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डाउन यार्ड में मालगाड़ी का इंजन हुआ बेपटरी
रोजा, शाहजहांपुर
Updated Fri, 03 Apr 2015 11:34 PM IST
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डाउन यार्ड में शुक्रवार की शाम करीब चार बजे मालगाड़ी का इंजन बेपटरी हो गया। एआरटी कर्मियों की कड़ी मशक्कत से दो घंटे के बाद इंजन को पटरी पर लाया जा सका। इस हादसे के लिए इंजीनियरिंग पूल के कर्मचारियों की लापरवाही के संकेत मिले हैं। दुर्घटना के कारणों की जांच के लिए चार सदस्यीय ज्वाइंट कमेटी का गठन किया गया है।
रोजा डाउन यार्ड की लाइन संख्या 27 से मुरादाबाद के लिए एक मालगाड़ी शुक्रवार शाम करीब चार बजे रवाना किया गया था। चालक परविंदर कुमार ने अधिकारियों को बताया कि जब वह डाउन यार्ड के प्वाइंट संख्या 293 के पास पहुंचा तो लाइनों पर पत्थरों के ढेर लगे थे। जैसे ही इंजन के अगले दो पहिए पत्थरों पर पड़े तो वह डिरेल हो गए।
हादसे की सूचना पर एआरटी प्रभारी रवि कुमार, रेलपथ अभियंता हरगोविंद, बीके श्रीवास्तव, स्टेशन अधीक्षक एमयू खान सहित कई स्थानीय अधिकारी मौके पर पहुंचे और एआरटी के उपकरणो के द्वारा इंजन को पटरी पर लाने की कवायद शुरू की गई।
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चूंकि मालगाड़ी में कई डिब्बे जुड़े हुए थे। इनको काटकर पहले अलग किया गया फिर जैक से शाम करीब छह बजे इंजन को पटरी पर खड़ा किया गया। हादसे का कारण रेल लाइनों पर पत्थरों का पड़ा होना माना जा रहा है। इसके लिए रेलपथ अनुभाग की लापरवाही के साफ संकेत मिले हैं। इस मामले में चार सदस्यों की ज्वाइंट कमेटी का गठन किया गया है। इस हादसे से कोई रेल यातायात बाधित नहीं हुआ है क्योकि हादसा मेल लाइन को छोड़कर डाउनयार्ड की लाइन संख्या 27 पर हुआ है।
करीब चार बजे हम डाउन यार्ड से मुरादाबाद की ओर जा रहे थे। हमारी गति काफी कम थी। रेलवे लाइन पर बड़े-बड़े पत्थर पड़े थे। इनसे टकराकर इंजन के दो चक्के पटरी से उतर गए।
- परविंदर कुमार, चालक
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रोजा डाउन यार्ड की लाइन संख्या 27 से मुरादाबाद के लिए एक मालगाड़ी शुक्रवार शाम करीब चार बजे रवाना किया गया था। चालक परविंदर कुमार ने अधिकारियों को बताया कि जब वह डाउन यार्ड के प्वाइंट संख्या 293 के पास पहुंचा तो लाइनों पर पत्थरों के ढेर लगे थे। जैसे ही इंजन के अगले दो पहिए पत्थरों पर पड़े तो वह डिरेल हो गए।
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हादसे की सूचना पर एआरटी प्रभारी रवि कुमार, रेलपथ अभियंता हरगोविंद, बीके श्रीवास्तव, स्टेशन अधीक्षक एमयू खान सहित कई स्थानीय अधिकारी मौके पर पहुंचे और एआरटी के उपकरणो के द्वारा इंजन को पटरी पर लाने की कवायद शुरू की गई।
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चूंकि मालगाड़ी में कई डिब्बे जुड़े हुए थे। इनको काटकर पहले अलग किया गया फिर जैक से शाम करीब छह बजे इंजन को पटरी पर खड़ा किया गया। हादसे का कारण रेल लाइनों पर पत्थरों का पड़ा होना माना जा रहा है। इसके लिए रेलपथ अनुभाग की लापरवाही के साफ संकेत मिले हैं। इस मामले में चार सदस्यों की ज्वाइंट कमेटी का गठन किया गया है। इस हादसे से कोई रेल यातायात बाधित नहीं हुआ है क्योकि हादसा मेल लाइन को छोड़कर डाउनयार्ड की लाइन संख्या 27 पर हुआ है।
करीब चार बजे हम डाउन यार्ड से मुरादाबाद की ओर जा रहे थे। हमारी गति काफी कम थी। रेलवे लाइन पर बड़े-बड़े पत्थर पड़े थे। इनसे टकराकर इंजन के दो चक्के पटरी से उतर गए।
- परविंदर कुमार, चालक