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श्रीकृष्ण के विवाह का प्रसंग सुन श्रोता हुए भावविभोर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,शाहजहांपुर
Updated Mon, 08 Jan 2018 07:02 PM IST
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मल्हार सिनेमा तिराहा स्थित उत्सव मैरिज लॉन में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के अंतिम दिन सोमवार को कथा व्यास विमल महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण के विवाह प्रसंग पर चर्चा की। मंगलवार को दोपहर से भंडारा होगा।
कथा के सातवें दिन विमल महाराज ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने 16,108 विवाह किए थे, जिसमें आठ विवाह प्रमुख हैं। उन्होंने बताया कि भौमासुर नामक राजा ने प्रण किया था कि वह 20 हजार कन्याओं से एक साथ विवाह करेगा। इस ऐलान को सुनकर भगवान श्रीकृष्ण को एक पत्र भेजा, जिसमें उन्होंने भौमासुर से रक्षा करने की मनुहार की थी। इस पर भगवान श्रीकृष्ण ने उन सभी कन्याओं के साथ विवाह किया। इसी क्रम में उन्होंने सुदामा चरित्र सुनाते हुए श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। कथा व्यास ने कहा कि सुदामा ब्रह्मवेत्ता ब्राह्मण थे। वह रामधन से परिपूर्ण थे। पूजा-पाठ में उनका मन खूब रमता था। बेहद गरीबी के दिन काट रहे सुदामा पत्नी के कहने पर भगवान और अपने प्रिय सखा कृष्ण से मिलने गए।
उन्होंने कहा कि भगवान तो सभी के दुख दूर करते हैं, फिर अपने मित्र का दुख कैसे सहन करते। सुदामा को देखकर उन्होंने सुदामा को गले से लगा लिया। इस दौरान कथा व्यास ने सुभद्रा विवाह प्रसंग पर भी चर्चा की। आयोजन में रोशन लाल तुली, राजीव दीक्षित, डीके सक्सेना, अवधेश रस्तोगी, शिव कुमार, भंडारी, मुकेश सक्सेना, डॉ. सत्य प्रकाश मिश्र आदि का योगदान रहा।
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कथा के सातवें दिन विमल महाराज ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने 16,108 विवाह किए थे, जिसमें आठ विवाह प्रमुख हैं। उन्होंने बताया कि भौमासुर नामक राजा ने प्रण किया था कि वह 20 हजार कन्याओं से एक साथ विवाह करेगा। इस ऐलान को सुनकर भगवान श्रीकृष्ण को एक पत्र भेजा, जिसमें उन्होंने भौमासुर से रक्षा करने की मनुहार की थी। इस पर भगवान श्रीकृष्ण ने उन सभी कन्याओं के साथ विवाह किया। इसी क्रम में उन्होंने सुदामा चरित्र सुनाते हुए श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। कथा व्यास ने कहा कि सुदामा ब्रह्मवेत्ता ब्राह्मण थे। वह रामधन से परिपूर्ण थे। पूजा-पाठ में उनका मन खूब रमता था। बेहद गरीबी के दिन काट रहे सुदामा पत्नी के कहने पर भगवान और अपने प्रिय सखा कृष्ण से मिलने गए।
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उन्होंने कहा कि भगवान तो सभी के दुख दूर करते हैं, फिर अपने मित्र का दुख कैसे सहन करते। सुदामा को देखकर उन्होंने सुदामा को गले से लगा लिया। इस दौरान कथा व्यास ने सुभद्रा विवाह प्रसंग पर भी चर्चा की। आयोजन में रोशन लाल तुली, राजीव दीक्षित, डीके सक्सेना, अवधेश रस्तोगी, शिव कुमार, भंडारी, मुकेश सक्सेना, डॉ. सत्य प्रकाश मिश्र आदि का योगदान रहा।
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