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धान खरीद: सरकारी क्रय केंद्र सूने पड़े ...आढ़तों पर लग रही किसानों की भीड़

Fri, 04 Oct 2019 02:44 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 04 Oct 2019 02:44 AM IST
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accident
शाहजहांपुर। इस साल जिले में धान खरीद के लिए 3.60 लाख टन का लक्ष्य मिला है। इसके लिए 134 क्रय केंद्र एक अक्तूबर से खोल दिए गए हैं, लेकिन यहां धान नहीं पहुंच रहा है। जबकि आढ़तों पर खरीद तेज होती जा रही है। सरकारी खरीद केंद्रों पर जो धान पहुंच भी रहा है उसे नमी का बहाना करके लौटा दिया जाता है। इस कारण अधिकतर खरीद केंद्रों पर तीन दिन में खरीद ठप है। उधर, आढ़ती 22 से 25 प्रतिशत धान में नमी बताकर समर्थन मूल्य 1835 रुपये के बजाय 1400 से 1510 रुपये के दाम पर धान खरीद रहे हैं। किसानों की यह बदहाली सिस्टम की बेहाली की वजह से है।
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जिले में 2.87 लाख लघु-सीमांत समेत कुल 4.06 लाख किसान हैं। अधिकांश खरीफ सीजन में मुख्य फसल के तौर पर धान की रोपाई करते हैं। गत वर्ष समर्थन मूल्य 1770 रुपये प्रति कुंटल छनाई शुल्क सहित खरीदने के लिए लक्ष्य 360600 टन नियत किया गया था। करीब डेढ़ लाख से अधिक किसानों के रजिस्ट्रेशन होने के बावजूद सिर्फ 31735 किसानों से 281147 टन (78 प्रतिशत) धान की सरकारी खरीद हो सकी। इस बार भी धान पकने के दौरान मौसम की बेढंगी चाल से खरीद की लक्ष्यपूर्ति होने में संदेह है। इस वर्ष 1.90 लाख किसानों का पंजीकरण होने के बावजूद अधिकांश किसानों को समर्थन मूल्य मिलने में संदेह है।
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रोजा मंडी की आढ़तों पर सस्ते में बिक रहा धान
रोजा। गत मंगलवार से धान खरीद शुरू होने के बाद स्थानीय मंडी में धान की आवक होने लगी है, लेकिन नमी ज्यादा होने से उसे मंडी परिसर में आरएफसी के चारों सेंटरों पर कोई भाव नहीं मिला। मंडी सचिव शैलेंद्र कुमार के अनुसार बृहस्पतिवार को पांच हजार क्विंटल धान मंडी की आढ़तों पर 1400 से 1450 रुपये के रेट पर बिका क्योंकि उसमें नमी ज्यादा है। आढ़तों पर अब तक करीब 11 हजार क्विंटल धान खरीदा जा चुका है, लेकिन सेंटरों पर खरीद तेज होने में अभी दो-चार दिन समय लगेगा।
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फोटो लाइन: पुवायां मंडी में लगा पीसीएफ सेंटर का बैनर
पुवायां मंडी के सेंटरों और आढ़तों पर सन्नाटा
पुवायां। एक अक्तूबर से सरकारी धान की खरीद शुरू होने के बाद तीसरे दिन भी सेंटरों पर खरीद शून्य रही। पुवायां मंडी समिति परिसर में सभी क्रय केंद्रों के बैनर आदि लग गए हैं, लेकिन धान की आवक शून्य है। पीसीएफ बड़ागांव का सेंटर भी पुवायां मंडी समिति परिसर में लगा है। केंद्र प्रभारी रूपेश कुमार ने बताया कि तैयारी पूरी है, लेकिन धान ही नहीं आ रहा है। मंडी सचिव शैलेंद्र कुमार के अनुसार आए दिन बूंदाबांदी से धान सूख नहीं रहा है। इसलिए सेंटरों एवं आढ़तों पर अभी खरीद शुरू नहीं हो सकी।
फोटो लाइन: तिलहर मंडी में सूना पड़ा आरएफसी द्वितीय सेंटर
तिलहर मंडी में गीले धान की हो रही आवक
तिलहर। मंडी समिति परिसर में मात्र दो क्रय केंद्र खुले हैं, लेकिन उन पर अभी तक खरीद नहीं हो सकी है। मंडी सचिव पंकज कुमार मिश्रा के अनुसार क्षेत्र में कुल दस क्रय केंद्र खुलने की सूचना प्राप्त हुई है। मंडी में आरएससी प्रथम तथा द्वितीय सेंटरों पर केंद्र प्रभारी बैनर टांगकर खाली बैठे मिले। केंद्र प्रभारी तैयब खान के अनुसार अभी सूखे धान की आवक नहीं होने से समर्थन मूल्य पर खरीद नहीं हुई है। गल्ला व्यापार मंडल के अध्यक्ष संजीव अग्रवाल के अनुसार आढ़तों पर करीब 300 क्विंटल धान आया, लेकिन नमी होने के कारण किसानों को 1480 से 1500 रुपये प्रति क्विंटल रेट दिया जा रहा है।
फोटो लाइन: जलालाबाद मंडी समिति में सूना पड़ा क्रय केंद्र
जलालाबाद में अभी तक नहीं खुले कई क्रय केंद्र
जलालाबाद। तहसील में 20 केंद्र स्वीकृत हुए हैं। खाद्य विभाग का एक सेंटर मंडी समिति में खुल चुका है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकतर क्रय केंद्र अभी अस्तित्व में नही आए हैं। मंडी के सेंटर पर भी खरीद नहीं हुई हैं। सेंटर इंचार्ज आमिर मिराज ने बताया कि इस साल मौसम के बदले मिजाज के कारण धान समेत मूंगफली आदि फसलें भी तैयार नहीं हो सकी हैं। मंडी सचिव जगदीश वर्मा ने बताया कि सभी सेंटर इंचार्ज कांटा आदि ले जा चुके हैं। बाजार तक धान आने में एक सप्ताह का समय लगेगा।
एक ट्रॉली धान लेकर मंडी गया, लेकिन कोई भी सेंटर प्रभारी उसे लेने को तैयार नहीं हुआ। आढ़त पर सिर्फ 1400 रुपये क्विंटल का भाव मिला।
- सुखदेव सिंह, गुवारी

