{"_id":"57361c144f1c1bbc6b919d12","slug":"teacher-coaching-borrowed-bucks-killed-on-demand","type":"story","status":"publish","title_hn":"उधार के रुपये मांगने पर मारा गया कोचिंग शिक्षक","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
उधार के रुपये मांगने पर मारा गया कोचिंग शिक्षक
ब्यूरो /शाहजहांपुर
Updated Sat, 14 May 2016 12:02 AM IST
विज्ञापन
उधार के रुपये मांगने पर मारा गया कोचिंग शिक्षक
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कोचिंग शिक्षक राहुल जायसवाल की हत्या सूदखोरी के चक्कर में की गई थी। कर्जदार तीन युवकों ने लखीमपुर खीरी के मोहम्मदी थाना क्षेत्र के रमुयापुर के सतेंद्र को 50 हजार रुपये की सुपारी दी थी। पुलिस ने सर्विलांस और मोबाइल कॉल डिटेल की मदद से इस घटना 18 घंटे में शुक्रवार को खुलासा कर दिया। राहुल की हत्या की साजिश रचने में शामिल रहे दो आरोपी सदर बाजार थाना के मोहल्ला गदियाना हाथीथान निवासी जीशान और सिंधौली क्षेत्र के करनईयापुर के अयूब को शुक्रवार सुबह निगाोही-शाहजहांपुर रोड स्थित ग्राम सतवां बुजुर्ग के पास से गिरफ्तार कर लिया गया। इन दोनों के पास से दो तमंचे और कारतूस मिले हैं। कोर्ट के निर्देश पर दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। बृृहस्पतिवार सुबह निगोही थाना क्षेत्र के ग्राम घुसगवां-टिकरी मार्ग पर राहुल जायसवाल की सिर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। राहुल के भाई मारुति जायसवाल ने अपने ही बड़े भाई कुणाल जायसवाल पर मकान बंटवारे के विवाद में हत्या करने का आरोप लगाकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मगर पुलिस की तफ्तीश में घटना के पीछे कुछ और ही कहानी सामने आई। पुलिस के मुताबिक राहुल ने अपने पड़ोस में रहने वाले बचपन के दोस्त जीशान को 50 हजार रुपये, अयूब को 2.55 लाख रुपये और सिंधौली थाना क्षेत्र के काजीपुर निवासी मोनिस को 80 हजार रुपये ब्याज पर दिए थे। तीनों लोग इसका ब्याज कई महीने से नहीं चुका पा रहे थे। तीनों का इसी को लेकर कई बार राहुल से विवाद हुआ था। मोनिस से अक्सर उसकी कड़ी तकरार होती थी और जीशान मध्यस्थता कर समझौता कराता था। बार-बार के तगादे से तंग आकर तीनों ने हफ्ता भर राहुल की हत्या कराने की योजना बना ली। मोनिस ने शाहजहांपुर के एक निजी अस्पताल में कंपाउंडर के रूप में काम कर चुके मोहम्मदी निवासी सतेंद्र से संपर्क किया। वह एक मर्डर के 50 हजार रुपये लेता है। तीनों साथियों ने मिलकर सुपारी की रकम जुटाकर सतेंद्र को दी। शुक्रवार को प्रेस कांफ्रेंस में एसपी डॉ. मनोज कुमार ने बताया कि बुधवार रात निगोही मार्ग पर उदयपुर कटैया गांव में नाच पार्टी में जीशान और अयूब शामिल हुए, जिससे इन पर किसी को शक न हो। फिर मोनिस राहुल को पार्टी में शामिल होने के लिए बुलाने उसके घर गया, लेकिन उसने मना कर दिया। इसके बाद उसे जीशान ने फोन किया, जिससे राहुल तैयार हो गया। मोनिस उसे घर से बाइक पर लेकर चला। उदय कटैया व घुसगवां के बीच पेशाब करने के बहाने उसने बाइक रोकी। वहां पहले से छिपे सतेंद्र ने राहुल पर दो गोलियां दाग दीं और भाग निकले। राहुल के घर वालों कमो भ्रमित करने के लिए तीनों आरेपी राहुल के अंतिम संस्कार में भी शामिल हुए थे। प्रेसवार्ता में एसपी सिटी राजेश कुमार और सीओ सदर अनुराग दर्शन मौजूद रहे।
शाहजहांपुर। घुसगवां और गदियाना मोहल्ला में राहुल जायसवाल की लाश के पास परिवारजनों की तुलना में जीशान कुछ ज्यादा ही बिलख रहा था। राहुल के बचपने के दोस्त रहे जीशान पर पहली ही नजर में पुलिस को संदेह हुआ था। शुरूआती तफ्तीश में ही जीशान और राहुल के बारे में कुछ अन्य जानकारियां जुटाई गईं। तब पता चला कि कोचिंग में पढ़ाने के साथ राहुल ब्याज पर रुपये बांटता। ब्याज के रुपयों को लेकर कई बार लोगों से कहासुनी भी होती रहती है। कॉल डिटेल में घटना के बाद कुछ घंटों के भीतर जीशान समेत चारों आरोपियों के बीच मोबाइल बदलकर उसी सिम से ज्यादा बातें करने का तथ्य मिला। इसके बाद जीशान पर शिकंजा कसा गया तो उसने सारे राज उगल दिए। तीनों दोस्त आरोपी अय्याशी में कर्जदार हो गए। राहुल ब्याज समेत पूरी रकम चुकाने का दबाव बनाए हुए था।
विज्ञापन
शाहजहांपुर। घुसगवां और गदियाना मोहल्ला में राहुल जायसवाल की लाश के पास परिवारजनों की तुलना में जीशान कुछ ज्यादा ही बिलख रहा था। राहुल के बचपने के दोस्त रहे जीशान पर पहली ही नजर में पुलिस को संदेह हुआ था। शुरूआती तफ्तीश में ही जीशान और राहुल के बारे में कुछ अन्य जानकारियां जुटाई गईं। तब पता चला कि कोचिंग में पढ़ाने के साथ राहुल ब्याज पर रुपये बांटता। ब्याज के रुपयों को लेकर कई बार लोगों से कहासुनी भी होती रहती है। कॉल डिटेल में घटना के बाद कुछ घंटों के भीतर जीशान समेत चारों आरोपियों के बीच मोबाइल बदलकर उसी सिम से ज्यादा बातें करने का तथ्य मिला। इसके बाद जीशान पर शिकंजा कसा गया तो उसने सारे राज उगल दिए। तीनों दोस्त आरोपी अय्याशी में कर्जदार हो गए। राहुल ब्याज समेत पूरी रकम चुकाने का दबाव बनाए हुए था।
विज्ञापन