Shahjahanpur: खुटार के जंगल में पेड़ों का अवैध कटान देख हैरान रह गए मुख्य वन संरक्षक, वनकर्मियों को फटकारा
शनिवार को रुहेलखंड जोन के मुख्य वन संरक्षक वी. प्रभाकर टीम के साथ जंगल पहुंचे। उन्हें कोरों के 13 पेड़ कटे मिले। पेड़ों का अवैध कटान देख उन्होंने रेंजर सहित वनकर्मियों की फटकार लगाई।
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शाहजहांपुर जिले में खुटार रेंज की सिहुरा वीट के जंगल में 12 से अधिक कोरों के पेड़ काटे जाने के मामले में मुख्य वन संरक्षक वी. प्रभाकर ने मौका मुआयना किया। जंगल में कोरों के 13 पेड़ कटे पाए गए। भारी कटान देखकर हैरान हुए चीफ कंजरवेटर ने मौके पर मौजूद खुटार के रेंजर मनोज कुमार श्रीवास्तव सहित वनकर्मियों को फटकार लगाई।
खुटार-पूरनपुर हाईवे के दोनों ओर सिहुरा वीट का जंगल है। यह जंगल प्रीतमपुर गांव तक विस्तृत है। इसका दूसरा हिस्सा पीलीभीत तक फैला हुआ है। जंगल से कुछ ही दूर सिहुरा वन चौकी है। यहां वनकर्मियों के रहने के लिए आवास भी बने हैं। हाईवे के किनारे जंगल में कोरो के 13 पेड़ काटकर लकड़ी गायब कर दी गई है।
मामला अखबारों की सुर्खियां बना तो शनिवार को रुहेलखंड जोन के मुख्य वन संरक्षक वी. प्रभाकर टीम के साथ जंगल पहुंचे। उन्हें कोरों के 13 पेड़ कटे मिले। चीफ कंजरवेटर ने हाईवे किनारे और वन चौकी से कुछ ही दूर भारी कटान होने के बाद भी किसी को भनक नहीं लगने पर कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए रेंजर और वनकर्मियों को जमकर फटकार लगाई।
पेड़ों की जड़ से ऊपर का हिस्सा गायब
इसके बाद चीफ कंजरवेटर सिहुरा वन चौकी पहुंचे और काटे गए पेड़ों की जंगल से बची हुई बरामद लकड़ी को देखा। उन्होंने मौके पर पड़े मिले बोटों का काटे गए पेड़ों से मिलान करने के निर्देश दिए। काटे गए पेड़ों की जड़ से ऊपर का हिस्सा गायब है। पेड़ के ऊपरी हिस्से को पेड़ काटने वाले मौके पर ही छोड़ गए थे, जिसे वन चौकी पर लाया गया है। जंगल से कुल 60 बोटे चौकी पर लाए गए हैं। बरामद लकड़ी पर नंबर नहीं होने पर भी चीफ कंजरवेटर ने कड़ी नाराजगी जताई है।
चीफ कंजरवेटर ने पेड़ काटे जाने के मामले के खुलासे के लिए खुद अपनी उड़नदस्ता टीम, कंजरवेटर के उड़न दस्ता प्रभारी रमाकांत सक्सेना, शाहजहांपुर के रेंजर शत्रुघ्न प्रसाद और खुटार रेंजर की टीम का गठन किया गया है। टीमों के सहयोग के लिए वन दरोगा हीरालाल, कामता प्रसाद और रमेश कुमार को भी लगाया गया है। चीफ कंजरवेटर ने बताया कि मामले की जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
वनकर्मियों की मिलीभगत की चर्चा
सिहुरा बीट के हाईवे किनारे जंगल से कोरों के 13 पेड़ काटे जाने के मामले में कुछ वनकर्मियों की संलिप्तता की भी चर्चा चल रही है। जंगल के पास दो गांवों में लकड़ी का व्यापार करने वाले तमाम ठेकेदार भी रहते हैं। कटान में इनका हाथ होने की चर्चा है। चर्चा है कि कुछ वनकर्मियों की मिलीभगत से काटे गए पेड़ों की लकड़ी किसी कर्मचारी के घर गैर जनपद में भेजी गई है।
सात दिन तक नहीं हुई कोई कार्रवाई
चीफ कंजरवेटर की जांच में सामने आया है कि पेड़ सात जनवरी को काटे गए हैं। 13 जनवरी तक पेड़ कटान के मामले में कोई कार्रवाई नहीं होना रेंज कार्यालय में तैनात वनकर्मियों की कार्यशैली पर सवालिया निशान लगा रहा है। चीफ कंजरवेटर की ओर से खुलासे के लिए लगाई गई उड़नदस्ता टीमें भी इसी बिंदु पर जांच को आगे बढ़ा रही हैं। इससे विभाग के स्थानीय अधिकारी, कर्मचारी भी संदेह के घेरे में आ गए हैं।
शुक्रवार शाम को मामले की जानकारी चीफ कंजरवेटर को हुई तो उन्होंने शनिवार को जांच की बात कही थी। इसकी जानकारी खुटार रेंज के वनकर्मियों को हुई तो शुक्रवार रात की मौके पर पड़ी छोटी बोटों को उठाकर सिहुरा वन चौकी पर लाकर रखा गया। इससे यह साबित करने का प्रयास किया गया कि वनकर्मियों ने काम किया है, लेकिन चीफ कंजरवेटर के सवालों के आगे रेंजर से लेकर कोई वनकर्मी टिक नहीं सका और गोलमोल जवाब देने पर खुद फंसते चले गए। इसीलिए चीफ कंजरवेटर से खुलासे के लिए बरेली, पीलीभीत और शाहजहांपुर रेंजर के नेतृत्व में टीमों को लगाया है। इससे खुटार रेंज के वनकर्मियों में कार्रवाई का डर सताने लगा है।