बिश्केक LIVE: किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक पहुंचे पीएम मोदी, भारतीय समुदाय ने किया गर्मजोशी से स्वागत
पीएम का ताशकंद दौरा LIVE: राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उज्बेकिस्तान के सर्वोच्च राजकीय सम्मान ‘ओलिय दरजाली दोस्तलिक’ से सम्मानित किया। इस दौरान दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को व्यापक रणनीतिक साझेदारी में बदलने पर सहमति बनी। पीएम मोदी ने मिर्जियोयेव के आतिथ्य की सराहना की और ताशकंद में आयोजित विशेष योग कार्यक्रम में भी हिस्सा लिया।
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पीएम मोदी से मिलने के लिए बेहद उत्साहित हैं: विनीता सिंह
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के किर्गिस्तान दौरे को लेकर बिश्केक में रहने वाले भारतीय प्रवासियों में खासा उत्साह है। भारतीय नागरिक विनीता सिंह ने खुशी जताते हुए कहा कि वे पीएम मोदी से मिलने के लिए बेहद उत्साहित हैं और यह पहला मौका है जब वे उनसे मिलेंगे। वहीं, एक अन्य भारतीय नागरिक राशिका ने कहा कि पीएम मोदी से उन्हें बहुत कुछ सीखने को मिलता है और उन्हें गर्व है कि नरेंद्र मोदी भारत के प्रधानमंत्री हैं।#WATCH | Bishkek, Kyrgyzstan: On PM Modi's visit, Vineeta Singh, an Indian national, says, "We are very excited to meet PM Modi here. This is the first time we will meet him. We are all waiting to see PM Modi..."
— ANI (@ANI) August 30, 2026
Another Indian national, Rashika, says, "We are very excited to… pic.twitter.com/bKzgJt8O0h
बिश्केक में पीएम मोदी का भारतीय समुदाय ने किया गर्मजोशी से स्वागत
शंघाई सहयोग संगठन के 26वें शिखर सम्मेलन में भाग लेने किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भारतीय समुदाय के लोगों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। बिश्केक के एक होटल में प्रवास के दौरान पीएम मोदी ने प्रवासी भारतीयों द्वारा आयोजित भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों और प्रस्तुतियों को देखा और कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।#WATCH | Bishkek, Kyrgyzstan: Prime Minister Narendra Modi watches cultural performances at a hotel in Bishkek as he receives a warm welcome from members of the Indian diaspora.
— ANI (@ANI) August 30, 2026
(Source: ANI/DD News) pic.twitter.com/ELscDz4YPC
किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक पहुंचे पीएम मोदी, एससीओ शिखर सम्मेलन में लेंगे हिस्सा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने चार दिवसीय मध्य एशिया दौरे के दूसरे चरण में उज्बेकिस्तान की यात्रा पूरी करने के बाद किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक पहुंच गए हैं। पीएम मोदी एससीओ शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे।
#WATCH | Prime Minister Narendra Modi arrives in Bishkek, Kyrgyzstan.
— ANI (@ANI) August 30, 2026
PM Modi will participate in the 26th SCO Summit here.
(Source: ANI/DD News) pic.twitter.com/l6O2wYrmTP
उज्बेकिस्तान की यात्रा पूरी करके किर्गिस्तान रवाना हुए पीएम मोदी, एससीओ सम्मेलन में लेंगे हिस्सा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उज्बेकिस्तान की यात्रा पूरी करके किर्गिस्तान के लिए रवाना हो गए हैं। वह आज किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक पहुंचेंगे। वहां वह 26वें शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। इस बैठक में आतंकवाद, व्यापार और सुरक्षा जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। यात्रा के दौरान वह कई प्रमुख वैश्विक नेताओं के साथ द्विपक्षीय बातचीत भी करेंगे।#WATCH | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उज़्बेकिस्तान से किर्गिज़स्तान के लिए रवाना हुए।
— ANI_HindiNews (@AHindinews) August 30, 2026
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 26वें SCO शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए आज बिश्केक (किर्गिज़स्तान की राजधानी) पहुंचेंगे।
(सोर्स: DD न्यूज) pic.twitter.com/RbejhrySpn
पीएम मोदी ने ताशकंद में किया ओरिएंटल स्टडीज यूनिवर्सिटी का दौरा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज उज्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद में 'ताशकंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ ओरिएंटल स्टडीज' का दौरा किया, जहां उनका स्वागत राष्ट्रगान और देशभक्ति के नारों के साथ हुआ। अपनी इस यात्रा के दौरान पीएम मोदी ने विश्वविद्यालय में बने महात्मा गांधी केंद्र का दौरा कर वहां की विजिटर बुक में अपने विचार साझा किए।#WATCH | Uzbekistan: Prime Minister Narendra Modi visits Tashkent State University of Oriental Studies in Tashkent.
