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फर्जी गन्ना सर्वे करने वाले दो कर्मचारियों पर एफआईआर, 50 किसानों को नोटिस जारी
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शाहजहांपुर। गन्ना विकास परिषद रोजा के सर्किल जरावन से जुड़े सिकंदरपुर खुर्द गांव में गन्ना सर्वे संबंधी शिकायत की जांच में सर्वे कर्मचारियों को दोषी पाया गया है। जिनके खिलाफ कांट थाने में धोखाधड़ी की धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया है। इसके साथ ही 50 किसानों को नोटिस भी जारी किए गए हैं।
जिला गन्ना अधिकारी खुशीराम ने बताया कि सिकंदरपुर खुर्द गांव में फर्जी सर्वे की शिकायत किसानों ने की थी। जांच में कुछ किसानों के सट्टों पर वास्तविक कृषि योग्य भूमि के सापेक्ष गन्ना रकवा अधिक दर्ज पाया गया। कुछ ऐसे मामले भी सामने आए जिसमें कृषि योग्य भूमि न होते हुए भी सर्वेकर्मी ने किसान के नाम से गन्ना सर्वे दर्ज कर दिया। इसमें गन्ना पर्यवेक्षक रोजा चीनी मिल कृष्णपाल यादव, रिटायर लिपिक व गन्ना सर्वेकर्मी हीरालाल को दोषी पाया गया।
वहीं, किसान सतीश चंद्र के स्थान पर बसंतलाल, ब्रजेश कुमार की जगह सतीश चंद्र, रसिक-बृजेश, राघव-देवेश, माधव-देवेश, गिरधर-ब्रजेश, ईश्वर चंद्र-रामस्वरूप और दिनेश-रामस्वरूप के सट्टों पर सिकंदरपुर खुर्द में किसान अंश के वास्तविक कृषि योग्य भूमि के सापेक्ष गन्ना रकवा अधिक दर्ज मिला। जबकि किसान देवेश-सतीश चंद्र, संगीता-देवेश और पूनम-बृजेश के सट्टों पर सिकंदरपुर खुर्द में कृषि योग्य भूमि ही नहीं है, इसके बाद भी गन्ना रकवा दर्ज किया गया है। इस मामले में चीनी मिल रोजा के गन्ना पर्यवेक्षक कृष्णपाल यादव, गन्ना समिति रोजा के गन्ना सर्वेकर्मी हीरालाल पर गन्ना रकवा अनियमित ढंग से दर्ज किए का दोषी पाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। साथ ही रोजा परिषद क्षेत्र के कई गांवों में 50 से अधिक किसानों को नोटिस जारी किए गए हैं। उनकी जांच कराई जा रही है। दोषी मिलने पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
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जिला गन्ना अधिकारी खुशीराम ने बताया कि सिकंदरपुर खुर्द गांव में फर्जी सर्वे की शिकायत किसानों ने की थी। जांच में कुछ किसानों के सट्टों पर वास्तविक कृषि योग्य भूमि के सापेक्ष गन्ना रकवा अधिक दर्ज पाया गया। कुछ ऐसे मामले भी सामने आए जिसमें कृषि योग्य भूमि न होते हुए भी सर्वेकर्मी ने किसान के नाम से गन्ना सर्वे दर्ज कर दिया। इसमें गन्ना पर्यवेक्षक रोजा चीनी मिल कृष्णपाल यादव, रिटायर लिपिक व गन्ना सर्वेकर्मी हीरालाल को दोषी पाया गया।
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वहीं, किसान सतीश चंद्र के स्थान पर बसंतलाल, ब्रजेश कुमार की जगह सतीश चंद्र, रसिक-बृजेश, राघव-देवेश, माधव-देवेश, गिरधर-ब्रजेश, ईश्वर चंद्र-रामस्वरूप और दिनेश-रामस्वरूप के सट्टों पर सिकंदरपुर खुर्द में किसान अंश के वास्तविक कृषि योग्य भूमि के सापेक्ष गन्ना रकवा अधिक दर्ज मिला। जबकि किसान देवेश-सतीश चंद्र, संगीता-देवेश और पूनम-बृजेश के सट्टों पर सिकंदरपुर खुर्द में कृषि योग्य भूमि ही नहीं है, इसके बाद भी गन्ना रकवा दर्ज किया गया है। इस मामले में चीनी मिल रोजा के गन्ना पर्यवेक्षक कृष्णपाल यादव, गन्ना समिति रोजा के गन्ना सर्वेकर्मी हीरालाल पर गन्ना रकवा अनियमित ढंग से दर्ज किए का दोषी पाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। साथ ही रोजा परिषद क्षेत्र के कई गांवों में 50 से अधिक किसानों को नोटिस जारी किए गए हैं। उनकी जांच कराई जा रही है। दोषी मिलने पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
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