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Muzaffarnagar News: ठगे गए 5 लाख 86 हजार रुपये खातों में कराए वापस
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मुजफ्फरनगर। साइबर थाना पुलिस ने दो अलग-अलग मामलों में ठगी के शिकार हुए पीड़ितों को कुल पांच लाख 86 हजार रुपये वापस दिलाए हैं। इनमें भाजपा के नमामि गंगे पश्चिम उत्तर प्रदेश के क्षेत्रीय संयोजक रामकुमार सैनी भी शामिल हैं। उनसे पांच लाख 71 हजार रुपये की ठगी हुई थी।
पुलिस ने रतनपुरी में बिजलीघर के एक संविदा लाइनमैन के 15 हजार रुपये भी उसके खाते में वापस कराए हैं। मीरापुर निवासी रामकुमार सैनी आलू और प्याज का थोक कारोबार करते हैं। उन्होंने नासिक के एक कारोबारी से प्याज खरीदने के लिए पांच लाख 71 हजार रुपये उसके खाते में जमा किए थे। हालांकि उन्हें प्याज नहीं भेजी गई। बाद में उन्हें साइबर ठगी का पता चला। रामकुमार सैनी ने बताया कि उनके रुपये वीशू नाम के एक व्यक्ति के खाते में पहुंचे थे।
पुलिस अधीक्षक क्राइम इंदु सिद्धार्थ ने इस मामले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि साइबर थाना प्रभारी कर्मवीर सिंह और उनकी टीम ने सक्रियता से कार्रवाई की। टीम ने गहन जांच के बाद ठगी गई पूरी रकम पीड़ितों के बैंक खातों में वापस करा दी। यह कार्रवाई साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने में पुलिस की सफलता को दर्शाती है।
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खाते में पहुंचे 15 हजार रुपये
रतनपुरी। सीओ बुढ़ाना गजेंद्र पाल सिंह ने बताया कि थाना क्षेत्र के गांव भूपखेड़ी निवासी सिंकदरपुर बिजली घर पर तैनात संविदा लाइनमैन कपिल कुमार ने रतनपुरी थाने पर प्रार्थना पत्र देकर बताया था कि वह अपने बैंक खाते से 15 हजार रुपये क्यूआर कोड के माध्यम से ट्रांसफर कर रहा था। मगर गलती से गलत क्यूआर कोड पर एक अन्य खाते में 15 हजार रुपये ट्रांसफर हो गए। साइबर हेल्प डेस्क ने कार्रवाई करते हुए पीड़ित कपिल की संपूर्ण धनराशि उसके खाते में वापस ट्रांसफर करा दी। साइबर हेल्प डेस्क की तत्परता से पीड़ित की धनराशि वापस मिल गई।
यह बरतें सावधानी -
-किसी प्रकार के लालच या प्रलोभन में आकर अपनी बैंकिंग संबंधी जानकारी किसी से शेयर न करें।
किसी भी व्यक्ति को अपना ओटीपी, एटीएम पिन नंबर, सीवीवी नंबर अथवा पासवर्ड साझा न करें।
किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर कोई ऐप डाउनलोड न करें। अनजान लिंक पर क्लिक न करें।
क्यूआर कोड पर भुगतान करते समय सावधानी बरतें।
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यहां करें शिकायत-
साइबर फ्रॉड या धोखाधड़ी होने पर साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें।
साइबर सेल या पास के थाने के साइबर हेल्प डेस्क पर संपर्क करें।
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पुलिस ने रतनपुरी में बिजलीघर के एक संविदा लाइनमैन के 15 हजार रुपये भी उसके खाते में वापस कराए हैं। मीरापुर निवासी रामकुमार सैनी आलू और प्याज का थोक कारोबार करते हैं। उन्होंने नासिक के एक कारोबारी से प्याज खरीदने के लिए पांच लाख 71 हजार रुपये उसके खाते में जमा किए थे। हालांकि उन्हें प्याज नहीं भेजी गई। बाद में उन्हें साइबर ठगी का पता चला। रामकुमार सैनी ने बताया कि उनके रुपये वीशू नाम के एक व्यक्ति के खाते में पहुंचे थे।
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पुलिस अधीक्षक क्राइम इंदु सिद्धार्थ ने इस मामले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि साइबर थाना प्रभारी कर्मवीर सिंह और उनकी टीम ने सक्रियता से कार्रवाई की। टीम ने गहन जांच के बाद ठगी गई पूरी रकम पीड़ितों के बैंक खातों में वापस करा दी। यह कार्रवाई साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने में पुलिस की सफलता को दर्शाती है।
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खाते में पहुंचे 15 हजार रुपये
रतनपुरी। सीओ बुढ़ाना गजेंद्र पाल सिंह ने बताया कि थाना क्षेत्र के गांव भूपखेड़ी निवासी सिंकदरपुर बिजली घर पर तैनात संविदा लाइनमैन कपिल कुमार ने रतनपुरी थाने पर प्रार्थना पत्र देकर बताया था कि वह अपने बैंक खाते से 15 हजार रुपये क्यूआर कोड के माध्यम से ट्रांसफर कर रहा था। मगर गलती से गलत क्यूआर कोड पर एक अन्य खाते में 15 हजार रुपये ट्रांसफर हो गए। साइबर हेल्प डेस्क ने कार्रवाई करते हुए पीड़ित कपिल की संपूर्ण धनराशि उसके खाते में वापस ट्रांसफर करा दी। साइबर हेल्प डेस्क की तत्परता से पीड़ित की धनराशि वापस मिल गई।
यह बरतें सावधानी -
-किसी प्रकार के लालच या प्रलोभन में आकर अपनी बैंकिंग संबंधी जानकारी किसी से शेयर न करें।
किसी भी व्यक्ति को अपना ओटीपी, एटीएम पिन नंबर, सीवीवी नंबर अथवा पासवर्ड साझा न करें।
किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर कोई ऐप डाउनलोड न करें। अनजान लिंक पर क्लिक न करें।
क्यूआर कोड पर भुगतान करते समय सावधानी बरतें।
यहां करें शिकायत-
साइबर फ्रॉड या धोखाधड़ी होने पर साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें।
साइबर सेल या पास के थाने के साइबर हेल्प डेस्क पर संपर्क करें।