मेरी सुखदेव के साथ साझे मेें खेती है। ट्रैक्टर में डीजल भराकर धान मंडी में लाए, लेकिन नमी ज्यादा बताकर उसे सेंटरों पर नहीं खरीदा गया।
- हरनेक सिंह, गुवारी

दो ट्रॉलियों मेें करीब 60 क्विंटल धान लेकर रोजा मंडी गया, लेकिन समर्थन मूल्य पर खरीद नहीं हुई। खाद लेने के लिए धान सस्ते में बेचना पड़ा। - कुलवंत सिंह, रोजा

रोजाना बूंदाबांदी होने और बादल छाए रहने से धूप नहीं निकलने से धान सूख नहीं रहा है। घरेलू जरूरत को धान 1400 रुपये के रेट पर बेचा है। - बाबूराम, बल्लिया

पीसीएफ ने ग्रामीण क्षेत्र के एक सेंटर पर बृहस्पतिवार को 20 क्विंटल धान समर्थन मूल्य पर खरीदे जाने की सूचना दी है। रोजा मंडी मेें धान की जांच कराए जाने पर उसमें नमी 21.3 से 25.7 प्रतिशत पाई गई। किसान भी मान रहे हैं कि अभी धान में नमी मानक से अधिक है। केंद्र प्रभारियों को निर्देश दिए हैं कि बेवजह नमी ज्यादा बताकर किसी किसान को परेशान किए जाने की शिकायत नहीं मिलनी चाहिए।
- अमर पाल सिंह, एडीएम फाइनेंस/प्रभारी अधिकारी, धान खरीद
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