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मालगाड़ी से 40 टन कोयला चोरी, बरामद सिर्फ चार टन
रोजा, शाहजहांपुर
Updated Fri, 17 Apr 2015 11:39 PM IST
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रामप्रसाद बिस्मिल नगर रेलवे स्टेशन पर चोरों ने दो मालगाड़ियों से करीब 40 टन कोयला चोरी कर उतार लिया। यह कोयला दो डीसीएम में भर कर बिकने जा रहा था, तभी रोजा पुलिस ने पकड़ लिया। सुपुर्दगी को लेकर आरपीएफ और सिविल पुलिस के बीच जमकर नोकझोंक हुई। सीओ के दखल के बाद दोनों डीसीएम आरपीएफ के सुपुर्द कर दी गईं।
पुलिस से तकरार होने पर आरपीएफ ने चार टन कोयले की बरामदगी दिखाते हुए मानसिक रूप से अस्वस्थ एक युवक को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों डीसीएम गाड़ियों को छोड़ दिया गया। मौके से 36 टन कोयला भी गायब हो गया। इस पूरे खेल में खाकी और खादी की संलिप्तता भी उजागर हुई है।
बता दें कि रिलायंस एनर्जी में प्रतिदिन कम से कम चार रैक कोयले की सप्लाई रेलमार्ग से की जाती है। राम प्रसाद बिस्मिल नगर रेलवे स्टेशन पर मालगाड़ी रुकते ही चोर और ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा बलों के लोग सक्रिय हो जाते हैं। मालगाड़ियो से कोयला चोरी कर रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया जाता है। बाद में उसे पास के खेतों में एकत्र किया जाता है।
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बृहस्पतिवार की शाम करीब चार बजे सुरक्षा बलों की मदद से चोरों ने दो मालगाड़ियों से करीब 40 टन कोयला उतार लिया। रोजा मंडी के सामने एक ट्रांसपोर्ट से दो डीसीएम गाड़ी बुक कर कोयले को लोड कर बेचने के लिए ले जाया जा रहे था तभी सूचना पर प्रभारी निरीक्षक रोजा आरएन चौधरी ने रात करीब नौ बजे बिलंदापुर फाटक के पास कोयले से लदी दोनो डीसीएम को पकड़ लिया। इसके कोई कागजात चालक नहीं दिखा सका। चालक ने पुलिस को बताया कि यह कोयला उसने आरपीएफ के दरोगा के कहने पर लोड किया है। उसे हरदोई स्थित एक ईट भट्ठे पर ले जाना था।
कोयले से भरी डीसीएम को लेकर आरपीएफ के दरोगा मोहम्मद अनीस और प्रभारी निरीक्षक आरएन चौधरी के बीच नोकझोंक होती रही। मामला सीओ सदर विजय शंकर मिश्र के पास पहुंचा तो रेल संपत्ति होने के कारण कोयले से भरी दोनों डीसीएम को आरपीएफ के हवाले कर दिया गया है। आरपीएफ प्रभारी निरीक्षक एसपी सिंह ने बताया कि इस मामले में रोजा के जवानों ने केशव नामक एक युवक को गिरफ्तार किया है। इसके पास से ढाई क्विंटल कोयला बरामद हुआ है जबकि आसपास के खेतों से करीब चार टन कोयला बरामद किया गया है। इसमें इलाके के चार सफेदपोश भी शामिल है। इनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
वहीं चर्चा है कि आरपीएफ के दो दरोगा कोयले से भरी दो डीसीएम बेचने जा रहे थे, जिसे रोजा पुलिस ने पकड़ा था। इसलिए अपने को बचाने के लिए आरपीएफ ने जिस केशव की गिरफ्तारी दर्शाई है वह मानसिक रूप से अस्वस्थ है और बिहार का रहने वाला है। इस पूरे खेल में आखिर दोनों डीसीएम और 36 टन कोयला कहां गया? इसका जवाब आरपीएफ के पास नहीं है।
