के जाल में बांधना पड़ा।
मेडिकल कॉलेज में बड़ी तादाद में मरीजों के आने का एक और भी कारण है। ग्रामीण क्षेत्रों में बुखार पीड़ित मरीज सबसे पहले सीएचसी या पीएचसी पर जाते हैं। जहां पर सामान्य बुखार के मरीजों को भर्ती करने की बजाय मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया जाता है। इससे मेडिकल कॉलेज पर बोझ बढ़ने के कारण यहां की व्यवस्थाएं चरमरा गईं हैं। यहां के चिकित्सकों का मानना है कि सामान्य बुखार पर भर्ती करने की आवश्यकता नहीं होती है और दवा लेकर मरीज घर पर आराम कर सकता है।
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400 बेड, 600 का स्टाफ भी कम पड़ रहा
राजकीय मेडिकल कॉलेज में फिलहाल करीब 400 बेड हैं। बुधवार को एक भी बेड खाली नहीं था। प्रतिदिन चार से पांच मरीज स्वस्थ होते हैं, लेकिन 20-25 नए मरीज पहुंच जाते हैं। करीब एक माह पहले राजकीय मेडिकल कॉलेज में 50 बेड बढ़ाए गए थे, लेकिन अब वे भी नाकाफी साबित हो रहे हैं। डॉक्टरों को छोड़कर करीब 600 लोगों का स्टाफ है। बेड और भी बढ़ा दिए जाएं तो स्टाफ नहीं है। अतिरिक्त बेड की डालने की जगह भी नहीं है।
मौसम बदल रहा है। सुबह और शाम सर्दी बढ़ रही है। गरम कपड़े पहनने पर लापरवाही बरतने के कारण बुखार के मरीज बढ़ रहे हैं। प्रतिदिन ट्रामा सेंटर में 80-90 मरीज बुखार से पीड़ित आ रहे हैं। आने वाले सभी मरीजों को बेहतर इलाज देने की कोशिश रहती है। कहा कि इस समय बुखार से बचने के लिए फुल और गरम कपड़े पहनें, ठंडी चीजों के सेवन से बचें, पंखा न चलाएं और कुछ देर धूप में भी बैठें।
डॉ. अनुराग पाराशर, इमरर्जेंसी मेडिकल ऑफिसर, ट्रॉमा सेंटर
राजकीय मेडिकल कॉलेज में बुखार के रोगी बढ़े हैं। बुधवार को लगभग सभी बेड फुल रहे। ग्रामीण क्षेत्रों से भी काफी बुखार के मरीज मेडिकल कॉलेज आ रहे हैं। सामान्य बुखार के मरीजों को पहले सीएचसी-पीएचसी में दिखाना चाहिए, ताकि मेडिकल कॉलेज पर लोड थोड़ा कम रहे।
डॉ. एयूपी सिंहा, सीएमएस, राजकीय मेडिकल कॉलेज
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मेडिकल कॉलेज के ट्रॉमा सेंटर में बुधवार दोपहर करीब एक बजे मरीजों की इतनी भीड़ थी कि मरीजों को स्ट्रेचर तक नहीं मिल रहा था। एक-एक स्ट्रेचर पर दो-दो मरीजों को लिटाया गया। ज्यादातर मरीजों को बेड और इलाज पाने के लिए भटकना पड़ा। इमरजेंसी वार्ड की तरफ जाने वाली गैलरी में कुछ मरीजों को स्ट्रेचर पर लिटाकर उन्हें लगाई जाने वाली बोतलों को लोहे के जाल में बांधना पड़ा।
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मेडिकल कॉलेज में बड़ी तादाद में मरीजों के आने का एक और भी कारण है। ग्रामीण क्षेत्रों में बुखार पीड़ित मरीज सबसे पहले सीएचसी या पीएचसी पर जाते हैं। जहां पर सामान्य बुखार के मरीजों को भर्ती करने की बजाय मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया जाता है। इससे मेडिकल कॉलेज पर बोझ बढ़ने के कारण यहां की व्यवस्थाएं चरमरा गईं हैं। यहां के चिकित्सकों का मानना है कि सामान्य बुखार पर भर्ती करने की आवश्यकता नहीं होती है और दवा लेकर मरीज घर पर आराम कर सकता है।
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400 बेड, 600 का स्टाफ भी कम पड़ रहा
राजकीय मेडिकल कॉलेज में फिलहाल करीब 400 बेड हैं। बुधवार को एक भी बेड खाली नहीं था। प्रतिदिन चार से पांच मरीज स्वस्थ होते हैं, लेकिन 20-25 नए मरीज पहुंच जाते हैं। करीब एक माह पहले राजकीय मेडिकल कॉलेज में 50 बेड बढ़ाए गए थे, लेकिन अब वे भी नाकाफी साबित हो रहे हैं। डॉक्टरों को छोड़कर करीब 600 लोगों का स्टाफ है। बेड और भी बढ़ा दिए जाएं तो स्टाफ नहीं है। अतिरिक्त बेड की डालने की जगह भी नहीं है।
मौसम बदल रहा है। सुबह और शाम सर्दी बढ़ रही है। गरम कपड़े पहनने पर लापरवाही बरतने के कारण बुखार के मरीज बढ़ रहे हैं। प्रतिदिन ट्रामा सेंटर में 80-90 मरीज बुखार से पीड़ित आ रहे हैं। आने वाले सभी मरीजों को बेहतर इलाज देने की कोशिश रहती है। कहा कि इस समय बुखार से बचने के लिए फुल और गरम कपड़े पहनें, ठंडी चीजों के सेवन से बचें, पंखा न चलाएं और कुछ देर धूप में भी बैठें।
डॉ. अनुराग पाराशर, इमरर्जेंसी मेडिकल ऑफिसर, ट्रॉमा सेंटर
राजकीय मेडिकल कॉलेज में बुखार के रोगी बढ़े हैं। बुधवार को लगभग सभी बेड फुल रहे। ग्रामीण क्षेत्रों से भी काफी बुखार के मरीज मेडिकल कॉलेज आ रहे हैं। सामान्य बुखार के मरीजों को पहले सीएचसी-पीएचसी में दिखाना चाहिए, ताकि मेडिकल कॉलेज पर लोड थोड़ा कम रहे।
डॉ. एयूपी सिंहा, सीएमएस, राजकीय मेडिकल कॉलेज