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नहीं हुआ धर्मांतरण, डटे रहे हिंदू संगठन
जलालाबाद (शाहजहांपुर)
Updated Wed, 24 Dec 2014 11:55 PM IST
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क्रिसमम से एक दिन पहले बुधवार को गुलड़िया के चार परिवारों ने धर्म परिवर्तन नहीं किया। हालांकि हिंदू संगठनों के पदाधिकारी पूरे दिन गांव में डटे रहे। इन संगठनों ने घोषणा की है कि अब से हर मंगलवार और शनिवार को गांव के हनुमान मंदिर में हनुमान चालीसा का पाठ और भजन- कीर्तन किया जाएगा और इसमें गांव के ज्यादा से ज्यादा लोगों को बुलाया जाएगा।
पदाधिकारियों ने हनुमान मंदिर पर ग्रामीणों को एकत्र कर धर्मांतरण की जालसाजी सेे सचेत रहने और चंगाई सभा जैसे क्रियाकलापों से दूर रहने को कहा। पदाधिकारियों में संघ के प्रचारक मोहन चौहान, बजरंग दल के आलोक शर्मा, गौरव सिंह, प्रांजल अग्निहोत्री, सचिन, सोनू दीक्षित आदि शामिल रहे। आलोक शर्मा ने बताया कि बृहस्पतिवार को उनके प्रांतीय संयोजक अनुज सिंह गुलड़िया पहुंचेंगे। वह कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर चंगाई सभा को रोकने के साथ ही क्षेत्र में लगातार बढ़ रही दूसरी गतिविधियों के रोकने के उपायों पर रणनीति बनाएंगे।
इसी दौरान हनुमान मंदिर के महंत राम चैतन्य ने बताया कि चंगाई सभा से जुड़े लोग काफी समय से मंदिर का प्रसाद ग्रहण नहीं करते हैं और न ही मंदिर पर होने वाले धार्मिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेते है। इसी गांव के नन्हें लाल, सरनाम, शैलेन्द्र और अक्षयपाल ने बताया कि चंगाई सभा में शामिल होने वाले ज्यादातर लोगों से खानपान तथा बुलावा चलावा भी बंद हो चुका है। ग्रामीणों का कहना है कि भले ही उक्त लोग अपना धर्म परिवर्तन न कर सके हो, परंतु उनके ज्यादातर कार्य उन लोगों से अलग तरह के होने लगे हैं।
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कमेटी ने कहा, गांव में होती है प्रार्थना सभा
शाहजहांपुर। गुलड़िया में चार हिंदू परिवारों का धर्म परिर्वतन कराने के कथित मामले की जांच के लिए गठित कमेटी ने बुधवार को अपनी रिपोर्ट एडीएम प्रशासन एमएन उपाध्याय को सौंप दी है। रिपोर्ट में कोई नई बात नहीं है बल्कि कमेटी में शामिल अधिकारियों ने 21 दिसंबर को गुलड़िया जाने के बाद जो बात कही थी, वही इस रिपोर्ट में लिखा गया है। मामले में उपाध्याय का कहना है कि उन्होंने एसडीएम एवं सीओ को निर्देश दिए है कि उनके क्षेत्र में लालच, लोभ या जोर-जबरदस्ती से धर्म परिवर्तन न हो, इसके लिए सतर्क रहें। साथ ही ऐसा करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें।
कमेटी में शामिल जलालाबाद के एसडीएम और सीओ ने रिपोर्ट में लिखा है कि गुलड़िया के पूर्व प्रधान मातादीन वर्मा के आवास पर बीते चार-पांच सालों से प्रत्येक रविवार को प्रार्थना सभा कर बाइबिल के उपदेशों को सुनाया जाता है। ये उपदेश हरदोई के गांव बैजुपुर के राजबहादुर और सिंधौली के गांव बबौरी निवासी रंजीत कुमार द्वारा दिए जाते हैं। दोनों लोगों ने अपने बयान में कहा है कि ये लोग धर्म परिवर्तन नहीं कराते हैं। इनके अलावा अशोक, मातादीन, दिनेश शर्मा, अवधेश सिंह ने अपने बयान में स्वीकार किया कि वे लोग हिंदू ही हैं और उन लोगों ने ईसाई धर्म स्वीकार नहीं किया है।
रंजीत ने डीएम को पत्र लिखा
