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शिक्षक विधायक के साथी ने खंड शिक्षाधिकारी को पीटा
शाहजहांपुर।
Updated Mon, 27 Apr 2015 11:58 PM IST
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डायट में शिक्षकों के प्रमोशन की काउंसिलिंग के दौरान शिक्षक विधायक के साथी ने खंड शिक्षा अधिकारी को पीट दिया। इससे आक्रोशित खंड शिक्षा अधिकारियों ने पहले तो रिपोर्ट दर्ज कराने की बात कही, लेकिन बाद में बीएसए से बातचीत करके अग्रिम कार्रवाई करने की बात कही।
जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में सोमवार को शिक्षकाें के प्रमोशन का काम किया जा रहा था। इसलिए 146 महिला अभ्यर्थियों को काउंसिलिंग के बुलाया गया था। काउंसिंलिंग कराने के दौरान शिक्षक विधायक अपने साथियों के साथ वहां पर पहुंच गए। सूत्रों के मुताबिक वह किसी महिला शिक्षक को उसका मनचाहा स्कूल दिलाना चाहते थे, लेकिन उस स्कूल को किसी दूसरी शिक्षक ने पहले ही भर दिया था।
इस बात को लेकर उन्होंने पुवायां के खंड शिक्षा अधिकारी सुरेश पाल से मनचाहे स्कूल में भेजने के लिए कहा। इस पर पाल ने हाथ खड़े कर दिए। इसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया और बहस होने लगी। इसी दौरान विधायक के साथ गए किसी समर्थक ने पाल पर हाथ चला दिया। इसके बाद विधायक और उनके समर्थक हंगामा करते हुए चले गए।
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इस संबंध में खंड शिक्षा अधिकारी सुरेश पाल का कहना है कि बीएसए के निर्देश पर वह और खंड शिक्षा अधिकारी अविनाश दीक्षित ड्यूटी पर थे। शिक्षक विधायक संजय मिश्र के साथ आए किसी व्यक्ति ने उन पर पीछे से हाथ चला दिया। इसकी सूचना बीएसए को दे दी गई है। बीएसए लखनऊ मीटिंग में गए हैं, उनके वापस आने के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी।
किसी ने नहीं की मारपीट: संजय
शिक्षक विधायक संजय मिश्रा का कहना है कि शिक्षकों और शिक्षामित्रों की विभिन्न समस्याओं को लेकर उन्होंने बीएसए को चार बार बुलाया वह नहीं गए। उन्होंने कहा कि प्रोटोकॉल को तोड़कर सोमवार को वह खुद डायट में जनसमस्याओं के निस्तारण के लिए पहुंचे थे और उन्होंने या किसी साथी ने मारपीट भी नहीं की। खंड शिक्षा अधिकारी तो उनके सामने खड़े थे और उसके पीछे क्लर्क एवं अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद थे। मारपीट का तो सवाल ही नहीं उठता है।
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जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में सोमवार को शिक्षकाें के प्रमोशन का काम किया जा रहा था। इसलिए 146 महिला अभ्यर्थियों को काउंसिलिंग के बुलाया गया था। काउंसिंलिंग कराने के दौरान शिक्षक विधायक अपने साथियों के साथ वहां पर पहुंच गए। सूत्रों के मुताबिक वह किसी महिला शिक्षक को उसका मनचाहा स्कूल दिलाना चाहते थे, लेकिन उस स्कूल को किसी दूसरी शिक्षक ने पहले ही भर दिया था।
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इस बात को लेकर उन्होंने पुवायां के खंड शिक्षा अधिकारी सुरेश पाल से मनचाहे स्कूल में भेजने के लिए कहा। इस पर पाल ने हाथ खड़े कर दिए। इसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया और बहस होने लगी। इसी दौरान विधायक के साथ गए किसी समर्थक ने पाल पर हाथ चला दिया। इसके बाद विधायक और उनके समर्थक हंगामा करते हुए चले गए।
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इस संबंध में खंड शिक्षा अधिकारी सुरेश पाल का कहना है कि बीएसए के निर्देश पर वह और खंड शिक्षा अधिकारी अविनाश दीक्षित ड्यूटी पर थे। शिक्षक विधायक संजय मिश्र के साथ आए किसी व्यक्ति ने उन पर पीछे से हाथ चला दिया। इसकी सूचना बीएसए को दे दी गई है। बीएसए लखनऊ मीटिंग में गए हैं, उनके वापस आने के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी।
किसी ने नहीं की मारपीट: संजय
शिक्षक विधायक संजय मिश्रा का कहना है कि शिक्षकों और शिक्षामित्रों की विभिन्न समस्याओं को लेकर उन्होंने बीएसए को चार बार बुलाया वह नहीं गए। उन्होंने कहा कि प्रोटोकॉल को तोड़कर सोमवार को वह खुद डायट में जनसमस्याओं के निस्तारण के लिए पहुंचे थे और उन्होंने या किसी साथी ने मारपीट भी नहीं की। खंड शिक्षा अधिकारी तो उनके सामने खड़े थे और उसके पीछे क्लर्क एवं अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद थे। मारपीट का तो सवाल ही नहीं उठता है।