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बंडा पुलिस ने घायल को थाने से भगाया
Updated Mon, 18 Sep 2017 10:03 AM IST
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मकसूदापुर/बंडा (शाहजहांपुर)। मारपीट में घायल युवक को बंडा पुलिस ने थाने से भाग दिया। पुलिस ने युवक को अस्पताल जाने को कहा, लेकिन अस्पताल में पुलिस कार्रवाई के बिना मेडिकल करने से इंकार कर दिया गया। घायल मां के साथ चार घंटे तक थाने में बैठा रहा, लेकिन पुलिस ने सुनवाई नहीं की।
गांव मकसूदापुर निवासी ख्यालीराम की पत्नी सोमवती ने बताया कि रविवार को उसका पुत्र रामकुमार मजदूरी के रुपये लेने जा रहा था। रास्ते में गांव के ही तीन लोगों ने उसके पुत्र को घेर लिया और जबरिया मजदूरी पर चलने को कहने लगे। मना करने गाली गलौज करने लगे। रामकुमार ने विरोध किया तो उक्त ने उसे डंडों से पीटकर घायल कर दिया। शोर मचाने पर गांव के लोग आए तो आरोपी कहीं भी शिकायत करने पर जान से मार देने की धमकी देते हुए चले गए। इसके बाद वह पुत्र को लेकर थाने पहुंची और तहरीर दी तो पुलिस ने फटकार लगाते हुए थाने से भगा दिया। उससे कहा गया कि चोट लगी है तो अस्पताल जाकर इलाज कराए, थाने में क्या काम है। वह पुत्र को लेकर अस्पताल पहुंची तो डॉक्टरों ने मामला फौजदारी का बताते हुए पुलिस की चिट्ठी के बिना इलाज से मना कर दिया। शाम छह बजे तक पुलिस ने उसकी सुनवाई नहीं की थी। एसओ महेंद्र सिंह ने बताया कि मामले की जांच कराई जा रही है।
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गांव मकसूदापुर निवासी ख्यालीराम की पत्नी सोमवती ने बताया कि रविवार को उसका पुत्र रामकुमार मजदूरी के रुपये लेने जा रहा था। रास्ते में गांव के ही तीन लोगों ने उसके पुत्र को घेर लिया और जबरिया मजदूरी पर चलने को कहने लगे। मना करने गाली गलौज करने लगे। रामकुमार ने विरोध किया तो उक्त ने उसे डंडों से पीटकर घायल कर दिया। शोर मचाने पर गांव के लोग आए तो आरोपी कहीं भी शिकायत करने पर जान से मार देने की धमकी देते हुए चले गए। इसके बाद वह पुत्र को लेकर थाने पहुंची और तहरीर दी तो पुलिस ने फटकार लगाते हुए थाने से भगा दिया। उससे कहा गया कि चोट लगी है तो अस्पताल जाकर इलाज कराए, थाने में क्या काम है। वह पुत्र को लेकर अस्पताल पहुंची तो डॉक्टरों ने मामला फौजदारी का बताते हुए पुलिस की चिट्ठी के बिना इलाज से मना कर दिया। शाम छह बजे तक पुलिस ने उसकी सुनवाई नहीं की थी। एसओ महेंद्र सिंह ने बताया कि मामले की जांच कराई जा रही है।
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