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भारी वर्षा सें रामगंगा में फिर आया उफान, गंगा स्थिर
Updated Sat, 25 Aug 2018 11:48 PM IST
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शुक्रवार दोपहर बाद से शनिवार सुबह तक हुई भारी वर्षा और बैराजों से पानी छोड़े जाने के कारण जलालाबाद व कलान तहसील के कटरी क्षेत्र में रामगंगा तथा शहर के समीप गर्रा नदी में उफान फिर से बढ़ने लगा है। बीते 24 घंटे के मुकाबले रामगंगा दस सेमी और गर्रा 30 सेमी बढ़ गई है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष को विभिन्न बैराजों से रामगंगा में 66184 क्यूसेक पानी छोड़े जाने की सूचना मिलने से नदी में उफान जारी रहने के आसार हैं। इस बीच, नदियों के जल ग्रहण क्षेत्र में 113 मिमी बारिश से खन्नौत नदी 65 सेमी उफनाकर 143.45 मीटर पर पहुंच गई। गर्रा-खन्नौत में पानी बढ़ने से तिलहर और सदर तहसील के दो दर्जन गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है।
12 घंटे में 85.6 मिमी हुई बारिश
बूंदाबांदी की शुुरुआत शुक्रवार को सुबह से हो गई। शाम पांच बजे तक रिमझिम फुहारें गिरती रहीं और इस दौरान 27.4 मिमी बारिश रिकार्ड की गई। बीच में कुछ देर को बरसात थम गई, लेकिन आसमान पर छाए बादलों से मामूली गरज के साथ बिजली चमकती रही। रात नौ बजे से दोबारा बरसात शुरू हुई तो पानी ने रुकने का नाम नहीं लिया। गन्ना शोध परिषद के मौसम वैज्ञानिक डॉ. मनमोहन सिंह ने बताया कि शुक्रवार रात से शनिवार को सुबह आठ बजे तक 85.6 मिमी बरसात हुई और इस दौरान दिन के अधिकतम तापमान में तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई।
नरौरा और ड्यूनी बैराज से गंगा और गर्रा में बढ़ रहा पानी
नरौरा बैराज से बीते 48 घंटे तक रिलीज पानी की मात्रा लगातार घटती ही। हालांकि, इस दौरान नरौरा से पानी का बहाव एक लाख क्यूसेक के आसपास रहा और उसी के अनुरूप बदायूं के कछला घाट से लेकर कलान के भैंसार बांध तक गंगा का जल स्तर स्थिर रहा, लेकिन बारिश के साथ बैराजों से अतिरिक्त पानी की निकासी बढ़ने के साथ नदियां चढ़ने लगी हैं। बाढ़ नियंत्रण कक्ष को मिलीं रिपोर्टों के हवाले से सिंचाई विभाग के तार बाबू गिरिजा किशोर मिश्र ने बताया कि भैंसार बांध पर गंगा 24 घंटे से 142.80 मीटर पर स्थिर है, लेकिन नरौरा बैराज से शनिवार सुबह पानी की मात्रा बढ़कर 113321 क्यूसेक हो जाने से गंगा में पानी बढ़ने के आसार हैं।
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मिर्जापुर क्षेत्र में तटवर्ती गांवों के आसपास दस्तक दे रही रामगंगा
उत्तराखंड के रामनगर, खो, हरेली, किच्छा आदि बैराजों से रामगंगा में रिलीज होनेे वाले पानी की मात्रा अभी तक आठ-दस हजार क्यूसेक तक सीमित रही, लेकिन बारिश के बाद रामगंगा में उफान आने लगा है। बरेली के चौबारी घाट से लेकर मिर्जापुर क्षेत्र तक रामगंगा के जल स्तर में दस सेमी की बढ़ोतरी हो चुकी है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष के अनुसार रामगंगा में रिलीज पानी बढ़कर 66184 क्यूसेक हो जाने से अगले 24 घटे में नदी का बढ़ना जारी रहेगा। फिलहाल, रामगंगा मिर्जापुर के तटवर्ती गांव पहरुआ, हरिहरपुर, कुनियां, मौजमपुर आदि गांवों की ओर पानी फिर बढने लगा है। इससे भूमि कटान की गति थोड़ी धीमी पड़ी है, लेकिन भविष्य में जमीन तेजी से कटने के आसार बढ़ गए हैं।
तिलहर और सदर तहसील पर फिर मंडराया बाढ़ का साया
