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तांत्रिक समेत तीन लोग गिरफ्तार, दो की तलाश जारी
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जलालाबाद (शाहजहांपुर)। क्षेत्र के गांव पुरेना में बच्ची को गड्ढ़े में फेंके जाने के मामले का खुलासा करते हुए तांत्रिक और बच्ची के पिता समेत तीन लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने गड्ढा खोदने में इस्तेमाल की गई खुरपी को भी बरामद कर लिया है। बच्ची पर तांत्रिक ने भूतप्रेत का साया बताया था और परिवार से कहा था कि बच्ची परिवार के लिए घातक साबित होगी। इसी डर से उसे परिजन गड्ढ़े मेें दफन करने पहुंच गए थे।
कार्यवाहक थाना प्रभारी कुलदीप मिश्रा ने बताया कि कांट थाना क्षेत्र के गांव मुडिय़ा आस निवासी शादाब की एक माह की बेटी बीमार रहती थी। शादाब उसका इलाज कराने के बजाय गांव जमुनिया निवासी झांड-फूंक करने वाले तांत्रिक अबरार के पास लेकर पहुंचा। अबरार ने बताया कि इस बच्ची के शरीर में भूत प्रवेश कर गया है और यह इतना घातक है कि यह न केवल पूरे परिवार को मुसीबत में डाल देगा बल्कि इसके प्रभाव से तुम्हारी पत्नी दोबारा मां भी नहीं बन पाएगी। उपाय पूछने पर तांत्रिक ने बताया कि वह बच्ची को गड्ढ़े में दफन कर दे और दूसरे दिन निकाल ले इसका भूत भाग जाएगा। इसके बाद शादाव ने गांव पल्हरई में रहने वाले अपने साढ़ू मुन्ना और उसकी पत्नी आसमाँ को बुलवाकर सलाह मशवरा किया और 18 जनवरी की शाम शादाब, साढू मुन्ना व उसकी पत्नी आसमां बच्ची को साथ लेकर बाइक से पास के ही गांव पुरैना पहुंचे और तालाब किनारे सुनसान जगह पर खुरपी से गड्ढ़ा करके उस बच्ची को दफन करने लगे। इस दौरान बच्ची के अचानक रोने से वहां आसपास मौजूद लोग पहुंच गए। इससे वह लोग बच्ची को वही छोड़ भाग निकले। इसी दौरान वहां पहुंचे पुरैना गाँव के धर्मेंद्र शर्मा ने बच्ची को गड्ढ़े से निकालकर उसे अस्पताल भिजवाया। जहां अभी उसका इलाज चल रहा है। कार्यवाहक कोतवाल कुलदीप मिश्रा ने बताया कि घटना के आरोपी पिता शादाब, तांत्रिक अबरार व साढ़ू की पत्नी आसमां की निशानदेही पर खुरपी भी बरामद कर ली गई है और तीनों को जेल भेज दिया गया है, जबकि बच्ची की मां नगमा और उसके मौसा मुन्ना फरार हो गए हैं। जिन्हें तलाशा जा रहा है।
बच्चों की कैसे होगी परवरिश
शादाब के उस एक माह की मासूम बच्ची के अलावा दो और बच्चे हैं। बड़ा बेटा समीर नौ साल का और करीब डेढ़ साल की बेटी नाजिम है। शादाब के मां-बाप की मौत हो चुकी है। सोमवार को शादाब जेल चला गया जबकि उसकी पत्नी को पुलिस तलाश रही है यही नहीं साढू की पत्नी भी उसके साथ जेल चली गई और साढू पर भी कार्रवाई की तलवार लटक रही है। ऐसे में यह सवाल लाजिमी है कि आखिर शादाब और उसके साढू के बच्चों की परवरिश कौन करेगा।
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कार्यवाहक थाना प्रभारी कुलदीप मिश्रा ने बताया कि कांट थाना क्षेत्र के गांव मुडिय़ा आस निवासी शादाब की एक माह की बेटी बीमार रहती थी। शादाब उसका इलाज कराने के बजाय गांव जमुनिया निवासी झांड-फूंक करने वाले तांत्रिक अबरार के पास लेकर पहुंचा। अबरार ने बताया कि इस बच्ची के शरीर में भूत प्रवेश कर गया है और यह इतना घातक है कि यह न केवल पूरे परिवार को मुसीबत में डाल देगा बल्कि इसके प्रभाव से तुम्हारी पत्नी दोबारा मां भी नहीं बन पाएगी। उपाय पूछने पर तांत्रिक ने बताया कि वह बच्ची को गड्ढ़े में दफन कर दे और दूसरे दिन निकाल ले इसका भूत भाग जाएगा। इसके बाद शादाव ने गांव पल्हरई में रहने वाले अपने साढ़ू मुन्ना और उसकी पत्नी आसमाँ को बुलवाकर सलाह मशवरा किया और 18 जनवरी की शाम शादाब, साढू मुन्ना व उसकी पत्नी आसमां बच्ची को साथ लेकर बाइक से पास के ही गांव पुरैना पहुंचे और तालाब किनारे सुनसान जगह पर खुरपी से गड्ढ़ा करके उस बच्ची को दफन करने लगे। इस दौरान बच्ची के अचानक रोने से वहां आसपास मौजूद लोग पहुंच गए। इससे वह लोग बच्ची को वही छोड़ भाग निकले। इसी दौरान वहां पहुंचे पुरैना गाँव के धर्मेंद्र शर्मा ने बच्ची को गड्ढ़े से निकालकर उसे अस्पताल भिजवाया। जहां अभी उसका इलाज चल रहा है। कार्यवाहक कोतवाल कुलदीप मिश्रा ने बताया कि घटना के आरोपी पिता शादाब, तांत्रिक अबरार व साढ़ू की पत्नी आसमां की निशानदेही पर खुरपी भी बरामद कर ली गई है और तीनों को जेल भेज दिया गया है, जबकि बच्ची की मां नगमा और उसके मौसा मुन्ना फरार हो गए हैं। जिन्हें तलाशा जा रहा है।
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बच्चों की कैसे होगी परवरिश
शादाब के उस एक माह की मासूम बच्ची के अलावा दो और बच्चे हैं। बड़ा बेटा समीर नौ साल का और करीब डेढ़ साल की बेटी नाजिम है। शादाब के मां-बाप की मौत हो चुकी है। सोमवार को शादाब जेल चला गया जबकि उसकी पत्नी को पुलिस तलाश रही है यही नहीं साढू की पत्नी भी उसके साथ जेल चली गई और साढू पर भी कार्रवाई की तलवार लटक रही है। ऐसे में यह सवाल लाजिमी है कि आखिर शादाब और उसके साढू के बच्चों की परवरिश कौन करेगा।
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