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Shahjahanpur News: अव्यवस्था के शिकार जिले के 55 आयुर्वेदिक अस्पताल

Thu, 07 Dec 2023 12:40 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर Updated Thu, 07 Dec 2023 12:40 AM IST
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55 Ayurvedic hospitals of the district victims of chaos
आयुर्वेदिक अस्पताल की टूटी छत। संवाद
शाहजहांपुर। जिले के 55 आयुर्वेदिक अस्पताल खुद ही अव्यवस्था की बीमारी से जूझ रहे हैं। किसी का भी खुद का भवन नहीं है। इन्हें या तो पीएचसी या किराये के भवनों में संचालित किया जा रहा है।
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नगर के अस्पताल की हालत तो कुछ ज्यादा ही दयनीय है। सीएमओ कार्यालय के सामने संचालित अस्पताल की छत कई जगह से टूटी हुई है। बारिश में यहां बैठना तो दूर दवाओं को बचाना तक मुश्किल होता है। डीएम ने एक साल पहले एसडीएम को जमीन खोजने के निर्देश दिए थे लेकिन ये तलाश भी पूरी नहीं हो सकी।
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करीब दो साल पहले शासन से आए एक आदेश के बाद जिले के सभी आयुर्वेदिक अस्पतालों को पीएचसी पर शिफ्ट कर दिया गया था जिन पीएचसी पर जगह नहीं थी वहां किराये के भवनों में ही अस्पताल संचालित हैं। इसके अतिरिक्त नगर में 25 बेड के आयुर्वेदिक अस्पताल का संचालन जलीकोठी में होता था। यहीं पर एएनएम सेंटर भी था। वक्फ की जमीन होने के चलते भवन खाली करा लिया गया। इसके बाद अस्पताल को सीएमओ कार्यालय के सामने बने दो कमरों में शिफ्ट कर दिया गया। जगह के अभाव में मरीजों को भर्ती कर उपचार की व्यवस्था खत्म कर दी गई। बरसात होने पर डॉक्टर को खुद को बचाना तक मुश्किल होता है। दवाई को बचाने के लिए तिरपाल डालनी पड़ती है।
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नगर के अस्पताल पर एक नजर
-150 मरीज ओपीडी में रोजाना आते हैं। बावजूद अस्पताल में स्टाफ की कमी है। यहां का कार्यभार डॉ. जगपाल राना संभालते हैं। जबकि दो स्टाफ नर्स, एक महिला नर्स, एक फार्मासिस्ट, दो चीफ फार्मासिस्ट, दो वार्ड बॉय, दो स्वीपर, एक चौकीदार और एक धोबी की नियम के अनुसार ड्यूटी होनी चाहिए। इसके सापेक्ष यहां एक फार्मासिस्ट, एक वार्ड बाॅय और स्वीपर की ही नियुक्ति है।
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ये सुविधाएं मिलनी हैं
-नगर के अस्पताल को बनवाकर आयुर्वेदिक, होम्योपैथिक, पंचकर्म योग आदि वहीं से संचालित होना है। 50 बेड का आयुर्वेदिक अस्पताल भी बनना है। जमीन नहीं मिलने के कारण अभी तक प्रस्ताव अटका है।

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जमीन को तलाशने की प्रक्रिया चल रही है। शहरी क्षेत्र में जमीन का अभाव है। इस कारण अभी प्रयास सार्थक नहीं हो सके हैं। पूरे जिले के अस्पतालों के लिए भूमि जल्द मिलने की संभावना है।
डॉ. राजीव सिंह, जिला आयुर्वेदिक अधिकारी

आयुर्वेदिक अस्पताल की टूटी छत। संवाद

आयुर्वेदिक अस्पताल की टूटी छत। संवाद

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