फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   Inquiry ordered against the entire police outpost and station; DCP issues directives.

Ghaziabad News: पूरी चौकी और थाने के खिलाफ बैठी जांच, डीसीपी ने दिये आदेश

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 07 Oct 2026 02:34 AM IST
विज्ञापन
Inquiry ordered against the entire police outpost and station; DCP issues directives.
साहिबाबाद। लाजपत नगर स्थित सामुदायिक केंद्र में रावण का पुतला तैयार करते समय हुए धमाके के मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली भी जांच के घेरे में आ गई है। डीसीपी ऋजुल ने घटना को गंभीरता से लेते हुए शनि चौक पुलिस चौकी और थानाप्रभारी समेत जिम्मेदारों की भूमिका की जांच के निर्देश दिए हैं। जांच अधिकारी एसीपी सूर्यबली को नियुक्त किया गया है। इस हादसे से अधिकारी भी सकते में हैं कि आखिर इतनी बड़ी बारूद की खेप सामुदायिक केंद्र तक कैसे पहुंचा और स्थानीय पुलिस को इसकी भनक क्यों नहीं लगी।
विज्ञापन

मंगलवार के अंक में अमर उजाला ने प्रमुखता से पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। हादसे वाली जगह से शनि चौक पुलिस चौकी महज 100 मीटर की दूरी पर है। वहीं, संबंधित थाना करीब एक किमी और एसीपी कार्यालय लगभग तीन किमी दूर है। इसके बावजूद सामुदायिक केंद्र में बारूद पहुंचना और वहां रावण का पुतला तैयार करते समय उसका इस्तेमाल होना पुलिस की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। डीसीपी के निर्देश के बाद पुलिस अधिकारियों ने बीट इंचार्ज, चौकी प्रभारी और थाना प्रभारी समेत सभी पुलिसकर्मियों से जुड़े रिकॉर्ड और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों की भूमिका की पड़ताल शुरू कर दी है। जांच अधिकारी एसीपी इंदिरापुरम सूर्यबली मौर्य को नियुक्त किया गया है। जो 15 से 30 दिन में जांच कर डीसीपी को रिपोर्ट सौंपेगें। यह भी देखा जा रहा है कि बारूद कहां से लाया गया, किसकी अनुमति से रखा गया और आयोजन स्थल पर सुरक्षा के क्या इंतजाम किए गए थे। जांच रिपोर्ट के आधार पर लापरवाही सामने आने पर संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
विज्ञापन

-----
कहीं आंतरिक राजनीति की भेंट न चढ़ जाए रामलीला और दशहरा मेला

- रामलीला पर छाए संकट के बादल, 30 साल से हो रहा है मंचन
- पुलिस मामले की जांच में जुटी, दोनों पक्षों की स्थिति संदिग्ध

माई सिटी रिपोर्टर
साहिबाबाद। करीब 30 वर्षों से आयोजित हो रही रामलीला और दशहरा मेला इस बार विवादों के घेरे में हैं। स्थानीय लोगों को आशंका है कि कहीं आपसी राजनीति और विवाद की वजह से वर्षों पुरानी रामलीला की परंपरा प्रभावित न हो जाए। सामुदायिक भवन में हुए धमाकों के बाद से समिति और स्थानीय पार्षद आमने सामने आ गए हैं। पार्षद हिमांशु ने सोमवार रात को फेसबुक पर लाइव आकर कई गंभीर आरोप लगाए। साथ ही कहा कि 56 बोरी बारूद के सामुदायिक केंद्र तक कैसे पहुंचे। उन्होंने यह भी का कि पुलिस को इस संबंध में शिकायत देकर निष्पक्ष जांच की मांग की है।
विज्ञापन
विज्ञापन

उधर, समिति के अध्यक्ष विक्रम बैंसला का कहना है कि रामलीला के मंचन का लेकर जल्द ही बैठक की जाएगी और पुलिस के दिशा निर्देशन में ही मंचन किया जाएगा। दशहरे के लिए रावण के पुतले तैयार करने के दौरान हादसे को लेकर भी मंथन किया जाएगा। पुतलों को लेकर आगामी रणनीति भी तैयार की जाएगी। उधर, एसीपी साहिबाबाद अमित सक्सेना का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और उसके बाद ही मंचन पर फैसला लिया जाएगा।

----
दिवाली पर सप्लाई करने के लिए बनाए जाने थे पटाखे
सूत्रों का कहना है कि सामुदायिक केंद्र में बनने वाले पटाखे दिवाली पर कुछ व्यापारियों को सप्लाई होने थे। बम निरोधक दस्ते की जांच में पता चला है कि यहां पर करीब 10 टन बारूद होने के साक्ष्य मिले हैं। इसी वजह से इतना बड़ा धमाका हुआ है। दिवाली के मौके पर पटाखे बनाने का काम लोनी के फरुखनगर में भी चोरी छिपे चलता रहता है, स्थानीय पुलिस आज तक भी इस कार्य को नहीं रोक सकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed