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पुवायां तहसील परिसर में पेड़ से फंदा लगा लटकी महिला
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पुवायां (शाहजहांपुर)। डीएम सहित कई अधिकारियों से जमीन छुड़वाए जाने की गुहार लगाने के बाद भी कार्रवाई न होने से परेशान एक महिला ने मंगलवार को पुवायां के तहसील परिसर में पेड़ पर फंदा लगा लगाकर जान देने की कोशिश की। लोगों ने रस्सी काटकर महिला को उतारा। उपचार के बाद महिला की हालत ठीक बताई गई है।
बंडा के गांव हेतम नगला निवासी निरंजन की पत्नी 52 वर्षीय जानकी देवी काफी समय से अधिकारियों को प्रार्थनापत्र देकर गांव के ही कुछ लोगों पर जमीन कब्जाने का आरोप लगाते हुए कब्जा छुड़वाए जाने और आरोपियों पर कार्रवाई की मांग करते जिला मुख्यालय से लेकर तहसील और समाधान दिवस आदि में दौड़ लगा रही थीं। महिला के पति की लगभग चार वर्ष पूर्व मौत हो चुकी है। उसके चार पुत्र दिल्ली में रहकर मजदूरी करते हैं। महिला घर में अकेली रहती थी। जबकि महिला के गांव के लोगों का कहना है कि महिला का पति जमीन को गांव के लोगों को बेच चुका था, बाद में उसकी मौत हो गई। जानकी देवी को भ्रम था कि उसकी जमीन पर लोगों ने अवैध कब्जा कर रखा है। इस कारण वह दो वर्ष से शिकायत करती घूम रही थीं। गांव के लोगों के अनुसार जानकी देवी मंगलवार दिन में 11 बजे घर से यह कहती हुई निकली थी कि आज फांसी लगा लेंगी।
दिन में लगभग दो बजे जानकी देवी ने तहसील परिसर में गमले पर चढ़कर एक पेड़ में रस्सी डालकर गले में फंदा डाल लटक गई। लोगों ने महिला को फांसी लगाते देखा तो दौड़कर मौके पर पहुंचे और बमुश्किल रस्सी खोल कर महिला को नीचे उतारा, तब तब जानकी देवी बेहोश हो चुकी थी। तहसीलकर्मियों ने महिला को अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टरों ने महिला को जिला अस्पताल रेफर किया लेकिन पुलिसकर्मी और महिला के साथ कोई अन्य न होने के कारण जिला अस्पताल ले जाने में समस्या हुई तो डॉक्टरों ने महिला का इलाज शुरू किया। एक घंटे तक बाद महिला को होश आया तो उसने घर जाने की इच्छा जताई। बाद में महिला को अकेले ही जिला अस्पताल भेज दिया गया। कोतवाली प्रभारी जसवीर सिंह ने बताया कि मामले की जानकारी मिलने पर पुलिसकर्मी मौके पर गए थे, जांच की जा रही है।
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कानूनगो और लेखपाल से बात की। पता लगा है कि प्रकरण सात वर्ष पुराना है। महिला के ससुर ने जमीन की बिक्री करके बैनामा किया था। जब से मैं आया हूं तब से यह प्रकरण मेरे संज्ञान में नहीं आया। फिर भी पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। अगर कोई दोषी पाया गया तो कार्रवाई की जाएगी।
मोहम्मद रिजवान, एसडीएम पुवायां
महिला को अस्पताल में छोड़कर भाग निकले तहसीलकर्मी,पुलिस वाले
पुवायां। बंडा के गांव हेतम नगला की जानकी देवी के तहसील परिसर में फंदा लगाने से मौके पर खलबली मच गई। लोगों ने महिला को पेड़ से उतारा, लेकिन इसके बाद भी वह आधे घंटे तक मौके पर ही पड़ी रही।
महिला को अस्पताल भिजवाए जाने की व्यवस्था न होते देख वकीलों और मौके पर मौजूद लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया तो तहसीलदार के वाहन से जानकी देवी को सीएचसी ले जाया गया, लेकिन तहसीलकर्मी महिला को उतारकर मौके से भाग निकले। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और औपचारिकता निभाकर वापस लौट गई। तहसील कर्मियों ने अस्पताल के भर्ती रजिस्टर में अपना नाम तक दर्ज नहीं कराया। रजिस्टर में महिला को भर्ती कराने वालों के स्थान पर तहसील कर्मी और पुलिसकर्मी लिखा हुआ है।
