वाणिज्य कर का आॅटोमोबाइल प्रतिष्ठान पर छापा
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वाणिज्य कर विभाग की बरेली स्थित विशेष अनुसंधान शाखा के अधिकारियों की टीम ने बृहस्पतिवार को बाड़ूजई प्रथम स्थित एक आटोमोबाइल प्रतिष्ठान पर छापा मारा। इस दौरान टीम के प्रभारी अधिकारी ने अन्य राज्यों से आयातित खरीद अभिलेखों में कमी पाए जाने पर फर्म संचालक के भाई को विभागीय प्रक्रिया के तहत जमानत राशि अदा करने का निर्देश दिया। इसी बीच वहां पहुंचे व्यापार मंडल मिश्रा गुट के पदाधिकारियों ने इस कार्रवाई का कड़ा विरोध करके व्यापारी को सुधार का मौका देने की मांग की। इस पर एसआईबी के अधिकारी फर्म संचालक को नोटिस देकर सात दिन में अभिलेखों का सत्यापन कराने के निर्देश दिए।
शहर में उस्मानबाग पुलिस चौकी के पास दीपक अग्रवाल का मेसर्स आदर्श आटोमोबाइल के नाम से ई-रिक्शा और महिंद्रा स्कूटर बिक्री का प्रतिष्ठान है। बृहस्पतिवार दोपहर में कई अधिकारी पुलिस फोर्स के साथ प्रतिष्ठान पर पहुंचे। वाणिज्य कर विभाग डिप्टी कमिश्रर संजय मिश्रा ने अपना परिचय देते हुए बताया कि विशेष अनुसंधान शाखा प्रभारी बरेली से टीम लेकर सर्वे करने आए हैं। प्रतिष्ठान स्वामी दीपक अग्रवाल के शहर से बाहर होने के कारण वहां मौजूद मिले उनके पुत्र गौरव अग्रवाल से एसआईबी प्रभारी ने बिक्री अभिलेख तलब किए।
अभिलेखों की जांच करने पर पता चला कि अन्य राज्यों से खरीदे गए सामान की आईटीसी में लगभग 50000 हजार रुपये की खरीद दर्ज नहीं है और संबंधित लेखा पुस्तिका भी उपलब्ध नहीं है। दुकान स्वामी के बेटे ने कहा भी कि पिता के लौटने पर संबंधित अभिलेख उपलब्ध करा दिए जाएंगे, लेकिन टीम में शामिल अधिकारी विभागीय नियमों का हवाला देते हुए जमानत कराने का दबाव बनाने लगे। इसी बीच, वहां व्यापार मंडल मिश्रा गुट के जिलाध्यक्ष कुलदीप सिंह दुआ और नगर अध्यक्ष सुनील गुप्ता कई पदाधिकारियों के साथ जा पहुंचे और अफसरों का कड़ा विरोध करना शुरू कर दिया।
व्यापारी नेता दुआ का कहना था कि जीएसटी के प्रारूप को अभी पूरी तरह से विभाग के अधिकारी समझाने की स्थिति में नहीं हैं। इसलिए व्यापारियों से यदि कहीं कोई त्रुटि होती है तो अनावश्यक दबाव बनाने के बजाय उसके सुधार के लिए समय दिया जाना चाहिए। इस पर एसआईटी प्रभारी ने फर्म संचालक के नाम नोटिस जारी कर सभी लेखा पुस्तिकाएं सात दिन में सत्यापित कराने के निर्देश दिए। इस मौके पर सुरेंद्र सेठी, नवीन गुप्ता, लक्ष्मण प्रसाद, जीवन जिंदल, पुरुषोत्तम गुप्ता, प्रदीप अग्रवाल, दिनेश चंद्र दीक्षित आदि व्यापारी मौजूद रहे।