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Maharajganj News: मगरमच्छ के हमले में लापता युवक का शव बरामद, शरीर पर मिले गहरे चोट के निशान
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निचलौल। बहुआर के टेलफाल नहर में सोमवार को मगरमच्छ के हमले के बाद लापता हुए गेड़हवा निवासी छांगुर (36) का शव मंगलवार दोपहर करीब तीन बजे बरामद हो गया। उसके शरीर पर चोट के गहरे निशान मिले हैं।
सोमवार को छांगुर अपने भाई छन्नू समेत सोमारी, बुद्धू और नाटे के साथ नाव से टेलफाल नहर में मछली पकड़ने गए थे। इसी दौरान छांगुर पानी में उतरे तो साथियों के मुताबिक मगरमच्छ ने उन पर हमला कर गहरे पानी में खींच लिया। शोर सुनकर आसपास के ग्रामीण पहुंचे और पुलिस व वन विभाग को सूचना दी। एसएसबी और एनडीआरएफ की टीम ने देर शाम तक तलाश की लेकिन सफलता नहीं मिली। मंगलवार की सुबह एसएसबी की आरआरटी टीम और ग्रामीणों ने दोबारा अभियान शुरू किया। नहर के आर-पार जाल लगाकर घटना स्थल से तलाश शुरू की गई, जिसके बाद गेड़हवा पुल के पास शव बरामद हुआ।
शरीर पर चोट के निशान देख सहमे लोग
पानी से शव बाहर निकालने के बाद शरीर पर मिले चोट के निशान देखकर मौके पर मौजूद लोगों की रूह कांप उठी। ग्रामीणों के अनुसार, छांगुर के हाथ के ऊपरी हिस्से पर दबोचे जाने के निशान थे, जबकि सीने पर भी कई गहरे चोट के निशान दिखाई दे रहे थे। शव देखते ही पत्नी माया देवी और बेटियां प्रीति, सलोनी, संगीता तथा बेटा प्रियांशु बिलख उठे।
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दर्जनिया ताल से मगरमच्छ निकलने पर ग्रामीणों में आक्रोश
घटना को लेकर ग्रामीणों ने वन विभाग की सुरक्षा व्यवस्था पर नाराजगी जताई। उनका कहना है कि मगरमच्छों का प्रमुख ठिकाना दर्जनिया ताल इस समय पूरी तरह असुरक्षित हो गया है। बारिश के दौरान क्षेत्र के अलग-अलग हिस्सों में मगरमच्छ दिखाई देने से लोगों में दहशत है। ग्रामीणों का आरोप है कि ताल के चारों तरफ खुला होने और पर्याप्त भोजन उपलब्ध नहीं होने के कारण मगरमच्छ बाहर निकलकर लोगों पर हमला कर रहे हैं। उन्होंने दर्जनिया ताल को चारों तरफ से सुरक्षित करने और तारबाड़ कराने की मांग की है, ताकि मगरमच्छ ताल से बाहर न निकल सकें।
अधिकारी पहुंचे, चार लाख की सहायता का आश्वासन
घटना की सूचना पर तहसीलदार अमित कुमार सिंह और वन क्षेत्राधिकारी निचलौल सुनील कुमार राव ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। तहसीलदार ने बताया कि मृतक के परिजनों को आपदा प्रबंधन के तहत चार लाख रुपये की अहेतुक सहायता दी जाएगी। वन्यजीव के हमले की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में होने पर वन विभाग की ओर से एक लाख रुपये की सहायता दिए जाने की प्रक्रिया भी की जाएगी। इसके लिए संबंधित राजस्व निरीक्षक से आवश्यक कागजात तैयार करा लिए गए हैं।
बोले अधिकारीघटना की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी गई है। दर्जनिया ताल की सुरक्षा के लिए विभागीय कर्मी लगाया गया है। ताल से मगरमच्छों के बाहर निकलने की समस्या से विभागीय अधिकारियों को कई बार अवगत कराया जा चुका है। धनराशि उपलब्ध होने पर ताल के चारों तरफ तारबाड़ कराई जाएगी।
सुनील कुमार राव, वन क्षेत्राधिकारी
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सोमवार को छांगुर अपने भाई छन्नू समेत सोमारी, बुद्धू और नाटे के साथ नाव से टेलफाल नहर में मछली पकड़ने गए थे। इसी दौरान छांगुर पानी में उतरे तो साथियों के मुताबिक मगरमच्छ ने उन पर हमला कर गहरे पानी में खींच लिया। शोर सुनकर आसपास के ग्रामीण पहुंचे और पुलिस व वन विभाग को सूचना दी। एसएसबी और एनडीआरएफ की टीम ने देर शाम तक तलाश की लेकिन सफलता नहीं मिली। मंगलवार की सुबह एसएसबी की आरआरटी टीम और ग्रामीणों ने दोबारा अभियान शुरू किया। नहर के आर-पार जाल लगाकर घटना स्थल से तलाश शुरू की गई, जिसके बाद गेड़हवा पुल के पास शव बरामद हुआ।
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शरीर पर चोट के निशान देख सहमे लोग
पानी से शव बाहर निकालने के बाद शरीर पर मिले चोट के निशान देखकर मौके पर मौजूद लोगों की रूह कांप उठी। ग्रामीणों के अनुसार, छांगुर के हाथ के ऊपरी हिस्से पर दबोचे जाने के निशान थे, जबकि सीने पर भी कई गहरे चोट के निशान दिखाई दे रहे थे। शव देखते ही पत्नी माया देवी और बेटियां प्रीति, सलोनी, संगीता तथा बेटा प्रियांशु बिलख उठे।
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दर्जनिया ताल से मगरमच्छ निकलने पर ग्रामीणों में आक्रोश
घटना को लेकर ग्रामीणों ने वन विभाग की सुरक्षा व्यवस्था पर नाराजगी जताई। उनका कहना है कि मगरमच्छों का प्रमुख ठिकाना दर्जनिया ताल इस समय पूरी तरह असुरक्षित हो गया है। बारिश के दौरान क्षेत्र के अलग-अलग हिस्सों में मगरमच्छ दिखाई देने से लोगों में दहशत है। ग्रामीणों का आरोप है कि ताल के चारों तरफ खुला होने और पर्याप्त भोजन उपलब्ध नहीं होने के कारण मगरमच्छ बाहर निकलकर लोगों पर हमला कर रहे हैं। उन्होंने दर्जनिया ताल को चारों तरफ से सुरक्षित करने और तारबाड़ कराने की मांग की है, ताकि मगरमच्छ ताल से बाहर न निकल सकें।
अधिकारी पहुंचे, चार लाख की सहायता का आश्वासन
घटना की सूचना पर तहसीलदार अमित कुमार सिंह और वन क्षेत्राधिकारी निचलौल सुनील कुमार राव ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। तहसीलदार ने बताया कि मृतक के परिजनों को आपदा प्रबंधन के तहत चार लाख रुपये की अहेतुक सहायता दी जाएगी। वन्यजीव के हमले की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में होने पर वन विभाग की ओर से एक लाख रुपये की सहायता दिए जाने की प्रक्रिया भी की जाएगी। इसके लिए संबंधित राजस्व निरीक्षक से आवश्यक कागजात तैयार करा लिए गए हैं।
बोले अधिकारीघटना की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी गई है। दर्जनिया ताल की सुरक्षा के लिए विभागीय कर्मी लगाया गया है। ताल से मगरमच्छों के बाहर निकलने की समस्या से विभागीय अधिकारियों को कई बार अवगत कराया जा चुका है। धनराशि उपलब्ध होने पर ताल के चारों तरफ तारबाड़ कराई जाएगी।
सुनील कुमार राव, वन क्षेत्राधिकारी