हमें पिछले कई दिनों से सूचना मिल रही थी कि आरपीएफ के जवानों द्वारा रामप्रसाद बिस्मिल नगर स्टेशन के समीप महोलिया नहर पुलिया के पास चोरी किए गए कोयले को एकत्रित किया जाता है। बाद में उसे ईट भट्ठों पर बेचा जाता है। बृहस्पतिवार की रात को हमने कोयले से भरी दो डीसीएम पकड़ी थीं, जिसमें करीब 40 टन कोयला था।
- आरएन चौधरी, प्रभारी निरीक्षक रोजा
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पुलिस से तकरार होने पर आरपीएफ ने चार टन कोयले की बरामदगी दिखाते हुए मानसिक रूप से अस्वस्थ एक युवक को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों डीसीएम गाड़ियों को छोड़ दिया गया। मौके से 36 टन कोयला भी गायब हो गया। इस पूरे खेल में खाकी और खादी की संलिप्तता भी उजागर हुई है।
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बता दें कि रिलायंस एनर्जी में प्रतिदिन कम से कम चार रैक कोयले की सप्लाई रेलमार्ग से की जाती है। राम प्रसाद बिस्मिल नगर रेलवे स्टेशन पर मालगाड़ी रुकते ही चोर और ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा बलों के लोग सक्रिय हो जाते हैं। मालगाड़ियो से कोयला चोरी कर रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया जाता है। बाद में उसे पास के खेतों में एकत्र किया जाता है।
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बृहस्पतिवार की शाम करीब चार बजे सुरक्षा बलों की मदद से चोरों ने दो मालगाड़ियों से करीब 40 टन कोयला उतार लिया। रोजा मंडी के सामने एक ट्रांसपोर्ट से दो डीसीएम गाड़ी बुक कर कोयले को लोड कर बेचने के लिए ले जाया जा रहे था तभी सूचना पर प्रभारी निरीक्षक रोजा आरएन चौधरी ने रात करीब नौ बजे बिलंदापुर फाटक के पास कोयले से लदी दोनो डीसीएम को पकड़ लिया। इसके कोई कागजात चालक नहीं दिखा सका। चालक ने पुलिस को बताया कि यह कोयला उसने आरपीएफ के दरोगा के कहने पर लोड किया है। उसे हरदोई स्थित एक ईट भट्ठे पर ले जाना था।
कोयले से भरी डीसीएम को लेकर आरपीएफ के दरोगा मोहम्मद अनीस और प्रभारी निरीक्षक आरएन चौधरी के बीच नोकझोंक होती रही। मामला सीओ सदर विजय शंकर मिश्र के पास पहुंचा तो रेल संपत्ति होने के कारण कोयले से भरी दोनों डीसीएम को आरपीएफ के हवाले कर दिया गया है। आरपीएफ प्रभारी निरीक्षक एसपी सिंह ने बताया कि इस मामले में रोजा के जवानों ने केशव नामक एक युवक को गिरफ्तार किया है। इसके पास से ढाई क्विंटल कोयला बरामद हुआ है जबकि आसपास के खेतों से करीब चार टन कोयला बरामद किया गया है। इसमें इलाके के चार सफेदपोश भी शामिल है। इनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
वहीं चर्चा है कि आरपीएफ के दो दरोगा कोयले से भरी दो डीसीएम बेचने जा रहे थे, जिसे रोजा पुलिस ने पकड़ा था। इसलिए अपने को बचाने के लिए आरपीएफ ने जिस केशव की गिरफ्तारी दर्शाई है वह मानसिक रूप से अस्वस्थ है और बिहार का रहने वाला है। इस पूरे खेल में आखिर दोनों डीसीएम और 36 टन कोयला कहां गया? इसका जवाब आरपीएफ के पास नहीं है।
हमें पिछले कई दिनों से सूचना मिल रही थी कि आरपीएफ के जवानों द्वारा रामप्रसाद बिस्मिल नगर स्टेशन के समीप महोलिया नहर पुलिया के पास चोरी किए गए कोयले को एकत्रित किया जाता है। बाद में उसे ईट भट्ठों पर बेचा जाता है। बृहस्पतिवार की रात को हमने कोयले से भरी दो डीसीएम पकड़ी थीं, जिसमें करीब 40 टन कोयला था।
- आरएन चौधरी, प्रभारी निरीक्षक रोजा