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Barabanki News: वैद्य से मिलने की जल्दबाजी में उजड़ गया पूरा परिवार

Wed, 26 Aug 2026 01:45 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी Updated Wed, 26 Aug 2026 01:45 AM IST
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An entire family was devastated in the rush to see the *Vaidya*.
मसौली। हाईवे पर जल्दबाजी में यू-टर्न लेना मौलाना के परिवार पर भारी पड़ा। एक ओर चार लोगों की मौत का मातम था तो दूसरी ओर सात साल की हुदा जिंदगी की जंग लड़ रही है। सुबह करीब आठ बजे श्रावस्ती से निकले मौलाना शरीफ के परिवार के चेहरों पर खुशी थी। बीमार बहन को देखने के लिए लखनऊ जाना था। साथ ही दोस्तों की सलाह पर बाराबंकी के बिंदौरा में नसों की बीमारी का इलाज करने वाले एक वैद्य से भी मिलने की योजना थी।
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तीसरी योजना बच्चों की लखनऊ की सैर कराने की थी। बाराबंकी-बहराइच हाईवे पर मसौली क्षेत्र में बिंदौरा से करीब 300 मीटर आगे पहुंचते ही शरीफ को वैद्य से मिलने की बात याद आई। उन्होंने खेतों की ओर जा रहे एक ग्रामीण को रोककर बिंदौरा का रास्ता पूछा। ग्रामीण ने बताया कि बिंदौरा तो पीछे ही छूट गया है। शरीफ ने जल्दबाजी में कार दाहिनी ओर मोड़ी। कार अभी सड़क पर सीधी होने ही वाली थी कि सामने से आए डंपर की चपेट में आ गई।
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जिला अस्पताल में भर्ती बच्ची हुदा ने बताया कि अब्बू-अम्मी ने कहा था कि लखनऊ पहुंचकर घुमाएंगे। बड़ागांव सीएचसी पहुंचे शरीफ के दोस्त और साथ पढ़े मौलाना अतहर ने बताया कि श्रावस्ती में जब हादसे की खबर पहुंची तो किसी को यकीन नहीं हुआ। शरीफ अपनी कार की नियमित मेंटेनेंस कराते थे। सुबह घर से हंसी-खुशी निकला परिवार कुछ ही घंटों में बिखर चुका था।
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g बलुहा में मातम, उजड़ गया शरीफ का परिवार : बलरामपुर। बाराबंकी के मसौली क्षेत्र में हुए भीषण सड़क हादसे की खबर बलरामपुर पहुंचते ही नगर के मोहल्ला बलुहा में मातम पसर गया। हादसे में मूलरूप से बलुहा निवासी मौलाना मोहम्मद शरीफ, उनकी पत्नी तबस्सुम, बेटे मोहम्मद उजेम और बेटी रुशदा की मौत हो गई। छह वर्षीय बेटी हुदा घायल है और उसका उपचार चल रहा है। हादसे की खबर मिलते ही भाई व रिश्तेदार बाराबंकी के लिए रवाना हो गए। परिवार के लोगों के अनुसार शवों को बलरामपुर लाने के बाद बलुहा कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक करने की तैयारी है।
मृतक के भतीजे रफी राईनी ने बताया कि उनके चचा मोहम्मद शरीफ करीब 20 वर्षों से श्रावस्ती के भिनगा स्थित नई बाजार में रह रहे थे। वह मदरसा नुरूल उलूम में सरकारी शिक्षक थे। मूलरूप से बलरामपुर के बलुहा के रहने वाले शरीफ ने नौकरी के कारण भिनगा में मकान बनवा लिया था, लेकिन बलुहा स्थित अपने पैतृक मकान पर अक्सर आते-जाते रहते थे।

रफी राईनी के अनुसार मंगलवार को मौलाना शरीफ अपनी पत्नी तबस्सुम, बेटे उजेम, बेटियों रुशदा और हुदा के साथ लखनऊ जा रहे थे। मंगलवार को बलुहा स्थित घर पर स्थानीय लोगों ने पहुंचकर शोक जताया। (संवाद)
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