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अमरोहा के युवक ने फंदे से लटक कर दी जान
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शाहजहांपुर। चौक कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला आनंदपुरम् कॉलोनी में किराये के मकान में पत्नी-बच्चों के साथ रह रहे अमरोहा के एक युवक ने फंदे से लटक कर जान दे दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पीएम को भेजा है। पुलिस आत्महत्या की वजह पति-पत्नी के बीच कलह मानकर चल रही है, वहीं पत्नी पति की मौत के बाद से गुमसुम है। फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर घटना से जुड़े साक्ष्य इकट्ठा किए।
अमरोहा के थाना हसनपुर क्षेत्र के गांव सुल्तानपुर निवासी 35 वर्षीय संजीव शर्मा पुत्र छोटेलाल लगभग दस वर्ष पहले शहर में पत्नी ममता के साथ शहर के मोहल्ला आनंदपुरम कॉलोनी में वीनू के मकान में रहने लगे थे। वह यहां एक पेपर मिल में काम करते थे। शहर के पेपर मिल से काम छूट जाने पर वह बरेली के फरीदपुर में पेपर मिल में काम करने लगे। इस दौरान पत्नी ने शहर में कनौजिया अस्पताल के पास बुटिक सेंटर खोल लिया। होली पर वह फरीदपुर से शहर आया तो वापस नहीं गया था। शनिवार सुबह पत्नी बुटिक सेंटर चलीं गईं और दोनों बेटे 10 वर्षीय अहम और सात वर्षीय छोटू खेलने चले गए। इसी दौरान संजीव ने पत्नी के दुपट्टे से गला कसा और कमरे में पंखे से फंदा लगा लटक गया। दोपहर करीब एक बजे पत्नी ममता बुटिक सेंटर से लौटी और कमरे के दरवाजे को धक्का देकर खोला तो अंदर का नजारा देखकर उसकी चीख निकल गई। पति का शव फंदे से लटका हुआ था। सूचना मिलने पर चौक कोतवाली इंस्पेक्टर राजीव शर्मा पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और मामले की जानकारी कर शव को फंदे से उतरवाया। ममता से आत्महत्या की वजह जानने की कोशिश की गई, लेकिन वह रोती-बिलखती रही। मोहल्ले के लोगों ने उसे चुप कराया तो गुमसुम हो गई।
बहन-बहनोई को लिखा बच्चों का ख्याल रखना
इंस्पेक्टर राजीव शर्मा ने बताया कि संजीव शर्मा के कमरे से पुलिस को वर्ष 2017 का लिखा हुआ एक कागज का टुकड़ा मिला है। जिसमें लिखा है कि बहन-बहनोई मेरे बच्चों की देखभाल कर लेंगे। अस्पष्ट भाषा में लिखे इस पत्र को पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। वहीं हथेली पर पत्नी ममता के अलावा कुछ और लिखने की कोशिश में लकीरे खींचीं हैं।
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मृतक संजीव शर्मा की अपनी पत्नी से अनबन रहती थी। संभव है कि इसी वजह से उसने आत्महत्या कर ली। पत्नी भी ज्यादा कुछ बता नहीं पा रही है। फिलहाल शव पीएम को भेज दिया गया है। पीएम रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई होगी।
दिनेश त्रिपाठी, एएसपी सिटी
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अमरोहा के थाना हसनपुर क्षेत्र के गांव सुल्तानपुर निवासी 35 वर्षीय संजीव शर्मा पुत्र छोटेलाल लगभग दस वर्ष पहले शहर में पत्नी ममता के साथ शहर के मोहल्ला आनंदपुरम कॉलोनी में वीनू के मकान में रहने लगे थे। वह यहां एक पेपर मिल में काम करते थे। शहर के पेपर मिल से काम छूट जाने पर वह बरेली के फरीदपुर में पेपर मिल में काम करने लगे। इस दौरान पत्नी ने शहर में कनौजिया अस्पताल के पास बुटिक सेंटर खोल लिया। होली पर वह फरीदपुर से शहर आया तो वापस नहीं गया था। शनिवार सुबह पत्नी बुटिक सेंटर चलीं गईं और दोनों बेटे 10 वर्षीय अहम और सात वर्षीय छोटू खेलने चले गए। इसी दौरान संजीव ने पत्नी के दुपट्टे से गला कसा और कमरे में पंखे से फंदा लगा लटक गया। दोपहर करीब एक बजे पत्नी ममता बुटिक सेंटर से लौटी और कमरे के दरवाजे को धक्का देकर खोला तो अंदर का नजारा देखकर उसकी चीख निकल गई। पति का शव फंदे से लटका हुआ था। सूचना मिलने पर चौक कोतवाली इंस्पेक्टर राजीव शर्मा पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और मामले की जानकारी कर शव को फंदे से उतरवाया। ममता से आत्महत्या की वजह जानने की कोशिश की गई, लेकिन वह रोती-बिलखती रही। मोहल्ले के लोगों ने उसे चुप कराया तो गुमसुम हो गई।
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बहन-बहनोई को लिखा बच्चों का ख्याल रखना
इंस्पेक्टर राजीव शर्मा ने बताया कि संजीव शर्मा के कमरे से पुलिस को वर्ष 2017 का लिखा हुआ एक कागज का टुकड़ा मिला है। जिसमें लिखा है कि बहन-बहनोई मेरे बच्चों की देखभाल कर लेंगे। अस्पष्ट भाषा में लिखे इस पत्र को पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। वहीं हथेली पर पत्नी ममता के अलावा कुछ और लिखने की कोशिश में लकीरे खींचीं हैं।
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मृतक संजीव शर्मा की अपनी पत्नी से अनबन रहती थी। संभव है कि इसी वजह से उसने आत्महत्या कर ली। पत्नी भी ज्यादा कुछ बता नहीं पा रही है। फिलहाल शव पीएम को भेज दिया गया है। पीएम रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई होगी।
दिनेश त्रिपाठी, एएसपी सिटी