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मरीज, तीमारदारों ने जिला अस्पताल के सामने किया रोड जाम
रौसरकोठी/ शाहजहांपुर।
Updated Wed, 16 Sep 2015 12:17 AM IST
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जिला अस्पताल में डॉक्टर की पिटाई और ट्रामा सेंटर में तोड़फोड़ के विरोध में कर्मचारियों ने मंगलवार सुबह हड़ताल का ऐलान कर दिया। इससे अस्पताल में न तो पर्चे बने और न ही किसी मरीज का इलाज हुआ। ओपीडी बंद रहने से मरीज बाहर पड़े तड़पते रहे। इससे गुस्साए मरीजों और तीमारदारों ने जिला अस्पताल के सामने करीब चार घंटे तक रोड जाम रखा और जमकर हंगामा किया।
सात सितंबर को सदर बाजार थाना क्षेत्र के मोहल्ला महमंद जंगला के अजीम को गोली मार दी गई थी। उसे घायल हालत में घरवाले जिला अस्पताल ले गए थे। वहां पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाकर अजीम के परिवार वालोें और नजदीकी लोगों ने डॉक्टरों से मारपीट और जिला अस्पताल में तोड़फोड़ की थी। इसके विरोध में डॉक्टर धरने पर बैठ गए थे। जिला अस्पताल में तोड़फोड़ करने वाले अभियुक्तों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर मंगलवार सुबह डॉक्टर धरना प्रदर्शन कर रहे थे। इस दौरान जिला अस्पताल पहुंचे मरीजों के तीमारदारों इलाज करने की गुहार लगाई। इस पर डॉक्टरों ने हड़ताल होने की कहकर मरीजों को देखने से मना क र दिया। मरीजों की हालत बिगड़ती देख तीमारदारों ने 10.30 बजे अस्पताल गेट के सामने बैलगाड़ी आड़ी तिरछी खड़ी करके रोड पर जाम लगा दिया। सूचना पाकर पहुंचे इंस्पेक्टर केके तिवारी ने तीमारदारों और डॉक्टरों के बीच बात कराई। डॉक्टरों ने आरोपियों की गिरफ्तारी हुए बगैर हड़ताल समाप्त करने से मना कर दिया। इस दौरान डॉक्टर, पुलिस और तीमारदारों के बीच झगड़ा हुआ।
डॉक्टरों ने इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को देखने की बात जरूर कही। वहीं वार्ता में कोई हल न निकलने की वजह से करीब ढाई बजे तक जाम लगा रहा। इससे राहगीरों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा।
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सात सितंबर को सदर बाजार थाना क्षेत्र के मोहल्ला महमंद जंगला के अजीम को गोली मार दी गई थी। उसे घायल हालत में घरवाले जिला अस्पताल ले गए थे। वहां पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाकर अजीम के परिवार वालोें और नजदीकी लोगों ने डॉक्टरों से मारपीट और जिला अस्पताल में तोड़फोड़ की थी। इसके विरोध में डॉक्टर धरने पर बैठ गए थे। जिला अस्पताल में तोड़फोड़ करने वाले अभियुक्तों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर मंगलवार सुबह डॉक्टर धरना प्रदर्शन कर रहे थे। इस दौरान जिला अस्पताल पहुंचे मरीजों के तीमारदारों इलाज करने की गुहार लगाई। इस पर डॉक्टरों ने हड़ताल होने की कहकर मरीजों को देखने से मना क र दिया। मरीजों की हालत बिगड़ती देख तीमारदारों ने 10.30 बजे अस्पताल गेट के सामने बैलगाड़ी आड़ी तिरछी खड़ी करके रोड पर जाम लगा दिया। सूचना पाकर पहुंचे इंस्पेक्टर केके तिवारी ने तीमारदारों और डॉक्टरों के बीच बात कराई। डॉक्टरों ने आरोपियों की गिरफ्तारी हुए बगैर हड़ताल समाप्त करने से मना कर दिया। इस दौरान डॉक्टर, पुलिस और तीमारदारों के बीच झगड़ा हुआ।
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डॉक्टरों ने इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को देखने की बात जरूर कही। वहीं वार्ता में कोई हल न निकलने की वजह से करीब ढाई बजे तक जाम लगा रहा। इससे राहगीरों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा।
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