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Shahjahanpur News: प्रशिक्षण लेने गन्ना शोेध संस्थान पहुंचे बिहार के किसान
Mon, 21 Oct 2024 12:47 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Mon, 21 Oct 2024 12:47 AM IST
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शाहजहांपुर। मुख्यमंत्री गन्ना विकास योजना के तहत बिहार से किसानों का एक दल प्रशिक्षण लेने के लिए रविवार को गन्ना शोध संस्थान पहुंचा। पहले दिन उद्घाटन सत्र में संस्थान के विषय विशेषज्ञों ने उन्हें गन्ने में लगने वाले कीटों और उनके नियंत्रण की जानकारी दी।
बिहार से आए दल में बेगूसराय, समस्तीपुर, खगड़िया, दरभंगा आदि जनपदों समेत वहां की हसनपुर चीनी मिल से जुड़े 40 किसान शामिल हैं। उन्हें समस्तीपुर स्थित पूसा ईख विकास केंद्र के उप निदेशक ने यहां भेजा है। प्रशिक्षार्थी किसान गन्ना एवं चीनी उत्पादन में सार्थक वृद्धि विषयक पांच दिवसीय प्रशिक्षण में नई गन्ना प्रजातियों के बारे में जानकारी लेकर गन्ना खेती की नई विधाएं सीखेंगे। प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन संस्थान के प्रभारी अधिकारी डाॅ. शिवपाल सिंह ने किया।
प्रसार अधिकारी डाॅ. संजीव पाठक ने बताया कि अब तक यह संस्थान गन्ने की 237 किस्में विकसित कर चुका है। प्रदेश में गन्ने की औसत उपज 84 टन प्रति हेक्टेयर हो गई है। तकनीकी सत्र में गन्ने की नवीन किस्मों के बारे में डाॅ. विनय श्रीवास्तव ने बताया। डॉ. अरुण कुमार सिंह ने गन्ने के प्रमुख कीट व उनके नियंत्रण के बारे में जानकारी दी। उद्घाटन सत्र में संस्थान के वैज्ञानिक डाॅ. अजय कुमार तिवारी, सुनील विश्वकर्मा, डाॅ. जीएन गुप्ता आदि मौजूद रहे।
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बिहार से आए दल में बेगूसराय, समस्तीपुर, खगड़िया, दरभंगा आदि जनपदों समेत वहां की हसनपुर चीनी मिल से जुड़े 40 किसान शामिल हैं। उन्हें समस्तीपुर स्थित पूसा ईख विकास केंद्र के उप निदेशक ने यहां भेजा है। प्रशिक्षार्थी किसान गन्ना एवं चीनी उत्पादन में सार्थक वृद्धि विषयक पांच दिवसीय प्रशिक्षण में नई गन्ना प्रजातियों के बारे में जानकारी लेकर गन्ना खेती की नई विधाएं सीखेंगे। प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन संस्थान के प्रभारी अधिकारी डाॅ. शिवपाल सिंह ने किया।
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प्रसार अधिकारी डाॅ. संजीव पाठक ने बताया कि अब तक यह संस्थान गन्ने की 237 किस्में विकसित कर चुका है। प्रदेश में गन्ने की औसत उपज 84 टन प्रति हेक्टेयर हो गई है। तकनीकी सत्र में गन्ने की नवीन किस्मों के बारे में डाॅ. विनय श्रीवास्तव ने बताया। डॉ. अरुण कुमार सिंह ने गन्ने के प्रमुख कीट व उनके नियंत्रण के बारे में जानकारी दी। उद्घाटन सत्र में संस्थान के वैज्ञानिक डाॅ. अजय कुमार तिवारी, सुनील विश्वकर्मा, डाॅ. जीएन गुप्ता आदि मौजूद रहे।
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