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डीआरएम की स्पेशल टीम का छापा, दुर्घटना राहत ट्रेन जांची
Updated Sat, 01 Dec 2018 12:24 AM IST
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डीआरएम की स्पेशल टीम का छापा, दुर्घटना राहत ट्रेन जांची
शाहजहांपुर/रोजा। उत्तर रेलवे मुरादाबाद मंडल के डीआरएम एके सिंघल की छह सदस्यों वाली स्पेशल टीम ने शुक्रवार को रोजा जंक्शन पर औचक छापामारी की। इस दौरान दुर्घटना राहत ट्रेन (एआरटी) में तमाम खामियां मिलीं। जिम्मेदार अधिकारी जांच टीम को टीआरटी में राहत-बचाव के लिए उपलब्ध सामान की सूची भी मुहैया नहीं करा सके। जांच में पता लगा कि क्रू कंट्रोलर भी औपचारिकता के नाम पर हर महीने एआरटी का निरीक्षण करते रहे। एआरटी को लेकर चीफ लोको इंस्पेक्टर की भूमिका भी संतोषजनक नहीं मिलीं।
चीफ सेफ्टी ऑफीसर ने मंगलवार को सेफ्टी ऑडिट में शाहजहांपुर और रोजा में तमाम खामियां पकड़ी थीं। बुधवार को उन्होंने इन खामियों को बैठक में डीआरएम के सामने रखा। शुक्रवार को मुरादाबाद मंडल मुख्यालय से सीनियर डीएनई जितेंद्र कुमार, सीनियर डीएसटी कुलदीप, सीनियर डीएन टू दीपक मेहरा, डीईटी मनोज पांडेय, एएसटी एके अरोड़ा की टीम शाम करीब पांच बजे डाउन-13152 कोलकाता-जम्मूतवी एक्सप्रेस से रोजा जंक्शन पहुंची। डीआरएम की स्पेशल टीम के अचानक पहुंचने से यहां हड़कंप मच गया। टीम ने गार्ड रूम देखा। यहां सुविधाओं को परखा और खाने-पीने के सामान की गुणवत्ता जांची। गार्डों से उनकी समस्याओं के बारे में पूछा। इसके बाद टीम ने एक्सीडेंट रिलीफ ट्रेन यार्ड का रुख किया। जंक्शन के सीनियर लोको इंस्पेक्टर प्रेम कुमार, क्रू कंट्रोलर हरकुमार त्रिवेदी, सेक्शन इंजीनियर अनिल कुमार, एआरटी प्रभारी शिशिर कुमार, सुधीर गुप्ता भी आ गए।
मंडल मुख्यालय से आई टीम ने सुरक्षा, संरक्षा और संचालन समेत कई बिंदुओं पर इन अधिकारियों से बात की। एआरटी में मौजूद राहत और बचाव के सामान की सूची मांगी तो एआरटी प्रभारी शिशिर कुमार ने बताया कि चार्ज सुधीर गुप्ता के पास है। सुधीर गुप्ता से सूची मांगी तो वह भी बगलें झांकने लगे। सीएलआई प्रेम कुमार, क्रू कंट्रोलर हरकुमार त्रिवेदी से एआरटी के निरीक्षण के बारे में बता किया तो बताया कि हर महीने नियमित निरीक्षण किया जाता है। ये लोग भी एआरटी में रहने वाले राहत-बचाव के सामानों के बारे में नहीं बता सके और इसकी सूची भी नहीं दे सके। इस पर टीम ने नाराजगी जताई। जांच टीम अब अपनी रिपोर्ट डीआरएम को देंगे। अधिकारियों ने एआरटी को लेकर बरती जा रही गंभीरता को लेकर कड़ी कार्रवाई से इंकार नहीं किया है।
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सेफ्टी ऑडिट में सीएसओ को मिली थीं तमाम खामियां
शाहजहांपुर। पूर्वोत्तर रेलवे के चीफ सेफ्टी ऑफिसर बीआर विप्लवी ने मंगलवार को शाहजहांपुर और रोजा स्टेशन पर सेफ्टी ऑडिट किया था। इस दौरान रेल ट्रैक, क्रॉसिंग और प्वाइंट भी देखे। यहां उनको तमाम खामियां मिलीं। शाहजहांपुर और रोजा यार्ड में प्वाइंट में गैप और पटरियां ढीली मिलने पर पीडब्ल्यूआई को फटकार भी लगाई। डाउन लाइन पर शाहजहांपुर से रोजा के बीच तीन स्थानों पर कॉशन भी लगवाए। बुधवार को सीएसओ ने बुधवार को मंडल रेल प्रबंधक एके सिंघल समेत अन्य मंडलीय अधिकारियों के साथ बैठक में इन खामियां को रखा था। इसके बाद से ही शाहजहांपुर और रोजा डीआरएम के निशाने पर हैं।