— ANI (@ANI) August 30, 2026
(Source: DD News) pic.twitter.com/IDgS4aAsX8
खेती और स्वास्थ्य के क्षेत्र में हमारी ताकतें एक-दूसरे की पूरक: पीएम मोदी
पीएम मोदी ने आगे कहा कि हम इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट में आपसी फायदे वाले सहयोग को बढ़ाने के लिए मिलकर काम करेंगे। डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, एआई, जरूरी मिनरल्स, क्लीन एनर्जी, स्पेस और न्यूक्लियर एनर्जी जैसे क्षेत्रों में सहयोग हमारे रिश्तों को भविष्य के लिए तैयार कर रहा है। खेती और स्वास्थ्य के क्षेत्र में हमारी ताकतें एक-दूसरे की पूरक हैं।प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बागवानी में उज्बेकिस्तान के अनुभव और भारत की आधुनिक खेती की तकनीकों को मिलाकर, हम दोनों देशों की खाद्य सुरक्षा में योगदान देंगे। उज्बेकिस्तान की औषधीय जड़ी-बूटियां और आयुर्वेद में भारत की विशेषज्ञता एक स्वाभाविक मेल बनाती हैं। पारंपरिक चिकित्सा को लेकर आज हुए समझौते हमारी संयुक्त कोशिशों को और मज़बूत करेंगे। हमारा मकसद यह पक्का करना है कि हमारी साझेदारी सिर्फ़ हमारी राष्ट्रीय राजधानियों तक ही सीमित न रहे। इसलिए, हम अपने शहरों और राज्यों के बीच साझेदारी बना रहे हैं। ये साझेदारियां शहरी प्रबंधन, उद्योग, शिक्षा, पर्यटन और संस्कृति जैसे क्षेत्रों में लगातार और सीधे संपर्क को बढ़ावा देंगी।
शौकत मिर्जियोयेव बोले-अंतरिक्ष क्षेत्र में हमारा सहयोग भी बहुत महत्वपूर्ण
उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव ने कहा कि हमारी बातचीत के दौरान, हमने ऐसे नए क्षेत्रों की पहचान की है जहां हम अपनी मौजूदा क्षमता का पूरा इस्तेमाल कर सकते हैं। हमारा लक्ष्य ऊर्जा, संस्कृति, महत्वपूर्ण खनिजों, फार्मास्यूटिकल्स, आभूषण और कृषि जैसे क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाना है। हम इन सभी क्षेत्रों के लिए रोडमैप तैयार करेंगे। भारत से खास टीमें यहां आएंगी और हमारी टीमें भारत जाएंगी, जिससे हम इन क्षेत्रों में अपने लक्ष्यों को स्पष्ट रूप से तय कर सकेंगे। लोगों के बीच आपसी संबंधों को और मजबूत करने के लिए अंतरिक्ष क्षेत्र में हमारा सहयोग भी बहुत महत्वपूर्ण है।उन्होंने आगे कहा कि हमने फिर से पुष्टि की है कि कई वैश्विक मुद्दों पर हमारा रुख काफी हद तक एक जैसा है, और हम संयुक्त राष्ट्र, ब्रिक्स और गुटनिरपेक्ष आंदोलन जैसे वैश्विक मंचों के साथ-साथ ग्लोबल साउथ में भी एक-दूसरे का समर्थन करना जारी रखेंगे। उज्बेकिस्तान और भारत के लोगों के बीच गहरे ऐतिहासिक संबंध हैं, और यह देखकर खुशी होती है कि ये संबंध आज भी फल-फूल रहे हैं। वर्तमान में, यहां चार भारतीय विश्वविद्यालय काम कर रहे हैं, और लाल बहादुर शास्त्री सेंटर फॉर इंडियन कल्चर और महात्मा गांधी सेंटर बेहतरीन काम कर रहे हैं।
शौकत मिर्जियोयेव ने कहा कि उज्बेकिस्तान में सांस्कृतिक सप्ताह और फिल्म समारोह आयोजित किए जाते हैं, और हम संयुक्त रूप से पर्यटन सर्किट की पहचान कर रहे हैं। इसके अलावा, हमने जो 30-दिन की वीजा-मुक्त व्यवस्था अपनाई है और सीधी उड़ानों को बढ़ावा दिया है, उससे हमारे देशों के बीच और अधिक लोग यात्रा कर सकेंगे। हम उन सभी समझौतों को लागू करने के लिए एक व्यापक रोडमैप तैयार कर रहे हैं जिन पर हम सहमत हुए हैं। जिम्मेदार अधिकारी खास रोडमैप तैयार करेंगे, और मेरे भाई और मैंने व्यक्तिगत रूप से इस प्रक्रिया की निगरानी करने पर सहमति व्यक्त की है।
