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छह झोपड़ियों में आग, हजारों का नुकसान
शाहजहांपुर।
Updated Wed, 01 Apr 2015 11:52 PM IST
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थाना सदर बाजार क्षेत्र के मोहल्ला ककरा कलां में रेलवे की जमीन पर बनी छह झोपड़ियों में बुधवार की दोपहर आग लग गई। आग में छह परिवारों का सारा सामान जलकर राख हो गया। फायर बिग्रेड ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। सबकुछ तबाह हो जाने के बाद ये परिवार अब खुले आसमान के नीचे आ गए हैं।
ककरा कलां में रेलवे की जमीन के किनारे बनी झोपड़ियों में राशिद, हसीब, जाकिर, बबलू, मोनिस और जलील के परिवार रहते हैं। यह सभी लोग मजदूरी करके परिवार का गुजारा करते हैं। बुधवार को भी सभी लोग मजदूरी करने निकले थे। दिन में करीब 11 बजे राशिद की झोपड़ी में आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। महिलाओं ने किसी तरह बच्चों को आग से बचाया। आग की चपेट में आकर राशिद की झोपड़ी में रखा गैस का छोटा सिलेंडर फट गया। तेज हवा चलने के कारण पास में बनी हसीब, जाकिर, बबलू, मोनिस और जलील की झोपड़ियाें में भी आग लग गई। मोहल्ले वालों ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। सूचना पर पहुंची फायर बिग्रेड की टीम ने आग पर काबू पाया।
तन पर कपड़ों के अलावा कुछ नहीं बचा
आग के शिकार हुए छह परिवार के लोग मेहनत मजदूरी करके गुजारा करते हैं। आग में छहों परिवारों का सबकुछ जलकर राख हो गया। आशियाने के साथ-साथ चारपाई, बिस्तर, कपड़े, बर्तन, अनाज और गृहस्थी का सारा सामान जल गया। तन पर पहने कपड़ों के अलावा उनके पास कुछ नहीं बचा। छहों परिवारों के आगे रहने और खाने की समस्या खड़ी हो गई। परिवार की महिलाएं जले सामान को देखकर अपने आंसू रोक नहीं पा रही हैं।
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ककरा कलां में रेलवे की जमीन के किनारे बनी झोपड़ियों में राशिद, हसीब, जाकिर, बबलू, मोनिस और जलील के परिवार रहते हैं। यह सभी लोग मजदूरी करके परिवार का गुजारा करते हैं। बुधवार को भी सभी लोग मजदूरी करने निकले थे। दिन में करीब 11 बजे राशिद की झोपड़ी में आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। महिलाओं ने किसी तरह बच्चों को आग से बचाया। आग की चपेट में आकर राशिद की झोपड़ी में रखा गैस का छोटा सिलेंडर फट गया। तेज हवा चलने के कारण पास में बनी हसीब, जाकिर, बबलू, मोनिस और जलील की झोपड़ियाें में भी आग लग गई। मोहल्ले वालों ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। सूचना पर पहुंची फायर बिग्रेड की टीम ने आग पर काबू पाया।
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तन पर कपड़ों के अलावा कुछ नहीं बचा
आग के शिकार हुए छह परिवार के लोग मेहनत मजदूरी करके गुजारा करते हैं। आग में छहों परिवारों का सबकुछ जलकर राख हो गया। आशियाने के साथ-साथ चारपाई, बिस्तर, कपड़े, बर्तन, अनाज और गृहस्थी का सारा सामान जल गया। तन पर पहने कपड़ों के अलावा उनके पास कुछ नहीं बचा। छहों परिवारों के आगे रहने और खाने की समस्या खड़ी हो गई। परिवार की महिलाएं जले सामान को देखकर अपने आंसू रोक नहीं पा रही हैं।
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