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Jammu News: रहीम नगर में झुग्गियां ध्वस्त करने पर रोहिंग्याओं ने तिरपाल तले डेरा जमाया
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- 17 झुग्गियां और तीन पक्के मकान ढहाए गए हैं, कुछ परिवार अब भी आसपास रह रहे
- वन भूमि पर दोबारा कब्जे की कोशिश रोकने के लिए पुलिस-वन विभाग की पैनी नजर
संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू। रायका वन क्षेत्र के रहिम नगर में अवैध कब्जे हटाने के बाद भी स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हुई है। 17 झुग्गियों और तीन पक्के मकानों को हटाने के बाद भी कुछ रोहिंग्या परिवार अब उसी क्षेत्र से कुछ दूरी पर तिरपाल लगाकर रह रहे हैं।
कार्रवाई के बावजूद इलाके से पूरी तरह हटने के बजाय इन परिवारों ने खुले में अस्थायी ठिकाना बना लिया है। हालांकि वन विभाग ने दोबारा झुग्गियां खड़ी करने पर रोक लगा रखी है। मंगलवार को पुलिस और वन विभाग की टीमों ने क्षेत्र का दौरा कर हालात का जायजा लिया। अधिकारियों की नजर इस बात पर है कि खाली कराई गई वन भूमि पर फिर से कोई झुग्गी या पक्का ढांचा खड़ा न हो।
मौके पर मौजूद परिवारों को जल्द क्षेत्र खाली करने की हिदायत दी गई। अधिकारियों का कहना है कि वन भूमि पर दोबारा अतिक्रमण की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कार्रवाई के बाद रोहिंग्या परिवार अब रायका और आसपास के इलाकों में किराये के कमरे तलाश रहे हैं। यह बात भी सामने आ रही है कि आसपास रहने वाले कुछ स्थानीय लोग उन्हें भोजन, पानी और रोजमर्रा का सामान उपलब्ध करा रहे हैं।
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वन विभाग के अनुसार कर्मचारी लगातार क्षेत्र में निगरानी कर रहे हैं। विभागीय जांच में पहले यह बात भी सामने आई थी कि वन भूमि पर बनी झुग्गियों में रहने वालों से कुछ स्थानीय लोग किराया वसूल रहे थे। ऐसे लोगों की पहचान कर कानूनी कार्रवाई की बात कही गई है। विभाग का कहना है कि निगरानी तब तक जारी रहेगी, जब तक दोबारा अतिक्रमण की आशंका पूरी तरह खत्म नहीं हो जाती।
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- वन भूमि पर दोबारा कब्जे की कोशिश रोकने के लिए पुलिस-वन विभाग की पैनी नजर
संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू। रायका वन क्षेत्र के रहिम नगर में अवैध कब्जे हटाने के बाद भी स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हुई है। 17 झुग्गियों और तीन पक्के मकानों को हटाने के बाद भी कुछ रोहिंग्या परिवार अब उसी क्षेत्र से कुछ दूरी पर तिरपाल लगाकर रह रहे हैं।
कार्रवाई के बावजूद इलाके से पूरी तरह हटने के बजाय इन परिवारों ने खुले में अस्थायी ठिकाना बना लिया है। हालांकि वन विभाग ने दोबारा झुग्गियां खड़ी करने पर रोक लगा रखी है। मंगलवार को पुलिस और वन विभाग की टीमों ने क्षेत्र का दौरा कर हालात का जायजा लिया। अधिकारियों की नजर इस बात पर है कि खाली कराई गई वन भूमि पर फिर से कोई झुग्गी या पक्का ढांचा खड़ा न हो।
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मौके पर मौजूद परिवारों को जल्द क्षेत्र खाली करने की हिदायत दी गई। अधिकारियों का कहना है कि वन भूमि पर दोबारा अतिक्रमण की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कार्रवाई के बाद रोहिंग्या परिवार अब रायका और आसपास के इलाकों में किराये के कमरे तलाश रहे हैं। यह बात भी सामने आ रही है कि आसपास रहने वाले कुछ स्थानीय लोग उन्हें भोजन, पानी और रोजमर्रा का सामान उपलब्ध करा रहे हैं।
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वन विभाग के अनुसार कर्मचारी लगातार क्षेत्र में निगरानी कर रहे हैं। विभागीय जांच में पहले यह बात भी सामने आई थी कि वन भूमि पर बनी झुग्गियों में रहने वालों से कुछ स्थानीय लोग किराया वसूल रहे थे। ऐसे लोगों की पहचान कर कानूनी कार्रवाई की बात कही गई है। विभाग का कहना है कि निगरानी तब तक जारी रहेगी, जब तक दोबारा अतिक्रमण की आशंका पूरी तरह खत्म नहीं हो जाती।