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Gorakhpur News: मानसिक दबाव या निजी जिंदगी की कोई उलझन, मोबाइल के डिलीट चैट ने बढ़ाए सवाल
Mon, 31 Aug 2026 11:58 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Mon, 31 Aug 2026 11:58 PM IST
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बस्ती। वाल्टरगंज थानाध्यक्ष सूर्य प्रकाश सिंह की आत्महत्या की वजह तलाशने में अब उनके मोबाइल की गतिविधियां जांच की अहम कड़ी बन गई हैं। पोस्टमार्टम में शाम करीब तीन-चार बजे मौत होने का अनुमान सामने आया है। ऐसे में पुलिस यह जानने में जुटी है कि आवास पर जाने के बाद ऐसा क्या घटनाक्रम हुआ और क्या कोई ऐसा दबाव या परिस्थिति बनी जिसने उन्हें यह कदम उठाने के लिए मजबूर किया।
वाल्टरगंज थानाध्यक्ष सूर्य प्रकाश सिंह की मौत के मामले में पुलिस ने घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की है। उनके मोबाइल फोन की भी पड़ताल की जा रही है। मोबाइल में कुछ सामग्री डिलीट किए जाने की बात सामने आने के बाद इसकी जांच को और महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जांच का एक प्रमुख बिंदु यह है कि यह मोबाइल से कब डिलीट की गई। यदि तकनीकी जांच से यह रिकवर होता है तो उससे यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि वह सामान्य गतिविधि का हिस्सा था या घटना से पहले की किसी महत्वपूर्ण परिस्थिति से जुड़ा था।
पुलिस यह भी खंगाल रही है कि सूर्य प्रकाश सिंह किसी मानसिक दबाव में तो नहीं थे। विभागीय जिम्मेदारियों, काम के दबाव या किसी विवाद से जुड़े पहलुओं की जानकारी जुटाई जा रही है। साथ ही उनकी निजी जिंदगी में कोई ऐसी उलझन तो नहीं थी, जिसे उन्होंने दूसरों से साझा नहीं किया था। पुलिस का मानना है कि यदि कोई बाहरी दबाव, मानसिक प्रताड़ना, विवाद अथवा निजी परेशानी थी तो उसके संकेत डिजिटल साक्ष्यों और पूछताछ से सामने आ सकते हैं।
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एएसपी श्यामकांत ने बताया कि 24 घंटे में कई लोगों से उनकी बातचीत हुई थी। पत्नी व परिवार के अन्य लोगों से लंबी बातचीत भी है। सीयूजी नंबर पर कार्य से जुड़े लोगों से भी उनकी बात हुई है। ऐसे में सभी पहलुओं को केंद्र में रखकर जांच की जा रही है। कोई सुराग मिलने पर ही कुछ कहना स्पष्ट होगा।
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वाल्टरगंज थानाध्यक्ष सूर्य प्रकाश सिंह की मौत के मामले में पुलिस ने घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की है। उनके मोबाइल फोन की भी पड़ताल की जा रही है। मोबाइल में कुछ सामग्री डिलीट किए जाने की बात सामने आने के बाद इसकी जांच को और महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जांच का एक प्रमुख बिंदु यह है कि यह मोबाइल से कब डिलीट की गई। यदि तकनीकी जांच से यह रिकवर होता है तो उससे यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि वह सामान्य गतिविधि का हिस्सा था या घटना से पहले की किसी महत्वपूर्ण परिस्थिति से जुड़ा था।
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पुलिस यह भी खंगाल रही है कि सूर्य प्रकाश सिंह किसी मानसिक दबाव में तो नहीं थे। विभागीय जिम्मेदारियों, काम के दबाव या किसी विवाद से जुड़े पहलुओं की जानकारी जुटाई जा रही है। साथ ही उनकी निजी जिंदगी में कोई ऐसी उलझन तो नहीं थी, जिसे उन्होंने दूसरों से साझा नहीं किया था। पुलिस का मानना है कि यदि कोई बाहरी दबाव, मानसिक प्रताड़ना, विवाद अथवा निजी परेशानी थी तो उसके संकेत डिजिटल साक्ष्यों और पूछताछ से सामने आ सकते हैं।
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एएसपी श्यामकांत ने बताया कि 24 घंटे में कई लोगों से उनकी बातचीत हुई थी। पत्नी व परिवार के अन्य लोगों से लंबी बातचीत भी है। सीयूजी नंबर पर कार्य से जुड़े लोगों से भी उनकी बात हुई है। ऐसे में सभी पहलुओं को केंद्र में रखकर जांच की जा रही है। कोई सुराग मिलने पर ही कुछ कहना स्पष्ट होगा।