{"_id":"e11d2a29fda05f281828d6705bc4d4ae","slug":"head-of-mjigwan-rights-seas-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मझिगवां की प्रधान के अधिकार सीज","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
मझिगवां की प्रधान के अधिकार सीज
पुवायां/मझिगवां।
Updated Sun, 26 Apr 2015 11:20 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पुवायां/मझिगवां। डीएम ने मझिगवां की ग्रामप्रधान माना देवी के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकारों पर रोक लगा दी है। उन पर 2.41 लाख रुपये गबन का आरोप है। इस गांवसभा के ग्राम विकास अधिकारी अतर सिंह के खिलाफ भी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
गांव उदना निवासी पवन कुमार ने चार अक्तूबर 12 को शपथपत्र देकर गांव में कराए गए विकास कार्यों में धांधली की शिकायत की थी। शिकायत की जांच के लिए डीएम ने जिला बचत अधिकारी और ग्रामीण अभियंत्रण सेवा के अवर अभियंता की टीम गठित की थी। टीम ने जांच में पाया कि गांवसभा मझिगवां में दो लाख 41 हजार 193 रुपये शासकीय धन का गबन किया गया है। प्रारंभिक जांच में प्रधान माना देवी और ग्राम विकास अधिकारी अतर सिंह को प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए कारण बताओ नोटिस देकर साक्ष्यों सहित स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया गया था।
प्रधान और ग्राम विकास अधिकारी से संयुक्त जवाब में डीपीआरओ और डीएम को बताया कि शासकीय धन का कोई गबन नहीं किया गया है। शिकायत के समय निर्माण कार्य चल रहे थे। बारिश, विवाद आदि के कारण कार्यों में देरी हुई, लेकिन धन का पूरा सदुपयोग किया गया है। दाखिल जवाब के परीक्षण में डीएम ने पाया कि कार्यपूर्ति प्रमाणपत्रों पर सत्यापित करने वाले सक्षम अधिकारी के हस्ताक्षर नहीं हैं। प्रधान और ग्राम विकास अधिकारी से अपने हस्ताक्षर कर बचने का प्रयास किया है। गबन की राशि के कारण होने वाली कार्रवाई से बचने के लिए कूटरचित ढंग से प्रमाणपत्र तैयार कर स्व हस्ताक्षरित कर प्रस्तुत कर दिए गए। व्यय राशि के बिल बाउचर भी प्रस्तुत नहीं किए गए। जवाब को संतोषजनक नहीं मानते हुए डीएम ने प्रधान की वित्तीय और प्रशासनिक अधिकारों पर तत्काल रोक लगा दी है। अंतिम जांच के लिए जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी और ग्रामीण अभियंत्रण सेवा ददरौल के अवर अभियंता की टीम गठित कर दी गई है। डीडीओ को ग्राम विकास अधिकारी अतर सिंह के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
गांव उदना निवासी पवन कुमार ने चार अक्तूबर 12 को शपथपत्र देकर गांव में कराए गए विकास कार्यों में धांधली की शिकायत की थी। शिकायत की जांच के लिए डीएम ने जिला बचत अधिकारी और ग्रामीण अभियंत्रण सेवा के अवर अभियंता की टीम गठित की थी। टीम ने जांच में पाया कि गांवसभा मझिगवां में दो लाख 41 हजार 193 रुपये शासकीय धन का गबन किया गया है। प्रारंभिक जांच में प्रधान माना देवी और ग्राम विकास अधिकारी अतर सिंह को प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए कारण बताओ नोटिस देकर साक्ष्यों सहित स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया गया था।
विज्ञापन
प्रधान और ग्राम विकास अधिकारी से संयुक्त जवाब में डीपीआरओ और डीएम को बताया कि शासकीय धन का कोई गबन नहीं किया गया है। शिकायत के समय निर्माण कार्य चल रहे थे। बारिश, विवाद आदि के कारण कार्यों में देरी हुई, लेकिन धन का पूरा सदुपयोग किया गया है। दाखिल जवाब के परीक्षण में डीएम ने पाया कि कार्यपूर्ति प्रमाणपत्रों पर सत्यापित करने वाले सक्षम अधिकारी के हस्ताक्षर नहीं हैं। प्रधान और ग्राम विकास अधिकारी से अपने हस्ताक्षर कर बचने का प्रयास किया है। गबन की राशि के कारण होने वाली कार्रवाई से बचने के लिए कूटरचित ढंग से प्रमाणपत्र तैयार कर स्व हस्ताक्षरित कर प्रस्तुत कर दिए गए। व्यय राशि के बिल बाउचर भी प्रस्तुत नहीं किए गए। जवाब को संतोषजनक नहीं मानते हुए डीएम ने प्रधान की वित्तीय और प्रशासनिक अधिकारों पर तत्काल रोक लगा दी है। अंतिम जांच के लिए जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी और ग्रामीण अभियंत्रण सेवा ददरौल के अवर अभियंता की टीम गठित कर दी गई है। डीडीओ को ग्राम विकास अधिकारी अतर सिंह के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
विज्ञापन