भारी वर्षा से गर्रा और खन्नौत नदियों के पेटे भर जाने से पानी आसपास के गांवों की ओर रुख करने लगा है। इस कारण तिलहर और सदर तहसील में दोनों नदियों के किनारे बसे गांवों पर बाढ़ का साया फिर से मंडराने लगा है। खुदागंज ब्लॉक के भाऊपुर गांव केे पानी से घिरने की आशंका बढ़ गई है। सिंधौली ब्लॉक के कई गांवों से लेकर शह के लोधीपुर इलाके में खन्नौत से बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।
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12 घंटे में 85.6 मिमी हुई बारिश
बूंदाबांदी की शुुरुआत शुक्रवार को सुबह से हो गई। शाम पांच बजे तक रिमझिम फुहारें गिरती रहीं और इस दौरान 27.4 मिमी बारिश रिकार्ड की गई। बीच में कुछ देर को बरसात थम गई, लेकिन आसमान पर छाए बादलों से मामूली गरज के साथ बिजली चमकती रही। रात नौ बजे से दोबारा बरसात शुरू हुई तो पानी ने रुकने का नाम नहीं लिया। गन्ना शोध परिषद के मौसम वैज्ञानिक डॉ. मनमोहन सिंह ने बताया कि शुक्रवार रात से शनिवार को सुबह आठ बजे तक 85.6 मिमी बरसात हुई और इस दौरान दिन के अधिकतम तापमान में तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई।
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नरौरा और ड्यूनी बैराज से गंगा और गर्रा में बढ़ रहा पानी
नरौरा बैराज से बीते 48 घंटे तक रिलीज पानी की मात्रा लगातार घटती ही। हालांकि, इस दौरान नरौरा से पानी का बहाव एक लाख क्यूसेक के आसपास रहा और उसी के अनुरूप बदायूं के कछला घाट से लेकर कलान के भैंसार बांध तक गंगा का जल स्तर स्थिर रहा, लेकिन बारिश के साथ बैराजों से अतिरिक्त पानी की निकासी बढ़ने के साथ नदियां चढ़ने लगी हैं। बाढ़ नियंत्रण कक्ष को मिलीं रिपोर्टों के हवाले से सिंचाई विभाग के तार बाबू गिरिजा किशोर मिश्र ने बताया कि भैंसार बांध पर गंगा 24 घंटे से 142.80 मीटर पर स्थिर है, लेकिन नरौरा बैराज से शनिवार सुबह पानी की मात्रा बढ़कर 113321 क्यूसेक हो जाने से गंगा में पानी बढ़ने के आसार हैं।
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मिर्जापुर क्षेत्र में तटवर्ती गांवों के आसपास दस्तक दे रही रामगंगा
उत्तराखंड के रामनगर, खो, हरेली, किच्छा आदि बैराजों से रामगंगा में रिलीज होनेे वाले पानी की मात्रा अभी तक आठ-दस हजार क्यूसेक तक सीमित रही, लेकिन बारिश के बाद रामगंगा में उफान आने लगा है। बरेली के चौबारी घाट से लेकर मिर्जापुर क्षेत्र तक रामगंगा के जल स्तर में दस सेमी की बढ़ोतरी हो चुकी है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष के अनुसार रामगंगा में रिलीज पानी बढ़कर 66184 क्यूसेक हो जाने से अगले 24 घटे में नदी का बढ़ना जारी रहेगा। फिलहाल, रामगंगा मिर्जापुर के तटवर्ती गांव पहरुआ, हरिहरपुर, कुनियां, मौजमपुर आदि गांवों की ओर पानी फिर बढने लगा है। इससे भूमि कटान की गति थोड़ी धीमी पड़ी है, लेकिन भविष्य में जमीन तेजी से कटने के आसार बढ़ गए हैं।
तिलहर और सदर तहसील पर फिर मंडराया बाढ़ का साया
भारी वर्षा से गर्रा और खन्नौत नदियों के पेटे भर जाने से पानी आसपास के गांवों की ओर रुख करने लगा है। इस कारण तिलहर और सदर तहसील में दोनों नदियों के किनारे बसे गांवों पर बाढ़ का साया फिर से मंडराने लगा है। खुदागंज ब्लॉक के भाऊपुर गांव केे पानी से घिरने की आशंका बढ़ गई है। सिंधौली ब्लॉक के कई गांवों से लेकर शह के लोधीपुर इलाके में खन्नौत से बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।