पीएम मोदी बोले-भारत और उज्बेकिस्तान के बीच 'व्यापक रणनीतिक साझेदारी' का नया अध्याय
ताशकंद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, 'उज्बेकिस्तान मध्य एशिया के केंद्र में है और इस क्षेत्र के साथ भारत के जुड़ाव के भी केंद्र में है। भारत और उज्बेकिस्तान की सोच और आकांक्षाओं में गहरी समानताएं हैं। युवा, नवाचार, समावेशी विकास और आधुनिक तकनीक 'यंग उज्बेकिस्तान' और 'विकसित भारत 2047' दोनों के मूल में हैं। इसी साझा दृष्टिकोण का पालन करते हुए हम दोनों देशों के लोगों के कल्याण के लिए लगातार काम कर रहे हैं।उन्होंने कहा कि यह वर्ष हमारी रणनीतिक साझेदारी के 15 वर्ष पूरे होने का प्रतीक है। इस विशेष अवसर पर हमने अपने संबंधों को 'व्यापक रणनीतिक साझेदारी' में बदलने का निर्णय लिया है। आज हमने अपनी साझेदारी के इस नए रूप में तेजी से और ठोस परिणामों के साथ आगे बढ़ने के लिए एक महत्वाकांक्षी एजेंडा तैयार किया है। हमारा द्विपक्षीय व्यापार एक अरब डॉलर को पार कर गया है। अब हमने 2030 तक पांच अरब डॉलर के व्यापार का लक्ष्य रखा है।
राष्ट्रपति मिर्जियोयेव ने PM मोदी को दिया उज्बेकिस्तान का सर्वोच्च राजकीय सम्मान
उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश के सर्वोच्च राजकीय सम्मान 'ओलिय दरजाली दोस्तलिक' से सम्मानित किया। यह सम्मान दोनों देशों के बीच मैत्री और सहयोग को मजबूत करने में प्रधानमंत्री मोदी के योगदान के लिए प्रदान किया गया।#WATCH | Tashkent, Uzbekistan: President Shavkat Mirziyoyev confers the Order of “Oliy Darajali Dustlik,” Uzbekistan’s supreme state award, on Prime Minister Narendra Modi
— ANI (@ANI) August 30, 2026
(Source: ANI/DD) pic.twitter.com/WbHZtBB6ZU
रणनीतिक साझेदारी अब व्यापक रणनीतिक साझेदारी में बदलेगी
प्रधानमंत्री मोदी ने उज्बेकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस की आगामी 35वीं वर्षगांठ पर राष्ट्रपति मिर्जियोयेव और वहां के लोगों को अग्रिम शुभकामनाएं दीं। पीएम मोदी ने कहा कि इस वर्ष भारत और उज्बेकिस्तान अपनी रणनीतिक साझेदारी की 15वीं वर्षगांठ भी मना रहे हैं। उन्होंने घोषणा की कि दोनों देश अब अपने संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक ले जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस नई रूपरेखा के तहत दोनों देश सहयोग के लिए ठोस लक्ष्य तय कर आगे बढ़ेंगे।पीएम मोदी ने बताया कि दोनों देशों के बीच सहयोग के सभी क्षेत्रों को दिशा देने के लिए विदेश मंत्री स्तर पर एक समन्वय परिषद स्थापित की जाएगी। साथ ही संयुक्त आयोग को सचिव स्तर से बढ़ाकर मंत्री स्तर का किया जाएगा। दोनों देशों के कारोबारी नेताओं की भागीदारी वाला एक संयुक्त बिजनेस समिट भी आयोजित किया जाएगा।
यूरेनियम आपूर्ति के लिए दीर्घकालिक व्यवस्था
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दोनों देश यूरेनियम की दीर्घकालिक आपूर्ति के लिए भी व्यवस्था स्थापित करेंगे। इसके अलावा तीन सिस्टर-सिटी और सिस्टर-स्टेट समझौतों को औपचारिक रूप दिया जा रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि इन समझौतों की क्षमता का पूरा लाभ उठाने के लिए रोडमैप तैयार किया जाना चाहिए।