गुलड़िया के पूर्व प्रधान मातादीन वर्मा के जलालाबाद कस्बे में बारह पत्थर चौराहा स्थित आवास पर हर रविवार को चंगाई सभा करने वाले रंजीत कुमार ने डीएम को पत्र भेजकर कहा है कि वह बबौरी व अन्य जगह सिर्फ प्रार्थना चंगाई सभाएं कराता है। धर्मांतरण का कार्य नहीं करता, मगर संघ व बजरंग दल के पदाधिकारी उसे व सहयोगियों के साथ मारपीट कर बाधा उत्पन्न करते हैं। रंजीत ने ऐसे लोगों को व्यवधान डालने से रोकने की गुजारिश की है।
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पदाधिकारियों ने हनुमान मंदिर पर ग्रामीणों को एकत्र कर धर्मांतरण की जालसाजी सेे सचेत रहने और चंगाई सभा जैसे क्रियाकलापों से दूर रहने को कहा। पदाधिकारियों में संघ के प्रचारक मोहन चौहान, बजरंग दल के आलोक शर्मा, गौरव सिंह, प्रांजल अग्निहोत्री, सचिन, सोनू दीक्षित आदि शामिल रहे। आलोक शर्मा ने बताया कि बृहस्पतिवार को उनके प्रांतीय संयोजक अनुज सिंह गुलड़िया पहुंचेंगे। वह कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर चंगाई सभा को रोकने के साथ ही क्षेत्र में लगातार बढ़ रही दूसरी गतिविधियों के रोकने के उपायों पर रणनीति बनाएंगे।
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इसी दौरान हनुमान मंदिर के महंत राम चैतन्य ने बताया कि चंगाई सभा से जुड़े लोग काफी समय से मंदिर का प्रसाद ग्रहण नहीं करते हैं और न ही मंदिर पर होने वाले धार्मिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेते है। इसी गांव के नन्हें लाल, सरनाम, शैलेन्द्र और अक्षयपाल ने बताया कि चंगाई सभा में शामिल होने वाले ज्यादातर लोगों से खानपान तथा बुलावा चलावा भी बंद हो चुका है। ग्रामीणों का कहना है कि भले ही उक्त लोग अपना धर्म परिवर्तन न कर सके हो, परंतु उनके ज्यादातर कार्य उन लोगों से अलग तरह के होने लगे हैं।
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कमेटी ने कहा, गांव में होती है प्रार्थना सभा
शाहजहांपुर। गुलड़िया में चार हिंदू परिवारों का धर्म परिर्वतन कराने के कथित मामले की जांच के लिए गठित कमेटी ने बुधवार को अपनी रिपोर्ट एडीएम प्रशासन एमएन उपाध्याय को सौंप दी है। रिपोर्ट में कोई नई बात नहीं है बल्कि कमेटी में शामिल अधिकारियों ने 21 दिसंबर को गुलड़िया जाने के बाद जो बात कही थी, वही इस रिपोर्ट में लिखा गया है। मामले में उपाध्याय का कहना है कि उन्होंने एसडीएम एवं सीओ को निर्देश दिए है कि उनके क्षेत्र में लालच, लोभ या जोर-जबरदस्ती से धर्म परिवर्तन न हो, इसके लिए सतर्क रहें। साथ ही ऐसा करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें।
कमेटी में शामिल जलालाबाद के एसडीएम और सीओ ने रिपोर्ट में लिखा है कि गुलड़िया के पूर्व प्रधान मातादीन वर्मा के आवास पर बीते चार-पांच सालों से प्रत्येक रविवार को प्रार्थना सभा कर बाइबिल के उपदेशों को सुनाया जाता है। ये उपदेश हरदोई के गांव बैजुपुर के राजबहादुर और सिंधौली के गांव बबौरी निवासी रंजीत कुमार द्वारा दिए जाते हैं। दोनों लोगों ने अपने बयान में कहा है कि ये लोग धर्म परिवर्तन नहीं कराते हैं। इनके अलावा अशोक, मातादीन, दिनेश शर्मा, अवधेश सिंह ने अपने बयान में स्वीकार किया कि वे लोग हिंदू ही हैं और उन लोगों ने ईसाई धर्म स्वीकार नहीं किया है।
रंजीत ने डीएम को पत्र लिखा
गुलड़िया के पूर्व प्रधान मातादीन वर्मा के जलालाबाद कस्बे में बारह पत्थर चौराहा स्थित आवास पर हर रविवार को चंगाई सभा करने वाले रंजीत कुमार ने डीएम को पत्र भेजकर कहा है कि वह बबौरी व अन्य जगह सिर्फ प्रार्थना चंगाई सभाएं कराता है। धर्मांतरण का कार्य नहीं करता, मगर संघ व बजरंग दल के पदाधिकारी उसे व सहयोगियों के साथ मारपीट कर बाधा उत्पन्न करते हैं। रंजीत ने ऐसे लोगों को व्यवधान डालने से रोकने की गुजारिश की है।