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Lucknow News: तीन लाख रुपये दो, डीएल प्रोजेक्ट में नौकरी पक्की, 23 लाख ठगे

Wed, 02 Sep 2026 02:16 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 02 Sep 2026 02:16 AM IST
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Pay 3 lakh for a guaranteed job in the DL project; 23 lakh swindled
लखनऊ। जालसाजों ने परिवहन विभाग के डीएल प्रोजेक्ट के तहत भर्ती के नाम पर सात लोगों से 23 लाख रुपये ठग लिए। पीड़ितों ने 31 अगस्त को वजीरगंज थाने में दस आरोपियों के खिलाफ अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज कराई है। यह ठगी दो आउटसोर्सिंग कंपनियों के माध्यम से की गई थी।
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कानपुर देहात के रसूलाबाद निवासी अजय कुमार ने बताया कि वर्ष 2025 में फोकोम नेट कंपनी के तहत परिवहन विभाग में डीएल प्रोजेक्ट के तहत भर्ती होनी थी। इस सिलसिले में उनकी मुलाकात कंपनी के कर्मी फतेहगढ़ के फर्रुखाबाद निवासी अनूप त्रिवेदी से हुई थी। अनूप ने उन्हें नौकरी लगवाने का झांसा दिया था। बदले में उसने तीन लाख रुपये टोकन मनी मांगा था। 12 दिसंबर 2025 में शाम छह बजे उन्होंने आरोपी को रकम दे दी पर आज तक उनकी भर्ती नहीं हुई।
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कानपुर नगर के अरौल के रहने वाले मुनेश कुमार के मुताबिक 2025 में वह कानपुर देहात एआरटीओ कार्यालय में स्मार्ट चिप कंपनी के तहत काम करते थे। उनका कार्यकाल खत्म होने पर उन्हें अपनी भर्ती डीएल प्रोजेक्ट के लिए फोकोम नेट कंपनी के तहत करानी थी। प्रोजेक्ट मैनेजर शेषनाथ पांडेय और अनूप त्रिपाठी ने उनसे तीन लाख रुपये सिक्योरिटी मनी मांगी थी। बातों में आकर उन्होंने 28 नवंबर 2025 को चारबाग मेट्रो स्टेशन के नीचे पूरी रकम दे दी थी। बदले में आरोपियों ने उनकी भर्ती करा दी लेकिन 20 दिन बीतने के बाद उन्हें निकाल दिया गया। कानपुर के कल्याणपुर निवासी अभिनव गौतम को भी अनूप त्रिवेदी ने इसी तरह फंसाया और 11 नवंबर 2025 को उनसे भी तीन लाख ऐंठ लिए। उन्हें नौकरी भी नहीं मिली।
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रायबरेली के इंसया निवासी अनुज कुमार से सिल्वर टच आउटसोर्सिंग कंपनी के मालिक पीपी सिंह, हिमांशु जैन, दुष्यंत सिंह, श्याम मोहन, मुकेश निगम और अरविंद निगम ने तीन लाख रुपये लिए। उन्हें रायबरेली एआरटीओ कार्यालय में डेटा इंट्री ऑपरेटर की नौकरी मिली। उन्होंने दो माह काम किया और उन्हें वेतन भी मिला। बाद में उन पर पूरा वेतन लौटाने का दबाव बनाया गया। विरोध करने पर आरोपियों ने उन्हें नौकरी से निकाल दिया।
इसी तरह कृष्णानगर के अखिलेश कुमार, धर्मवीर और रामपुर के जन्मेजय शर्मा से भी तीन-तीन लाख रुपये ऐंठे गए। इन्हें रायबरेली व सीतापुर एआरटीओ कार्यालयों में नियुक्त किया गया पर दो माह बाद वेतन न लौटाने पर निकाल दिया गया।

इन पर दर्ज हुई प्राथमिकी
इंस्पेक्टर राजेश त्रिपाठी ने बताया कि शेष नाथ, अनूप त्रिवेदी, अनूप त्रिपाठी, हिमांशु, मुकेश निगम, अंकित, दुष्यंत, श्याम, पीपी सिंह और फोकोम नेट कंपनी पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। सभी पीड़ितों से नौकरी संबंधी दस्तावेज मांगे गए हैं। विवेचना की जा रही है। साक्ष्य संकलित होने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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