डॉक्टरों ने महिला को दोपहर 2.35 पर जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया लेकिन महिला के साथ कोई व्यक्ति न होने पर पुलिस के भी खिसक लेने के कारण महिला को जिला अस्पताल ने भेजा जा सका तो डॉक्टरों ने उसका इलाज करना शुरू किया। पांच बजे महिला को होश आया तो उसने कहा कि वह घर जाना चाहती है। बाद में लगभग तीन घंटे बाद महिला को अकेले ही जिला अस्पताल भेजा गया।
वकील ने 20 हजार लेकर कहा था दिलवा देंगे जमीन
पुवायां (शाहजहांपुर)। जानकी देवी के दिल्ली में रहने वाले बड़े पुत्र सुरेश से बात की गई तो उन्होंने बताया कि उसकी मां से एक वकील ने कुछ कागज निकलवा कर कई बार में 20 हजार रुपये ले लिए थे और कहा था कि वह जमीन उनको दिलवा देगा। इस कारण उसकी मां दो वर्ष से जमीन पर अवैध कब्जा बताकर अधिकारियों के चक्कर काटती घूम रही थीं। उसने मां को मना भी किया था और दिल्ली ले आया था, लेकिन वह डेढ़ माह पूर्व फिर गांव चली गई और अधिकारियों से शिकायत कर रही थी। 30 वर्षीय सुरेश ने बताया कि उसे जमीन के बारे में कुछ नहीं मालूम है और कोई विवाद भी नहीं है।
जानकी देवी के पति और ससुर जमीन बेच चुके हैं, किसी ने महिला को बता दिया था कि जमीन उसकी है। इसके बाद से जानकी देवी को भ्रम हो गया था कि उसकी जमीन पर लोगों ने अवैध कब्जा कर रखा है। इस कारण वह शिकायत करती घूम रही थीं।
रीना देवी, प्रधान गांवसभा हेतम नगला, बंडा
जानकी देवी को वहम हो गया था कि उनकी जमीन पर अवैध कब्जा है, जबकि जमीन जानकी देवी की जानकारी में काफी पहले बिकी थी। वहम के कारण ही वह शिकायत करती घूम रही थीं।
सेठपाल सिंह, पूर्व प्रधान हेतम नगला
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बंडा के गांव हेतम नगला निवासी निरंजन की पत्नी 52 वर्षीय जानकी देवी काफी समय से अधिकारियों को प्रार्थनापत्र देकर गांव के ही कुछ लोगों पर जमीन कब्जाने का आरोप लगाते हुए कब्जा छुड़वाए जाने और आरोपियों पर कार्रवाई की मांग करते जिला मुख्यालय से लेकर तहसील और समाधान दिवस आदि में दौड़ लगा रही थीं। महिला के पति की लगभग चार वर्ष पूर्व मौत हो चुकी है। उसके चार पुत्र दिल्ली में रहकर मजदूरी करते हैं। महिला घर में अकेली रहती थी। जबकि महिला के गांव के लोगों का कहना है कि महिला का पति जमीन को गांव के लोगों को बेच चुका था, बाद में उसकी मौत हो गई। जानकी देवी को भ्रम था कि उसकी जमीन पर लोगों ने अवैध कब्जा कर रखा है। इस कारण वह दो वर्ष से शिकायत करती घूम रही थीं। गांव के लोगों के अनुसार जानकी देवी मंगलवार दिन में 11 बजे घर से यह कहती हुई निकली थी कि आज फांसी लगा लेंगी।
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दिन में लगभग दो बजे जानकी देवी ने तहसील परिसर में गमले पर चढ़कर एक पेड़ में रस्सी डालकर गले में फंदा डाल लटक गई। लोगों ने महिला को फांसी लगाते देखा तो दौड़कर मौके पर पहुंचे और बमुश्किल रस्सी खोल कर महिला को नीचे उतारा, तब तब जानकी देवी बेहोश हो चुकी थी। तहसीलकर्मियों ने महिला को अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टरों ने महिला को जिला अस्पताल रेफर किया लेकिन पुलिसकर्मी और महिला के साथ कोई अन्य न होने के कारण जिला अस्पताल ले जाने में समस्या हुई तो डॉक्टरों ने महिला का इलाज शुरू किया। एक घंटे तक बाद महिला को होश आया तो उसने घर जाने की इच्छा जताई। बाद में महिला को अकेले ही जिला अस्पताल भेज दिया गया। कोतवाली प्रभारी जसवीर सिंह ने बताया कि मामले की जानकारी मिलने पर पुलिसकर्मी मौके पर गए थे, जांच की जा रही है।
