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प्रशासन को जिले में सिर्फ पांच गांव ही ऐसे मिले जहां फसलें हुई तबाह

Tue, 17 Mar 2020 06:53 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 17 Mar 2020 06:53 PM IST
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administration said only 5 village are suffer from storm
शाहजहांपुर। मौसम की मार से किसानों में हाहाकार मचा हुआ है। खेतों में फसलें बिछी देख किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें और गहरी हो गई हैं। किसान परेशान हैं कि कैसे उनकी फसल की लागत निकलेगी और कैसे परिवार चलेगा। मगर इससे अनजान बने जिला प्रशासन ने शासन को सिर्फ पांच गांव में फसलों में हुई 30 प्रतिशत तबाही की रिपोर्ट शासन को भेजी है। सोमवार को प्रभारी मंत्री कपिल देव ने जिला प्रशासन की इस रिपोर्ट का खुलासा किया है। जबकि सप्ताह भर में हुई 34 मिमी बारिश और ओलावृष्टि ने गेहूं, सरसों समेत अन्य फसलों को भरी क्षति पहुंचाई है।
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सोमवार को कोरोना को लेकर जागरूकता संदेश देने पहुंचे जिले के प्रभारी मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने विकास भवन सभागार में पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि प्रशासन ने जनपद मेें ऐसे केवल पांच गांव चिह्नित किए गए हैं, जहां फसलों को 30 प्रतिशत तक नुकसान हुआ है। इन किसानों को एक महीने में मुआवजा दे दिया जाएगा। जलालाबाद क्षेत्र के गुरगवां में बवंडर से जिन लोगों के मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं, उन्हें 1.49 लाख रुपये की शासन से आर्थिक सहायता दी जाएगी। प्रभारी मंत्री ने कहा कि जिले में बारिश और ओलावृष्टि से दो लोगों की मौत होने की सूचना जिला प्रशासन से मिली थी। दोनों पीड़ित परिवारों को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक मदद भेजी जा चुकी है। इसके अलावा तीन पशुओं की मौत पर 30-30 हजार रुपये की आर्थिक मदद स्वीकृत की गई है।
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30 फीसदी नुकसान पर मिलेगी 25 प्रतिशत क्षतिपूर्ति
इस दौरान डीएम इंद्र विक्रम सिंह ने कहा कि फसल बीमा के दायरे में आने वाले जिन किसानों से 72 घंटे के अंदर 30 फीसदी और इससे अधिक फसल हानि की लिखित सूचना मिलेगी, उन्हें अधिकतम 25 प्रतिशत क्षतिपूर्ति की जाएगी। डीएम ने कहा कि जिन किसानों की फसलेें बीमित नहीं हैं, लेकिन प्राकृतिक आपदा में खराब हो गई हैं, उनका भी सर्वे कराया जा रहा है। सर्वे में नुकसान की पुष्टि होने पर फसल कटाई के दौरान राजस्व विभाग के स्तर से प्रति हेक्टेयर उत्पादन देखा जाएगा और पिछले पांच वर्ष के फसल उत्पादन की तुलना में इस साल जितनी कमी होगी, उसी अनुपात में किसानों को मुआवजा दिया जाएगा। डीएम ने यह भी कहा कि अधिक फसल नुकसान वाले जो पांच गांव चिह्नित किए गए हैं, वहां 30 प्रतिशत से कम नुकसान हुआ है।
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