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सीएसओ की फटकार से नहीं लिया सबक
रोजा। सीफ सेफ्टी ऑफिसर बीआर विप्लवी ने मंगलवार को सेफ्टी ऑडिट के दौरान एआरटी को भी जांचा था। उन्होंने खामियां भी पकड़ीं, कई जिम्मेदारों को फटकार लगाते हुए सुधार की हिदायत दी। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों ने इस पर गौर नहीं किया। शुक्रवार को डीआरएम की स्पेशल टीम के सामने भी वही कमियां निकल कर सामने आईं। टीम में शामिल अधिकारियों ने एआरटी प्रभारी, सीएलआई, क्रू कंट्रोलर यह यह भी पूछा कि जब सीएसओ ने यह खामियां पकड़ी तो अब तक सुधार क्यों नहीं किया गया। इस पर भी यहां अधिकारी कोई जवाब नहीं दे सके।
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मुरादाबाद से लखनऊ तक तीन एआरटी यार्ड
दुर्घटना राहत ट्रेन की किसी तरह की दुर्घटना होने पर महत्वपूर्ण भूमिका होती है। कई बार हादसे ऐसी जगहों पर होते हैं जहां सड़क मार्ग से नहीं पहुंचा जा सकता। वहां एआरटी से ही राहत बचाव कार्य किए जाते हैं। मुरादाबाद से लखनऊ तक के करीब 530 किमी लंबे रेल रूट पर मुरादाबाद, रोजा जंक्शन और लखनऊ में एआरटी यार्ड हैं। जरूरत होने पर यहां से एआरटी दूसरे रूटों पर भी भेजी जाती हैं। शाहजहांपुर से लखनऊ की दूसरी करीब 165 और मुरादाबाद की दूसरी 360 किमी है। ऐसे में रोजा में एआरटी यार्ड की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है।
शाहजहांपुर/रोजा। उत्तर रेलवे मुरादाबाद मंडल के डीआरएम एके सिंघल की छह सदस्यों वाली स्पेशल टीम ने शुक्रवार को रोजा जंक्शन पर औचक छापामारी की। इस दौरान दुर्घटना राहत ट्रेन (एआरटी) में तमाम खामियां मिलीं। जिम्मेदार अधिकारी जांच टीम को टीआरटी में राहत-बचाव के लिए उपलब्ध सामान की सूची भी मुहैया नहीं करा सके। जांच में पता लगा कि क्रू कंट्रोलर भी औपचारिकता के नाम पर हर महीने एआरटी का निरीक्षण करते रहे। एआरटी को लेकर चीफ लोको इंस्पेक्टर की भूमिका भी संतोषजनक नहीं मिलीं।
चीफ सेफ्टी ऑफीसर ने मंगलवार को सेफ्टी ऑडिट में शाहजहांपुर और रोजा में तमाम खामियां पकड़ी थीं। बुधवार को उन्होंने इन खामियों को बैठक में डीआरएम के सामने रखा। शुक्रवार को मुरादाबाद मंडल मुख्यालय से सीनियर डीएनई जितेंद्र कुमार, सीनियर डीएसटी कुलदीप, सीनियर डीएन टू दीपक मेहरा, डीईटी मनोज पांडेय, एएसटी एके अरोड़ा की टीम शाम करीब पांच बजे डाउन-13152 कोलकाता-जम्मूतवी एक्सप्रेस से रोजा जंक्शन पहुंची। डीआरएम की स्पेशल टीम के अचानक पहुंचने से यहां हड़कंप मच गया। टीम ने गार्ड रूम देखा। यहां सुविधाओं को परखा और खाने-पीने के सामान की गुणवत्ता जांची। गार्डों से उनकी समस्याओं के बारे में पूछा। इसके बाद टीम ने एक्सीडेंट रिलीफ ट्रेन यार्ड का रुख किया। जंक्शन के सीनियर लोको इंस्पेक्टर प्रेम कुमार, क्रू कंट्रोलर हरकुमार त्रिवेदी, सेक्शन इंजीनियर अनिल कुमार, एआरटी प्रभारी शिशिर कुमार, सुधीर गुप्ता भी आ गए।