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कानूनगो और लेखपाल से बात की। पता लगा है कि प्रकरण सात वर्ष पुराना है। महिला के ससुर ने जमीन की बिक्री करके बैनामा किया था। जब से मैं आया हूं तब से यह प्रकरण मेरे संज्ञान में नहीं आया। फिर भी पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। अगर कोई दोषी पाया गया तो कार्रवाई की जाएगी।
मोहम्मद रिजवान, एसडीएम पुवायां
महिला को अस्पताल में छोड़कर भाग निकले तहसीलकर्मी,पुलिस वाले
पुवायां। बंडा के गांव हेतम नगला की जानकी देवी के तहसील परिसर में फंदा लगाने से मौके पर खलबली मच गई। लोगों ने महिला को पेड़ से उतारा, लेकिन इसके बाद भी वह आधे घंटे तक मौके पर ही पड़ी रही।
महिला को अस्पताल भिजवाए जाने की व्यवस्था न होते देख वकीलों और मौके पर मौजूद लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया तो तहसीलदार के वाहन से जानकी देवी को सीएचसी ले जाया गया, लेकिन तहसीलकर्मी महिला को उतारकर मौके से भाग निकले। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और औपचारिकता निभाकर वापस लौट गई। तहसील कर्मियों ने अस्पताल के भर्ती रजिस्टर में अपना नाम तक दर्ज नहीं कराया। रजिस्टर में महिला को भर्ती कराने वालों के स्थान पर तहसील कर्मी और पुलिसकर्मी लिखा हुआ है।
डॉक्टरों ने महिला को दोपहर 2.35 पर जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया लेकिन महिला के साथ कोई व्यक्ति न होने पर पुलिस के भी खिसक लेने के कारण महिला को जिला अस्पताल ने भेजा जा सका तो डॉक्टरों ने उसका इलाज करना शुरू किया। पांच बजे महिला को होश आया तो उसने कहा कि वह घर जाना चाहती है। बाद में लगभग तीन घंटे बाद महिला को अकेले ही जिला अस्पताल भेजा गया।
वकील ने 20 हजार लेकर कहा था दिलवा देंगे जमीन
पुवायां (शाहजहांपुर)। जानकी देवी के दिल्ली में रहने वाले बड़े पुत्र सुरेश से बात की गई तो उन्होंने बताया कि उसकी मां से एक वकील ने कुछ कागज निकलवा कर कई बार में 20 हजार रुपये ले लिए थे और कहा था कि वह जमीन उनको दिलवा देगा। इस कारण उसकी मां दो वर्ष से जमीन पर अवैध कब्जा बताकर अधिकारियों के चक्कर काटती घूम रही थीं। उसने मां को मना भी किया था और दिल्ली ले आया था, लेकिन वह डेढ़ माह पूर्व फिर गांव चली गई और अधिकारियों से शिकायत कर रही थी। 30 वर्षीय सुरेश ने बताया कि उसे जमीन के बारे में कुछ नहीं मालूम है और कोई विवाद भी नहीं है।
जानकी देवी के पति और ससुर जमीन बेच चुके हैं, किसी ने महिला को बता दिया था कि जमीन उसकी है। इसके बाद से जानकी देवी को भ्रम हो गया था कि उसकी जमीन पर लोगों ने अवैध कब्जा कर रखा है। इस कारण वह शिकायत करती घूम रही थीं।
रीना देवी, प्रधान गांवसभा हेतम नगला, बंडा
जानकी देवी को वहम हो गया था कि उनकी जमीन पर अवैध कब्जा है, जबकि जमीन जानकी देवी की जानकारी में काफी पहले बिकी थी। वहम के कारण ही वह शिकायत करती घूम रही थीं।
सेठपाल सिंह, पूर्व प्रधान हेतम नगला