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छोटी बहन से हुई लड़ाई, फिर फंदा लगाकर दे दी जान
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शाहजहांपुर। देवर संग ब्याही छोटी बहन से लड़ाई होने के बाद विवाहिता ने फंदा लगाकर जान दे दी। छोटी बहन से लड़ाई होने के बाद वह अवसाद में आ गई थी। इसी के चलते उसने यह कदम उठाया।
थाना सदर बाजार कोतवाली के मोहल्ला सुभाष नगर कॉलोनी निवासी 40 वर्षीय सविता का मायका बाराबंकी में है। उसकी सगी छोटी बहन शिवानी उसके देवर दीपक को ब्याही है। सविता के पति राजेश वर्मा प्राइवेट चिकित्सालय के डॉक्टर के यहां बतौर चालक काम करता है। पति सोमवार सुबह काम पर चला गया और देवर भी प्राइवेट दुकान पर काम पर चला गया। घर पर सविता और उसके दो बेटे 10 वर्षीय विशाल और 12 वर्षीय निहाल व देवरानी(छोटी बहन) शिवानी घर पर थी। दोनों बहनों का किसी बात को लेकर आपस में झगड़ा हो गया। शिवानी ने कॉल करके मायके में बड़ी बहन सविता की शिकायत कर दी। मायके वालों से सविता की बात हुई, लेकिन इसके बाद सविता गुमसुम हो गई। दोपहर करीब 12 बजे वह कमरे में गई और फंदा लगा लिया। आधा घंटे बाद जब बेटा विशाल खेलते हुए कमरे के पास आया तो अंदर से दरवाजा बंद था। उसने मां को आवाज लगाई, लेकिन जवाब नहीं मिलने पर देवरानी शिवानी को भी चिंता हुई, उसने रोशनदान से झांककर देखा तो वह फंदे पर लटक रही थी। सूचना पर परिवार के अन्य लोग भी आ गए। अशफाक नगर चौकी इंचार्ज अमर सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। कमरे की एक तरफ दीवार में घोल करके बच्चे को कमरे में घुसाया, तब उसने अंदर जाकर कमरे की कुंडी खोली और फिर शव को फंदे से नीचे उतारा गया। पति के मुताबिक सविता डिप्रेशन का शिकार थी, उसे जरा सी बात पर गुस्सा आ जाता था। उसका प्राइवेट में इलाज भी चल रहा था। घटना की सूचना सविता के मायके बाराबंकी दे दी गई है।
सविता की सगी छोटी बहन उसके देवर को ब्याही है, उसका अपनी बहन से कि सी बात को लेकर झगड़ा हो गया। इससे नाराज होकर वह फंदे पर लटक गई। परिजनों ने यह भी बताया कि वह डिप्रेशन की शिकार थी और जरा-जरा सी बात पर गुस्सा हो जाया करती थी।
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अमर सिंह, सब इंस्पेक्टर
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थाना सदर बाजार कोतवाली के मोहल्ला सुभाष नगर कॉलोनी निवासी 40 वर्षीय सविता का मायका बाराबंकी में है। उसकी सगी छोटी बहन शिवानी उसके देवर दीपक को ब्याही है। सविता के पति राजेश वर्मा प्राइवेट चिकित्सालय के डॉक्टर के यहां बतौर चालक काम करता है। पति सोमवार सुबह काम पर चला गया और देवर भी प्राइवेट दुकान पर काम पर चला गया। घर पर सविता और उसके दो बेटे 10 वर्षीय विशाल और 12 वर्षीय निहाल व देवरानी(छोटी बहन) शिवानी घर पर थी। दोनों बहनों का किसी बात को लेकर आपस में झगड़ा हो गया। शिवानी ने कॉल करके मायके में बड़ी बहन सविता की शिकायत कर दी। मायके वालों से सविता की बात हुई, लेकिन इसके बाद सविता गुमसुम हो गई। दोपहर करीब 12 बजे वह कमरे में गई और फंदा लगा लिया। आधा घंटे बाद जब बेटा विशाल खेलते हुए कमरे के पास आया तो अंदर से दरवाजा बंद था। उसने मां को आवाज लगाई, लेकिन जवाब नहीं मिलने पर देवरानी शिवानी को भी चिंता हुई, उसने रोशनदान से झांककर देखा तो वह फंदे पर लटक रही थी। सूचना पर परिवार के अन्य लोग भी आ गए। अशफाक नगर चौकी इंचार्ज अमर सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। कमरे की एक तरफ दीवार में घोल करके बच्चे को कमरे में घुसाया, तब उसने अंदर जाकर कमरे की कुंडी खोली और फिर शव को फंदे से नीचे उतारा गया। पति के मुताबिक सविता डिप्रेशन का शिकार थी, उसे जरा सी बात पर गुस्सा आ जाता था। उसका प्राइवेट में इलाज भी चल रहा था। घटना की सूचना सविता के मायके बाराबंकी दे दी गई है।
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सविता की सगी छोटी बहन उसके देवर को ब्याही है, उसका अपनी बहन से कि सी बात को लेकर झगड़ा हो गया। इससे नाराज होकर वह फंदे पर लटक गई। परिजनों ने यह भी बताया कि वह डिप्रेशन की शिकार थी और जरा-जरा सी बात पर गुस्सा हो जाया करती थी।
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अमर सिंह, सब इंस्पेक्टर