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कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच 59.02 प्रतिशत हुआ मतदान
Updated Sun, 26 Nov 2017 11:34 PM IST
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मतदाता
- फोटो : अमर उजाला
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शाहजहांपुर। जिले की चार नगर पालिका और छह नगर पंचायतों के लिए रविवार को 59.02 फीसदी मतदाताओं ने मताधिकार का प्रयोग किया। इस दौरान प्रत्याशियों और उनके एजेंटों के बीच विवाद और टकराव की छिटपुट घटनाआें को छोड़कर मतदान शांतिपूर्ण हुआ। शहर में तक्षशिला स्कूल स्थित मतदान केंद्र के सामने बाइक सवार युवक हवाई फायर कर फरार हो गया। वहीं जलालाबाद में सरस्वती शिशु मंदिर के मतदान केंद्र पर वोट डालने को लेकर हुए विवाद में पुलिस ने भाजपा नेता मनोज कश्यप समेत भीड़ पर डंडे फटकार कर खदेड़ दिया। मतदान समाप्त होने के बाद गुस्साएं भाजपा कार्यकर्ताओं ने थाने का घेराव कर विरोध जताया। कोतवाल ने समझा बुझा कर शांत किया।
सुबह सर्द हवाएं चलने से शुरुआती एक घंटे तक मतदान की रफ्तार धीमी रही, लेकिन धूप निकलने के साथ दिन में नौ बजे से बूथों पर वोटरों की कतारें लगने लगीं। मतदान को लेकर ग्रामीण क्षेत्र के नगरीय निकायों में खासा उत्साह दिखा, लेकिन शहर की नगरपालिका परिषद के अधिकांश बूथों पर शुरू से आखिर तक मतदान की रफ्तार धीमी रही। मतदान की अवधि खत्म होने तक शहर की नगरपालिका के लिए सिर्फ 53.05 प्रतिशत वोट पड़ सके। मतदान के दौरान राज्य निर्वाचन आयोग के प्रेक्षक डॉ. सरोज कुमार, जिला निर्वाचन अधिकारी/डीएम नरेंद्र कुमार सिंह, एसपी केबी सिंह आदि अफसरों ने शहर समेत विभिन्न तहसीलों के निकायों मेें जाकर बूथों का निरीक्षण किया। इसी के साथ अध्यक्ष पद के 97 और वार्ड सदस्य के 1297 प्रत्याशियों का भाग्य मत पेटिकाओं में बंद हो गया।
बता दें कि जिले के सभी दस निकायों के लिए 207 मतदान केंद्र और 527 बूथ बनाए गए थे। मतदेय स्थलों पर बीती रात से डेरा डाले पोलिंग पार्टियों ने सुबह छह बजे से मतदान की तैयारी शुरू करा दी। प्रत्याशियों के एजेंटों के सामने पीठासीन अधिकारियों ने सील मतपेटिकाएं खोली और सुबह 7.30 बजे सबसे पहले उन्हीं को मतदान करने का अवसर दिया। तब तक अधिकांश बूथों पर इक्का-दुक्का मतदाता पहुंचे थे क्योंकि आसमान पर छाई बदली से धूप देर से खिली और सर्द हवाएं उनका घरों से बूथ तक का रास्ता रोके रहीं, लेकिन बाद में दिन चढ़ने के साथ मतदान में तेजी आ गई। दोपहर 12 बजे तक चौका-चूल्हा के काम निपटाकर महिलाएं घरों से निकलीं तो बूथों पर भीड़ बढ़ गई।
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सुबह सर्द हवाएं चलने से शुरुआती एक घंटे तक मतदान की रफ्तार धीमी रही, लेकिन धूप निकलने के साथ दिन में नौ बजे से बूथों पर वोटरों की कतारें लगने लगीं। मतदान को लेकर ग्रामीण क्षेत्र के नगरीय निकायों में खासा उत्साह दिखा, लेकिन शहर की नगरपालिका परिषद के अधिकांश बूथों पर शुरू से आखिर तक मतदान की रफ्तार धीमी रही। मतदान की अवधि खत्म होने तक शहर की नगरपालिका के लिए सिर्फ 53.05 प्रतिशत वोट पड़ सके। मतदान के दौरान राज्य निर्वाचन आयोग के प्रेक्षक डॉ. सरोज कुमार, जिला निर्वाचन अधिकारी/डीएम नरेंद्र कुमार सिंह, एसपी केबी सिंह आदि अफसरों ने शहर समेत विभिन्न तहसीलों के निकायों मेें जाकर बूथों का निरीक्षण किया। इसी के साथ अध्यक्ष पद के 97 और वार्ड सदस्य के 1297 प्रत्याशियों का भाग्य मत पेटिकाओं में बंद हो गया।
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बता दें कि जिले के सभी दस निकायों के लिए 207 मतदान केंद्र और 527 बूथ बनाए गए थे। मतदेय स्थलों पर बीती रात से डेरा डाले पोलिंग पार्टियों ने सुबह छह बजे से मतदान की तैयारी शुरू करा दी। प्रत्याशियों के एजेंटों के सामने पीठासीन अधिकारियों ने सील मतपेटिकाएं खोली और सुबह 7.30 बजे सबसे पहले उन्हीं को मतदान करने का अवसर दिया। तब तक अधिकांश बूथों पर इक्का-दुक्का मतदाता पहुंचे थे क्योंकि आसमान पर छाई बदली से धूप देर से खिली और सर्द हवाएं उनका घरों से बूथ तक का रास्ता रोके रहीं, लेकिन बाद में दिन चढ़ने के साथ मतदान में तेजी आ गई। दोपहर 12 बजे तक चौका-चूल्हा के काम निपटाकर महिलाएं घरों से निकलीं तो बूथों पर भीड़ बढ़ गई।
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