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मंडल मुख्यालय से आई टीम ने सुरक्षा, संरक्षा और संचालन समेत कई बिंदुओं पर इन अधिकारियों से बात की। एआरटी में मौजूद राहत और बचाव के सामान की सूची मांगी तो एआरटी प्रभारी शिशिर कुमार ने बताया कि चार्ज सुधीर गुप्ता के पास है। सुधीर गुप्ता से सूची मांगी तो वह भी बगलें झांकने लगे। सीएलआई प्रेम कुमार, क्रू कंट्रोलर हरकुमार त्रिवेदी से एआरटी के निरीक्षण के बारे में बता किया तो बताया कि हर महीने नियमित निरीक्षण किया जाता है। ये लोग भी एआरटी में रहने वाले राहत-बचाव के सामानों के बारे में नहीं बता सके और इसकी सूची भी नहीं दे सके। इस पर टीम ने नाराजगी जताई। जांच टीम अब अपनी रिपोर्ट डीआरएम को देंगे। अधिकारियों ने एआरटी को लेकर बरती जा रही गंभीरता को लेकर कड़ी कार्रवाई से इंकार नहीं किया है।
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सेफ्टी ऑडिट में सीएसओ को मिली थीं तमाम खामियां
शाहजहांपुर। पूर्वोत्तर रेलवे के चीफ सेफ्टी ऑफिसर बीआर विप्लवी ने मंगलवार को शाहजहांपुर और रोजा स्टेशन पर सेफ्टी ऑडिट किया था। इस दौरान रेल ट्रैक, क्रॉसिंग और प्वाइंट भी देखे। यहां उनको तमाम खामियां मिलीं। शाहजहांपुर और रोजा यार्ड में प्वाइंट में गैप और पटरियां ढीली मिलने पर पीडब्ल्यूआई को फटकार भी लगाई। डाउन लाइन पर शाहजहांपुर से रोजा के बीच तीन स्थानों पर कॉशन भी लगवाए। बुधवार को सीएसओ ने बुधवार को मंडल रेल प्रबंधक एके सिंघल समेत अन्य मंडलीय अधिकारियों के साथ बैठक में इन खामियां को रखा था। इसके बाद से ही शाहजहांपुर और रोजा डीआरएम के निशाने पर हैं।
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सीएसओ की फटकार से नहीं लिया सबक
रोजा। सीफ सेफ्टी ऑफिसर बीआर विप्लवी ने मंगलवार को सेफ्टी ऑडिट के दौरान एआरटी को भी जांचा था। उन्होंने खामियां भी पकड़ीं, कई जिम्मेदारों को फटकार लगाते हुए सुधार की हिदायत दी। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों ने इस पर गौर नहीं किया। शुक्रवार को डीआरएम की स्पेशल टीम के सामने भी वही कमियां निकल कर सामने आईं। टीम में शामिल अधिकारियों ने एआरटी प्रभारी, सीएलआई, क्रू कंट्रोलर यह यह भी पूछा कि जब सीएसओ ने यह खामियां पकड़ी तो अब तक सुधार क्यों नहीं किया गया। इस पर भी यहां अधिकारी कोई जवाब नहीं दे सके।
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मुरादाबाद से लखनऊ तक तीन एआरटी यार्ड
दुर्घटना राहत ट्रेन की किसी तरह की दुर्घटना होने पर महत्वपूर्ण भूमिका होती है। कई बार हादसे ऐसी जगहों पर होते हैं जहां सड़क मार्ग से नहीं पहुंचा जा सकता। वहां एआरटी से ही राहत बचाव कार्य किए जाते हैं। मुरादाबाद से लखनऊ तक के करीब 530 किमी लंबे रेल रूट पर मुरादाबाद, रोजा जंक्शन और लखनऊ में एआरटी यार्ड हैं। जरूरत होने पर यहां से एआरटी दूसरे रूटों पर भी भेजी जाती हैं। शाहजहांपुर से लखनऊ की दूसरी करीब 165 और मुरादाबाद की दूसरी 360 किमी है। ऐसे में रोजा में एआरटी यार्ड की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है।